रेवांचल टाइम्स.. डिंडोरी जिला आदिवासी बाहुल्य जिला मैं इन दिनों लगातार एक तरफ कोरोना महामारी से शासन-प्रशासन त्रस्त है संक्रमण रोकने के लिए तमाम तरह की कोशिशों में जुटा है वही आपदा में अवसर की तलाशने तथाकथित ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को रोजगार देने की आड़ में घटिया निर्माण कराने व फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासन को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ते ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है डिंडोरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मुड़िया कला में लगभग 14 लाख रुपए की लागत से स्टॉप डैम निर्माण कार चल रहा है जहां ग्रामीणों समेत रोजगार सहायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि यहां पर गुणवत्ता हीन निर्माण कार्य चल रहा है ठेकेदार उपयंत्री और एसडीओ मनमानी पूर्वक काम और अपने चाहते ठेकेदार से काम करवा रहे हैं जो एकदम घटिया निर्माण कार्य करवाया जा रहा है और यहां निर्माण कार्य बिना निविदा प्रकाशित किए ही अपने चहेते ठेकेदार को निर्माण कार्य करने की स्वीकृति दे दी आखिरकार क्या करें गांधीजी के आगे तो सभी नतमस्तक हो जाते हैं वैसे तो ग्राम पंचायत के निर्माण कार्य में एसडीओ उपयंत्री हमेशा से ही सुर्खियों में छाए रहते हैं इसकी वजह यह है कि इन भ्रष्ट अधिकारियों पर हमारे उच्च अधिकारियों द्वारा कड़ी कार्यवाही ना किए जाना ही भ्रष्टाचार को जन्म देती है अधिकारियों को कार्यवाही ना करना जी कोई नई बात नहीं है ना जाने ऐसी ऐसी कितनी शिकायतों के आवेदन उच्च अधिकारियों के टेबल के नीचे धूल खा रही हैं ग्राम पंचायत मुड़िया कला में लगभग 14 रुपए की लागत से चेक डैम मैं निर्माण कार्य करा रहे ऐसे में सवाल खड़े होता है कि आखिर यह फर्जीवाड़े का सहभागी सप्लायर कौन है.. सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार राजकुमार नामक व्यक्ति ही एसडीओ और उपयंत्री का खास सप्लायर है जो मेहदंवानी से खासकर बुलवाया गया है तो यह महाशय मेहदंंवनी से आकर जनपद पंचायत डिंडोरी की ग्राम पंचायत मुड़िया कला में कारोबार फैलाए हुए हैं उपयंत्री और एसडीओ की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का कारोबार फैलाए हैं जानकार बताते हैं कि सिर्फ मेहदंवानी जनपद पंचायत में पदस्थ रहे एसडीओ सोलंकी के द्वारा भुगतान कराए गए बिलो और माप पुस्तिका की जांच हो जाए तो इस चाहते सप्लायर और एसडीओ सोलंकी का बड़ा घोटाला सामने आ सकता है
रेवांचल टाइम्स से प्रमोद पड़वार की खास रिपोर्ट सच के साथ ✒️✒️✒️✒️😷😷

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