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भ्रष्टाचार का चारागाह बना लोक निर्माण विभाग भ्रष्टाचार कर भूल जाने का नया बहाना....कोरोना के बाद से मेरी याददाश्त कमजोर हो गई है-शारदा सिंह... - revanchal times new

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निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

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Sunday, July 23, 2023

भ्रष्टाचार का चारागाह बना लोक निर्माण विभाग भ्रष्टाचार कर भूल जाने का नया बहाना....कोरोना के बाद से मेरी याददाश्त कमजोर हो गई है-शारदा सिंह...

 



पीडब्ल्यूडी द्वारा किए गए भ्रष्टाचार का कार्यपालन यंत्री से मांगा जवाब

रेवांचल टाईम्स - मण्डला आदिवासी जिला भ्रस्ट और भ्रष्टाचार करने वाले जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारीयो का चरागाह बन गया है और सरकारी योजनाओं में खुलके कमीशन ख़ोरी पद का दुरूपयोग कर और भ्रष्टाचार कर भूल जाओ जब कोई किये गए भ्रष्टाचार की जानकारियां ले तो कोरोना या बीमारी को जिम्मेवार ठहरा दो।

         वही इन दिनों मंडला जिले के सभी विकास खण्डो में लोक निर्माण विभाग ढूंढ ढूंढ कर अपने करीबी चहेते ठेकेदारों से सड़कों का मरम्मती करण और नई सड़के बना रहा है और बन रही सड़को में गुणवत्ता का कोई ध्यान न रख खुलाकर कमीशन बाजी की जा रही है, नियम कानून को दरकिनार कर बन रही सडकों में केवल और केवल खाना पूर्ति की जा रही है जिसकी पोल पहली बारिश ने ही खोलकर रख दी है जो सड़के का निर्माण हुआ है वह पहली बारिश का पानी भी नही झेल सकी जगह जगह से सड़के धस गई तो कही की सड़कें ही बह गई पर विभाग के जिम्मेदार उपयंत्री, अनुविभागीय अधिकारी और ठेकेदारों को जिम्मेदार कार्यपालन यंत्री का खुला संरक्षण प्राप्त है, और जब हो रहे कार्यो के बारे में जानना चाहो तो कार्यपालन यंत्री मैडम जी का नया बहाना की कहा कहा क्या क्या काम हो रहे है मुझे कुछ याद नही है कोरोना के बाद से मेरी याददाश्त कमजोर हो चुकी है, पर अपने कार्यालय में बैठे बैठे दलालों और ठेकेदारों से मिलने और उनसे बात कराना और कौन ठेकेदार है और कौन दलाल है उन्हें सब याद है और किससे कब मिलना है क्या बात करनी है ये बात भी मेडम जी को याद रहता है बस याद नही है तो चल रहे कार्यो की जानकारी की कहा कहा कौन कौन कार्य कर रहे है।

       वही जिले में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार कर उसे लीपापोती करना जाँच करना और उस जाँच की कार्यवाही में सच्चाई सामने न आना ये आम बात है 

          मंडला जिले में लोक निर्माण विभाग भ्रष्टाचारी कमीशन ख़ोरी अव्वल दर्जे पर बना हुआ हैं, लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों के द्वारा मुंह छुपाने का मुख्य कारण उनके द्वारा शासकीय योजनाओं को लेकर शासकीय आवंटित राशियों का गबन एवं बंदरवाट किया जाना है। इसके पहले भी कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग शारदा सिंह से निर्माण कार्यों में किए गए गबन-घोटाले पद का दुरूपयोग एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ताहीन कार्यों के साथ - साथ समय सीमा में नहीं होने वाले कार्यों को लेकर लागतार समाचार प्रकाशन हो रहा है और पुनः समाचार में प्रकाशन हेतु जानकारी चाही गई तो शारदा सिंह से विभागीय लापरवाही बरतने एवं मनमानी रवैया का कारण जानना चाहा परन्तु अपनी हिस्सेदारी बटोरने के चलते किए गए शासन-प्रशासन की नियमावली का उलंघन का कारण श्रीमती सिंह बताने से कतराते नजर आई जो उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार को स्पष्ट करती है।

शारदा सिंह ने भ्रष्टाचार का जवाब देने से बचने के लिए याददाश्त कमजोरी की बात कही

        वही जिले में चल रहे लोक निर्माण विभाग के कार्यो एवं उनकी गुणवत्ता को लेकर कार्यपालन यंत्री शारदा सिंह से जवाब मांगा गया तो उन्होंने निर्माण कार्यों में हुए भ्रष्टाचार और लापरवाहियों को छुपाने के लिए यह कहकर टाल दिया कि "कोरोना के बाद से मेरी याददाश्त कमजोर हो गई है और मुझे कुछ याद रहता नहीं इसलिए जिले में लोक निर्माण विभाग के कितने निर्माण कार्य चल रहे हैं मुझे जानकारी नहीं है।" अब सवाल यह उठता है कि जिले के एक जिम्मेदार पद पर आसीन अधिकारी द्वारा इस तरह जवाब देना और भ्रष्टाचार और लापरवाहियों को छुपाने के लिए ये किस तरह का बहाना कि कोरोना और याददाश्त का सहारा लेना कहां तक उचित है? जहां लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदार कार्यपालन यंत्री शारदा सिंह पिछले जवाब में वीसी की बात कहकर एक पत्रकार के साथ अभद्रता करके अपनी करतूतों पर पर्दा डालते हुए सामने आई थी, वहीं आये दिन टी एल, वी सी, जनसुनवाई के साथ-साथ जिला स्तरीय अधिकारी होने के चलते आये दिन प्रदेश स्तरीय अधिकारियों, नेताओं, मंत्रियों के साथ वी सी के माध्यम से जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी देना होता है और वहीं लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन यंत्री शारदा सिंह द्वारा याददाश्त कमजोर होने और कोरोना के बाद कुछ याद नहीं रहने की बात कही जा रही है ये आखिर कहाँ तक सच है और अगर सच है तो ऐंसे लापरवाह, अस्वस्थ्य और विभाग में खुलेआम सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के साथ साथ मनमानी रवैया और ठेकेदारों से सांठगांठ कर घटिया निर्माण कार्यो में अनदेखी कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले ऐसे अधिकारी को एक आदिवासी बाहुल्य जिले की जवाबदारी सौंपकर जिले की विकास कार्यों को चौपट क्यों किया जा रहा है, ऐंसे अस्वस्थ्य और लापरवाही रवैया अपनाने वाले विभाग प्रमुख को तत्काल जिले से हटाकर अच्छा से अच्छा ईलाज कराना चाहिए और जिले में साफ स्वास्थ्य मानसिकता वाले अधिकारी को दाईत्व देकर विकास कार्यों में गति प्रदाय किया जाना चाहिए। वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में बनी सड़को रेस्ट हाउस की मरम्मत कार्य और पुल पुलिया में हुए भ्रष्टाचार को छुपाने बहानो का सहारा ले रही है और वह पहले भी पदस्थ रही अन्य जिले में खुल कर भ्रष्टाचार कर अपना स्थान्तरण करवा मंडला आई थी अब वह दूसरे जिले में अपनी सेवायें देने और होने वाली जाँच से बचने जल्द से जल्द अपना स्थान्तरण कर जाने का पूरा प्रयास कर रही है। 

इनका कहना है----

     -कोरोना के बाद से मेरी याददाश्त कमजोर हो गई है मुझे ज्यादा कुछ याद रहता नहीं इसलिए जिले में चल रहे लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों की मुझे जानकारी याद नहीं है।

                              श्रीमती शारदा सिंह

                                  कार्यपालन यंत्री

                          लोक निर्माण विभाग मण्डला।

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