रेवांचल टाइम्स :- लांजी के पूर्व विधायक किशोर समरीते को आखिरकार भोपाल की विशेष अदालत से जमानत मिल गई जिसके साथ की समर्थकों ने राहत की सास ली और खुशी जताई है वही पूर्व विधायक किशोर समरीते के अधिवक्ता नदीम कुरेशी ने कहा कि समरीते पर लगाए गए सारे आरोप झूठे वादे मनगढ़ंत थे जोकि प्रशासन पुलिस और राजेश पाठक की आपसी मिलीभगत के चलते मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था बता दें कि पूर्व विधायक किशोर समरीते के खिलाफ ब्राम्हण समाज के जिला अध्यक्ष व आबकारी ठेकेदार राजेश पाठक ने शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें आरोप है कि श्री समरीते के द्वारा ब्लैक मेलिंग करते हुए उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही आरक्षक और एस आई की हत्या करने के आरोप में फसाने , रेत और शराब के कारोबार नहीं करनी देने के व बंद करवा देने की धमकी देने, २ लाख गायों के कटवाने के आरोप लगाकर मेरी छबि को धूमिल करने की शिकायत की थी श्री समरीते पर यह भी आरोप है कि उन्होंने राजेश पाठक पर लगाए गए यह सभी आरोप इसलिए लगाए हैं की उन्होंने श्री समरीते के द्वारा कर्मचारियों से 20000 रुपए प्रतिमा की राशि को देना बंद कर दिया है जिसके आधार पर भरवेली पुलिस ने श्री समरीते के खिलाफ धारा 386, 389, का अपराध दर्ज किया था श्री समरीते को इस मामले में पुलिस ने भोपाल पहुंचकर गिरफ्तार किया और 12 जून को माननीय न्यायालय में पेश किया गया था माननीय न्यायालय ने पेश करने के दौरान पुलिस ने उनके खिलाफ घर में घुसकर घूस मांगने के मामले में धारा 452 का इजाफा कर दिया था जिसके चलते न्यायालय द्वारा श्री समरीते की जमानत याचिका खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था इसके पश्चात श्री समरीते की ओर से जिला सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई थी लेकिन यहां पर भी उनकी जमानत खारिज कर दी गई थी माननीय न्यायालय ने प्रकरण को पूर्व विधायक, सांसद, पूर्व मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए नियत विशेष अदालत से जुड़ा मामला होना बताकर यह जमानत खारिज कर दी थी जिसके चलते श्री समरीते को जेल में ही रहना पड़ा था इसके बाद उनके मामले की डायरी भोपाल के विशेष अदालत में पेश की गई थी जहां पर श्री समरीते को 21 जून को जमानत मिल गई है बता दें कि जनप्रतिनिधि के लिए खास तौर पर पूर्व विधायक पूर्व मंत्री पूर्व सांसद, विधायक के लिए विशेष अदालत कार्यरत है समरीते का मामला भी वहीं से जुड़ा था इसी के चलते श्री समरीते के पूर्व विधायक होने के चलते उनके भी मामले को भोपाल स्थित विशेष अदालत में सुना गया जहां से उन्हें जमानत मिल गई इस संबंध में श्री समरीते के अधिवक्ता नदीम कुरैशी ने बताया कि श्री समरीते की जमानत याचिका मंजूर हो गई थी और माननीय न्यायालय ने श्री समरीते को जमानत दे दी श्री समरिते के खिलाफ लगाए गए आरोप के संदर्भ में हमारी ओर से दलील दी गई कि जिस पूर्व विधायक को ₹35000 मासिक पेंशन मिल रही है वह राजेश पाठक से उसके घर जाकर ₹20000 की मांग कैसे कर सकता है अगर राशि की मांग करने निवास पर पहुंचे हैं तो सीसी टीवी कैमरे लगे हैं उसके फुटेज पेश करें जिस कर्मचारी बब्बू सिंह के नाम से घुस मांगे जानी की रिपोर्ट कराई गई है वह स्वयं ही थाना प्रभारी को रिश्वत देने का आरोपी है इसी तरह से पुलिस अधीक्षक और श्री पाठक एक ही समाज के हैं और उन्होंने साजिश के तहत इस केस में फसाया है जबकि रेत व शराब के अवैध कारोबार में राजेश पाठक की संलिप्तता किसी से छुपी नहीं है श्री समरीते पूर्व विधायक और जनसेवक हैं जो पाठक के अवैध कारोबार को लेकर सवाल करते रहें इसी के चलते उन्हें फंसाया गया इस तरह के तर्क से माननीय न्यायालय ने संतुष्ट होकर श्री समरीते को जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी कर दिये
रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज सिंह बनाफरे

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