रेवांचल टाईम्स :- चोरी में आ रहा था एक सरकारी शिक्षक का नाम जिसे बचाने के लिए सरपंच दिन भर बैठा रहा अंजनिया चौकी में
मण्डला ज़िले के अंजनिया क्षेत्र में एक बड़ा ही अजीबो-गरीब मामला सामने आया है जिसमें एक कंटेनर पतंजलि के उत्पादों को लेकर हरिद्वार से रायपुर जा रहा था। ट्रक में ड्राइवर के साथ उसका सहयोगी ड्राइवर भी था।
उक्त लोगों के द्वारा अंजनिया बायपास स्थित ढाबे पर रात्रि विश्राम करने का विचार बनाया गया। वहाँ ढाबे में उन्हें एक युवक मिला जिसने अपने आप को चौकीदार बताया और कहा कि आप मुझे खर्च देंगे तो मैं रात भर आपके ट्रक की देखभाल करूंगा मैं यही काम करता हूँ। ट्रक ड्राइवर ने उस पर भरोसा कर हाँ कह दिया । सुबह जब ट्रक चालक-परिचालक ने ट्रक के टैंक की तरफ देखा तो उनके होश उड़ गए । ट्रक का डीज़ल चोरी हो चुका था और वह चौकीदार युवक मौके से गायब था ।
ढाबे के कर्मचारियों के माध्यम से उस युवक को पकड़ा गया और अंजनिया पुलिस चौकी लाया गया जहाँ आरोपी युवक ने अपने अन्य साथियों का खुलासा किया
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार आरोपी युवक के द्वारा जिनका नाम लिया गया वह अंजनिया के ही रहने वाले एक सरकारी शिक्षक जिनके ऊपर पूर्व में भी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, शिक्षक का नाम सामने आया किंतु इस पूरी घटना में एक अजीब सा मोड़ आ गया चूंकि वह ढाबा जहां चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था वो ढाबा विकास खण्ड भुआ बिछिया के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अंजनिया के सरपंच सुधीर मरावी का बताया जाता है और इस पूरी घटना में सरपंच की एंट्री हुई । प्राप्त जानकारी अनुसार ऐसे आरोप सरपंच के ऊपर लगे हैं कि अंजनिया सरपंच ने स्वयं के ढाबे को बदनामी से बचाने और वोट बैंक की राजनीति के चक्कर में अंजनिया के शिक्षक को बचाने के लिए पूरा दिन थाने में बैठकर और ट्रक ड्राइवर से सेटलमेंट करने के चक्कर में प्रयास किया और सेटलमेंट करवा कर ही माने ।
वही एक ज़िम्मेदार सरपंच के द्वारा चोरी के आरोपी को बचाना नैतिकता के खिलाफ है ।
वही शोसल मीडिया में कुछ वीडियो भी वायरल हुई हैं जिनमे ट्रक ड्राइवर ने पूरी घटना का बखान किया और यह भी बताया कि पुलिस ने आरोपी को पकड़कर थाने ले गई है पर सवाल यह है कि लगभग 250 लीटर डीज़ल की चोरी के आरोपियों को ऐसे कैसे छोड़ दिया गया????
एक और वीडियो में ढाबे के ही कर्मचारियों द्वारा डीज़ल बापस डलवाने और किसी मास्टर माइंड की मिलीभगत की बात कही जा रही है और पकड़ाए आरोपी ने भी शिक्षक का नाम लिया था ऐसी सूचना प्राप्त हुई है। पर उसके बाद भी किसी प्रकार की कोई कार्यवाई नही हुई ।
वही सूत्रों की जानकारी के अनुसार इस सरकारी शिक्षक के ऊपर पहले भी कई गंभीर अपराधो में नाम आया हैं, वही पूर्व में इस शिक्षक का परिवार लोगों की ज़मीन में कब्जा कर झूठी एट्रोसिटी की शिकायत करने का काम भी करता है पूर्व में ऐसे विभिन्न लोगों वीडियो बनाकर यह जानकारी वायरल की थी ।
इस प्रकार नेशनल हाइवे में हुई घटना एक प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है कि आरोपी को बचाने के लिए क्या क्या हो सकता है । और कही न कही इस प्रकार के अपराध को संरक्षण देने में स्थानीय पुलिस के द्वारा कार्यवाही न करना और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के ऐसे मामलों में सामने आना और उन्हें बचाना किस हद तक सही है।एक बड़ा सवाल बन गया है।



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