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Monday, July 24, 2023

सावन का तीसरा और अधिकमास का पहला सोमवार व्रत आज, इस शुभ मूहूर्त में करें भोलेनाथ की पूजा



सावन का महीना भगवान शिव की अराधना के लिए बेहद ही खास और महत्वपूर्ण माना गया है. कहते हैं कि इस माह यदि विधि-विधान से भोलेनाथ का पूजन किया जाए तो वह प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. यह साल बेहद ही खास है क्यों​कि इस साल दो सावन पड़ रहे हैं यानि भगवान शिव की अराधना के लिए भक्तों को 50 दिन मिलेंगे. क्योंकि इस बार अधिकमास यानि मलमास का महीना लग गया है जिसे अंग्रेजी भाषा में लीप ईयर कहा जाता है. आज 24 जुलाई को सावन का तीसरा और अधिकमास का पहला सोमवार व्रत है. आइए जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा की सही विधि.
सावन सोमवार व्रत 2023 शुभ मुहूर्त

सावन अधिकमास के पहले सोमवार के दिन कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं और यदि इस दौरान भोलेनाथ का पूजन किया जाए तो शुभ फल प्राप्त होता है. पंचांग के अनुसार आज यानि 24 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 52 मिनट तक शिव योग रहेगा. इसके अलावा सुबह 5 बजकर 38 मिनट से रवि योग लग गया है जो कि रात 10 बजक 12 मिनट तक रहेगा.

सावन के महीने में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना बेहद ही फलदायी माना गया है और आज सोमवार के दिन रुद्राभिषेक का मुहूर्त दोपहर 1 बजकी 42 मिनट तक रहेगा. सबसे खास बात है कि पंचांग के मुताबिक आज शिववास नंदी पर है और मुहूर्त में यदि रुद्राभिषेक किया जाए तो भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.
सावन सोमवार के दिन ऐसे करें पूजा

सावन अधिकमास के सोमवार के दिन व्रत रख भोलेनाथ को प्रसन्न किया जाता है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करें और फिर मंदिर को स्वच्छ करें. फिर सभी देवी-देवताओं का गंगाजल से अभिषेक करें और भगवान शिव के समय घी का दीपक जलाएं. ध्यान रखें कि शिवलिंग पर जल मंदिर में जाकर ही चढ़ाना चाहिए. यदि घर में पारद की शिवलिंग है तो आप विधि-विधान से जलाभिषेक कर सकते हैं. अन्यथा मंदिर में जाकर ही भोलेनाथ का पूजन करें.

शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद से अभिषेक करें. फिर पुष्प अर्पित करें और बेलपत्र चढ़ाएं. इसके बाद भांग और धतूरा चढ़ाएं. फिर भगवान दीप जलाएं और आरती करें. व्रत के दिन पूजा के बाद व्रत कथा पढ़ें. दिन भर फलाहार करने के बाद शाम के समय पूजा के बाद व्रत का पारण करें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं.रेवांचल टाईम्स इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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