रेवांचल टाईम्स - मंडला, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ० श्री नाथ सिंह ने जानकारी दी कि डेंगू नियंत्रण माह के अंतर्गत विभाग के द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही है। उन्होंने आगे कहा है कि काल में जगह-जगह पानी इकठठा होता है तथा हमारे घर के आसपास पानी के कंटेनर व कबाड़ समान टायर, टंकी गमले मटके कूलर इत्यादि में जमा पानी में मच्छर अंडे देकर वृद्धि करते हैं जिनके काटने से मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया बीमारियां फैलने की संभावना रहती है अतः ऐसे जल पात्रो में भरा पानी सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें जिससे इनमें पनप रहे मच्छर के ला नष्ट हो जाते है मच्छरों की वृद्धि जाती है। मच्छर से फैलने वाले मलेरिया रोग में सामान्यतः बुखार, कमजोरी, हाथ पैर में दर्द, उल्टी आना जैसे लक्षण हो सकते है
डेंगू के लक्षण- तेज बुखार, सिर दर्द, पीठ और जोड़ो में दर्द, आंखो के पीछे दर्द, मसूडो नाक से खून आना, शरीर पर लाल चकत्ते आना जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे मरीज को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में निःशुल्क खून जांच एवं परीक्षण करवाना चाहिए एवं चिकित्सीय परामर्श से दवा का पूर्ण सेवन करना चाहिए। मलेरिया के लक्षण- तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी आना, ठंड लगकर बुखार आना।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मच्छर से फैलने वाले मलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया बीमारी से बचाव हेतु आमजन से अपील की है। मच्छरो की वृद्धि रोकने के लिए अपने घर व घरो के आसपास पानी इकठठा न होने दे। पात्रो में भरा पानी सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें मच्छरों से बचाव करें सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। 1 पूरे आस्तीन के कपड़े पहने मच्छर भगाने वाले साधन जैसे कीन, काइल रिपेलेन्ट इत्यादि का उपयोग करें बुखार आने पर स्वास्थ्य केन्द्र में जांच करायें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देश दिए है कि वर्षाकाल के दौरान मच्छर जनित बीमारियां होती है इसके लिए मच्छर के लार्वा सर्वे करायें। बुखार के मरीज की खून जांच करायें एवं जनजागरूकता कार्यक्रम करें।

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