दैनिक रेवांचल टाइम्स - 17 जुलाई 2023 कन्या शिक्षा परिसर पड़रिया (बिछियां ) अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया । शिविर में न्यायाधीश एवं तहसील अध्यक्ष श्वेता परते तिवारी ने अपने उद्बोधन में महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए | उन्होंने कहा की हम आत्ममंथन कर दुविधाओं से बच सकते हैं । कानून का हमारे जीवन में कितना महत्व है ' जिस तरह अनुशासन हमारे लिए महत्वपूर्ण है उसी तरह कानून भी हमारे लिये महत्वपूर्ण है, ला एंड आर्डर को कैसे रेगुलेट किया जाये, कैसे फालो करें, हम भारत के नागरिक है, हमे अधिकार दिये गये है उसी तरह हमें कर्तव्य भी मिले है अधिकार व कर्तव्य के साथ हमें बेलेंस करते हुये चलना है हमें सही और गलत में फर्क समझ मे आना चाहिये हम पहले आत्म मंथन कर ले तो हम कई दुविधाओं से बच सकते है 17 जुलाई को आवाज एंव कन्या शिक्षा परिसर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित "अंतर्राष्ट्रीय न्याय के लिए विश्व दिवस " के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर के अवसर पर व्यक्त कर रही था.यदि हम चाहते है कि किसी कानूनी प्रक्रिया में न फंसे तो किसी को परेशान न करे न ही किसी बच्चे को किसी भी प्रकार से परेशान करे जिस तरह एक शिक्षक के लिये कक्षा के सभी बच्चे समान होते है, उसी तरह हमे भी सभी साथियो से समान व्यवहार करे | अधिकार के चलते ही हम यहां पढ़ रहे है तो हमारा कर्तव्य है कि किसी बच्चे को भी परेशान न करे. I इस क्षेत्र में बहुत सी घटनाएं हुई है कि यहां से बच्चे को किसी काम या अन्य उद्देश्य से बाहर ले जाया जा रहा है | कई बार पालक उसे समझ नही पाते और बच्चो को भेज देते हैं । ,कानूनन 18 साल से कम आयु वाले बच्चो से कोई काम नहीं लिया जा सकता यदि कोई जबरन काम कराता है उसे कम से कम 2 वर्ष की सजा हो सकती है, कोई भी हमारे पेरेंट के पास आता है और प्रलोभन देता है तो हमे उसे बताना हैकि यह गैर कानूनी है और यह नही हो सकता । सबसे महत्वपूर्ण बात है कि ऐसे लोगो का वेरीफिकेशन अनिवार्य है उनकी पहचान हमें पता होनी चाहिए और वह कहां से आया है किस संस्थान से आया है, कहां ले जाने के लिये आया है,पता चलते ही इसकी सूचना हमें उस संस्थान से पूछनी चाहिये वह जहां काम करता है उस संस्था/ फैक्ट्री से वेरीफिकेशन कराना अनिवार्य है ताकि उसकी पहचान का पता चल सके । जिस तरह मैं आज अपनी पहचान के साथ आपसे चर्चा कर रही हूं उसी तरह हमें उसकी पहचान की पुष्टि संस्थान से करानी चाहिये I आपको ये थोड़ा मुश्किल लगता है तो अपने आस पास कोई बाल संरक्षण समिति के सदस्य है उनसे आप बता सकते हैं लेकिन अपने पालकों से भी बता सकते है आपके ऐसी कोई जानकारी मिलती है तो उसे हम जिस पर विश्वास करते है उसे बताए ताकि वह सूचना हम तक आ सके महत्वपूर्ण यह है कि किसी अपराध को घटित होने से रोक लिया जाए, अपराध के बाद न्याय दिलाना, पुर्नवास करना बाद की प्रक्रिया है लेकिन यदि ऐसा हो कि हम अपराध को घटित होने से पहले रोक ले,कई बार ऐसा भी होता है कि हमे पता नहीं होता कि हम न्यायालय तक कैसे पहुचे एक डर रहता है कि हमारी शिकायत नही लिखी जाएगी• हर किसी को न्याय मिले इसलिये अपनेअंदर से डर को निकाल दें यदि किसी ने हमारे साथ गलत किया है डरने की जरूरत उसे है हमें नही, हमें थाने में पुलिस FIR लिखने से मना नही कर सकते, आपके आसपास जो भी थाना/ चौकी वहां जाकर जीरो एफ आई आर दर्ज की जा सकती है भले ही घटना किसी अन्य क्षेत्र में हुई है, यदि पुलिस रिपोर्ट नही लिखती तो आप एसपी को - आवेदन दे सकते है वहां भी सुनवाई नही हुई तो आपके पास सीधे न्यायालय आने का भी विकल्प है आप न्यायालय में परिवाद पेश कर सकते है इसके अलावा भी यदि आप घर से। नहीं निकल सकते, जिनके साथ अपराध घटित हुआ है और हमे लगता है कि हम बाहर जाकर रिपोर्ट करेंगे तो हम पर हमला हो सकता है तो उसके लिये भी हम टोल फ्री नंबर के माध्यम के 15100 के माध्यम से भी हम एफ आई आर दर्ज करा सकते है । यहां काल करके सूचित कर सकते हैं, मोबाइल एप के माध्यम से रिपोर्ट कर सकते है | हमारी राष्ट्रीय स्तर पर एक एपलीकेशन NALSA के माध्यम से आप रिपोर्ट कर सकते हैं । वहां शिकायत दर्ज हो वहा से हमे निर्देश मिल जायेगा जिले में निर्देश मिल सकता है आप इन सभी विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं | आप ये जानकारी अपने परिवार के सदस्यों को अवश्य बताए, घरेलू हिंसा से संबधित भी कोई मामला होता है तो हमें वहां भी रिपोर्ट करसकते है हम समाज का हिस्सा है इसलिये अपने कर्तव्य कम भूलना नही चाहिये कहीं भी हमें बच्चा किसी प्रतिष्ठान में काम करते हुये दिखे तो हम इसकी भी रिपोर्ट कर सकते है,बेड टच,गुड पर बात करते हुए आपने छात्राओं से भी जानकारी ली तथा बालिकाओं को इस पर बताया कि कोई भी हमारे शरीर के किसी भी भाग को टच करे और हम असहजता का अनुभव करें तो यह बेडटच की श्रेणीं में आता है कोई ऐसा करता है तो उसका तुरंत पुरजोर विरोध करें आवाज उंची करे ताकि हमारे आसपास कोई है तो हमें मदद मिल सके ,हर किसी का एक स्पेस होता है उसमें प्रवेश करने की अनुमति किसी को नही होती जब तक कि आप उसे अनुमति न दे हमें ध्यान रखना पडेगा कि कोई व्यक्ति आपको असहज महसूस करा रहा है तो आप तुरंत उसे रोके टोके उसे आभास करांए, बताए कि आप ऐसा नही कर सकते यह अपराध है यदि कोई व्यक्ति ऐसा कर रहा है तो आप उस पर 'उसकी शिकायत अपने शिक्षक से करे आपको डरने की आवश्यकता नही है यदि वह आपको धमकी भी देता है, आपको या आपके परिवार को हानि पहुचाने भी धमकी देता है तो हमें समझ लेना चाहिए कि उसने अंदर डर है और हमे भी उसे डराना हम अपने पेरेंट्स को बताए व पुलिस को सूचित करें यदि हम उसे छोड़ देंगे तो है सकता है कि वह बाहर जाकर किसी बच्चों के साथ ऐसा जघन्य अपराध कर दे जो हमारी समझ से परे है, यह हमें रोकना है जैसे कोई भी घटना हमारे साथ होती है तो हम तुरंत एक्शन ले।आनलाइन क्लास के साथ हमारा मोबाइल से जुड़ाव बढ़ा है हम इंटरनेट में जाकर हम यह ध्यान नही रख पाते कि हमारे लिये क्या सही है और क्या गलत है। हम सही सूचना तक पहुंचे इंटरनेट के माध्यम से भी बहुत से अपराध होते हैं जिन्हें साईबर क्राइम कहा जाता है ' ब्लेकमेलिंग जैसे अपराध होते हैं | हमे सही चीजों को सर्च करना चाहिये, आप जैसे ही इंटरनेट पर जाते है तो देखिये कि हमारे लिए कौन सी सूचना सही है और कौनसी सही नहीं है हम इसे कैसे जानेगे । आप सोचे कि क्या वह सूचना हमारे लिये सही है यदि नहीं तो उसे इग्नोर करते हुये अपनी सूचना देखे, बहुत से ऐसे एप है जिससे हम अन्य लोगो से जुड़ जाते है हमें वहां भी सावधानी रखनी चाहिये, हमे सुरक्षित रूप से उसका उपयोग करना है यदि कोई इंटरनेट के आपको ब्लेकमेल कर रहा है वहां पर हम आई पी एड्रेस के माध्यम से हम उस तक पहुंच सकते है, यदि किसीने हमारे साथ उस तरह के काम किया है तो हम सबसे पहले अपना खाता असक्रिय नही करना चाहिये, बल्कि साईबर पुलिस की मदद लेनी चाहिए हमने जैसे ही डिएक्टीव किया हम उससे दूर हो गये, लेकिन वह व्यक्ति किसी और के साथ अपराध करेगा उसकी रिपोर्ट साइबर सेल में कर सकते है वहां उसे उसकी आईपी एड्रेस के माध्यम से उस तक पुलिस पहुंच सकती है लेकिन आपने डिएक्टिवेट किया तो उसे फिर भी सक्रिय करने मे जितना समय लगेगा उतन समय मे वह व्यक्ति अपनी पहचान छुपाने का प्रबंध कर लेगा हमे ध्यान रखना है कि जितने भी अपराध हो रहे है चाहे इंटरनेट के माध्यम हो या प्रत्यक्ष हमे उसकी रिपोर्ट करना आवश्यक है बाहर बहुत से एक लोग मिलते है जो हमारे साथ गलत व्यवहार करते है तो हमे उसकी सूचना देनी होगी आपको अपनी सुरक्षा स्वयं ध्यान रखना पडेगा और उसके लिये आपको उसके लिए तैयार रहना पड़ेगा 18 साल की आयु के पहले यदि आप कोई वाहन चला रहे है तो उसकी जिम्मेदारी आपके पालक की होगी , नशे से भी आपको बचना है हम जितने फिजिकली तथा मेंटली फिट रहेंगे उतने ही हम आगे बढ़ सकेंगें आपको ध्यान रखना है कि किसी भी स्थिति आप डरे नही सामना करें बाल श्रम को कैसे रोका जा सकता है ? प्रश्न जवाब में श्रम कानून पर जानकारी दी गई।आवाज जनकल्याण समिति के जिला समन्वयक ने पाक्सो कानून पर विस्तार से जानकारी देते हुए 1090 1098 आनलाईन एफ आई आर पर जानकारी दी,संस्था के माध्यमिक शिक्षक प्रमोद मरावी ने संस्थागत जानकारी दी तथा प्राचार्य ए.के.सिंह अहलूवालिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया |
Wednesday, July 19, 2023
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अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
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