रेवांचल टाइम्स :- नैनपुर में विगत 2 दिनों से हो रही बारिश से क्षेत्र के तीनों रेलवे अंडर पास में पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो रहा है। पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बाइक सवार व चार पहिया वाहन पानी में फंस जाने के कारण परेशान हो रहे है। क्षेत्र के लोगों ने कई बार रेलवे अधिकारियों से पानी निकासी एवं साफ सफाई के लिए शिकायत की, लेकिन आज तक पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं कराई गई।
रेलवे विभाग ने अंडर पास तो बना दिया, लेकिन पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं कराया। इससे लोगों को कितनी परेशानी हो रही है इसका उसे अंदाजा नहीं है। वार्ड नंबर 6 से वार्ड नंबर 8 पहुंच मार्ग के बीच रेलवे अंडरपास एवं वार्ड नंबर 6 नील कमल चौक में बना हुआ रेलवे अंडरपास मार्ग में बारिश का पानी भर जाने से आने-जाने वाले राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह वार्ड नंबर 15 के अंडर पास में पानी भर जाने से आवागमन आए दिन बाधित रहता है। हालांकि आसपास के मैदान में भरा पानी एवं घरों की नालियों का पानी भी इसमें भर जाता है। अंडर पास में पानी भर जाने के कारण स्थानीय लोगों को पैदल चलने एवं वाहन निकालने में अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है कई बार गाड़ी सिलिप होने का खतरा बना रहता है पानी जाम होने की स्थिति में कीचड़ भी हो जाता है जिसकी वजह से गाड़ियों के टायर सिलिप मारते हैं जिससे दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।
क्षेत्र के लोगों ने आक्रोश जताते हुए बताया कि जब से रेलवे विभाग ने अंडर पास बनाया है तब से लेकर आज तक पानी निकासी की उचित व्यवस्था ना होने के कारण यहां 12 महीना पानी भरा रहता है, एवं अंडरपास की दीवारों में दरारें आ गई हैं जिससे पानी की पिझर फूट रही है जो निर्माण कार्य की गुणवत्ता को दर्शा रहा है। बारिश के समय में पानी घुटनों तक पहुंच जाता है। जिससे वाहन चालकों को भी पैदल चलकर ही अंडर पास पार करना पड़ता है।
रेल विभाग द्वारा कुछ वर्ष पहले अंडरपास बनाया गया। इससे क्षेत्र के लोगों में आस जगी कि अब फाटक पर खड़े होकर ट्रेन का इंतजार नहीं करना होगा। जबकि अंडरपास बनने के बाद से उसमें बारिश एवं रहवासी क्षेत्र का पानी इकठ्ठा होने लगा। इससे क्षेत्रवासियों को मजबूरी में उसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। अंडरपास की गहराई अधिक होने के कारण बारिश के मौसम में अधिक पानी भर जाता है जिसमें दो पहिया वाहन का चलना भी दुश्वार हो जाता है। जबकि आटो व अन्य चार पहिया वाहन जाने के लिए तैयार नहीं होते है। वहीं पैदल जाने वाले क्षेत्रवासी मजबूर होकर रेलवे ट्रैक से ही आ-जा रहे हैं।
नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट

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