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सीमांकन में हुआ तो खुल गई पोल नैनपुर का पूर्व पटवारी प्रदीप उसराठे और भू माफिया ने मिलकर बेच दी तहसील परिसर की सरकारी भूमि... - revanchal times new

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निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

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Thursday, July 27, 2023

सीमांकन में हुआ तो खुल गई पोल नैनपुर का पूर्व पटवारी प्रदीप उसराठे और भू माफिया ने मिलकर बेच दी तहसील परिसर की सरकारी भूमि...



रितेश नवानी और अन्य लोगों को बेची मिलीभगत से शासकीय भूमि भू स्वामी हैरत में 

रेवांचल टाईम्स - मंडला आदिवासी बाहुल्य जिले में सरकारी भूमि और सरकारी खाली पड़े भवनों पर अबैध कब्जा नही थमता नजर आ रहा है यहाँ तक कि जिम्मेदार विभाग के अधिकारी कर्मचारी ने साठगांठ कर सरकारी भूमि को बेचने तक कि बात सामने आ रही है अगर जिले में भू माफ़ियाराज चलता रहा तो वो दिन दूर नही जब सरकारी भूमि और खाली पड़े सरकारी भवन में इन भू माफियाओं के द्वारा अपना कब्जा कर उसे बिक्री अपनी जेबें गर्म करते हुए एक भी सरकारी भूमि नहीं बचेगी वही नैनपुर की तहसील कार्यालय व अन्य भूमि का सीमांकन करने पहुंचा राजस्व अमला नहीं कर पाये नाप

        जानकारी के अनुसार मंडला के नैनपुर नगर के तत्कालीन पटवारी प्रदीप उसरठे और भू माफिया ने ऐसा खेल रचा है। की आज  के दौर में इन भू माफियाओं ने पटवारी और देवेंद्र नेताम राजस्व निरीक्षक से मिलकर ऐसा खेल खेला है कि नैनपुर नगर की शासकीय भूमि उनके नाम पर दर्ज हो चुकी है। और भू माफिया धलडले से शासकीय भूमि बेच रहे थे।वही  जिसकी शिकायतें लगातार जिला कलेक्टर एवं राजस्व विभाग को होती रही है।मगर राजस्व विभाग की शून्यता के चलते आज तक एक भी बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी है। कार्यवाही नहीं होने के कारण भू माफिया के हौसले इतने बुलंद हो चुके थे। कि उन्होंने तहसील परिसर को ही बेच दिया और आज दमखम से कहते हैं कि हमने कुछ नहीं किया मगर देखना यह है कि क्या तहसील परिसर को बेचने वाले भूमाफिया राजस्व निरीक्षक और पटवारी और राजस्व के मिलीभगत वाले करने वाले कर्मचारियों पर जिला कलेक्टर क्या कार्यवाही करती है । या एक बार फिर जिला कलेक्टर और राजस्व विभाग का अमला इतने बड़े प्रकरण को कागजों में गोलमोल कर कही जॉच दब तो नही जायेगी जिसकी पूरे नैनपुर नगर में जन चर्चा का विषय बना हुआ है।


क्या है। मामला 


नैनपुर नगर के वार्ड क्रमांक 2 सिविल लाइन में स्थित शासकीय भूमि जिसका खसरा नम्बर मिसाल सन 27/28 के अनुसार खसरा ना 161 रकबा 12.87 है। जिसमे तहसील परिसर बना हुआ है। और शेष भूमि में भू माफिया और अन्य भू स्वामी हक में दर्ज हो चुकी है। वही उक्त भूमि को लेकर अनेक दिनों से आपसी विवाद चलता आ रहा है जिसकी शिकवा शिकायतें राजस्व विभाग अधिकारियों के अलावा सीएम हेल्पलाइन में भी की गई। जिसका निराकरण  करने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नैनपुर के द्वारा पत्र क्रमांक 222 दिनांक 6 जुलाई 2023 को  तहसील परिसर व अन्य भूमि का सीमांकन करने आदेश जारी किया गया था। जिस पर भूमि स्वामी विवेक शर्मा, आलोक खंडेलवाल, सुलभ खंडेलवाल को 21 जुलाई 2023 को सूचना जारी कर सीमांकन के दौरान उपस्थित रहने कहा गया था। आदेशानुसार राजस्व निरीक्षक एंव पटवारियों के द्वारा तहसील परिसर की भूमि का सीमांकन किया गया। मौके पर तहसील परिसर व न्यायालय की दीवारो से दीवार को नाप कर  चतुर्थसीमा बनाई गई जबकि नगर में आज भी चांदा मुनारा हैं चांदा मुनारा के अनुसार राजस्व निरीक्षक नैनपुर एवं पटवारियों को उपरोक्त सीमांकन किया किया गया। जिसमे सीमांकन से पूरा नैनपुर नगर भौचक रह गया है। क्योंकि भू स्वामी ने स्वयं भूमि सुरक्षित रखकर शासकीय भूमि दिखाकर प्लाट बेचता रहा है। भू स्वामी सुलभ खंडेलवाल के नाम पर खसरा नंबर 168 रकवा 0.16 हेक्टेयर राजस्व अभिलेख में दर्ज थी । मगर तत्कालीन पटवारी प्रदीप उसराठे और राजस्व निरीक्षक के साथ मिलकर तहसील परिसर की भूमि को दिखाकर बेच दी 


 विवाद के चलते हुआ मामले का खुलासा वही शासकीय दस्तावेज में गोलमाल और शासकीय भूमि में चढ़ा लोगों के नाम 


वही नैनपुर के डाक्टर रीतेश नवानी के द्वारा वर्ष 1 दिसम्बर 2021को सिविल लाइन वार्ड क्रमांक 2 में 2 प्लांट 3660 वर्ग फिट भूमि सुलभ खंडेलवाल व अन्य परिजनो से खरीदा था। रीतेश नवानी के द्वारा रजिस्ट्री कराकर अपना निर्माण कार्य प्रारंभ करने के पूर्व नाप कराया गया तब पता चला कि खरीदीं गई उक्त भूमि का कुछ हिस्सा शासकीय है जिसकी शिकायत 181 सीएम हेल्पलाईन पर की गई कि  तहसील परिसर की भूमि सहित अन्य भूमि का सीमांकन किया जाये। जिसका निराकरण करने 22 जुलाई 2023 को राजस्व निरीक्षक व पटवारी के एक दल ने तहसील की भूमि,  सहित अन्य शासकीय भूमि का नाप कर चतुर्थसीमा का विभाजन किया गया ओर पंचनामा बनाकर दल द्वारा निर्णय लिया गया कि आसपास अनेक भवन बने हुए हैं जिससे सीमांकन किया जाना संभव नहीं है सोमवार 24 जुलाई 2023 को  सेटेलाइट डिजिटल मशीन के माध्यम से नाप किया गया जिसमे खुलासा सबको चौकाने वाले परिणाम सामने आए है। जब पुनः सीमांकन हुआ तो शासकीय भूमि को बेचने का खुलसा हुआ है। जिसमे भू स्वामी और पटवारी ने शासकीय अभिलेख से छेड़छाड़ की है। और शासकीय भूमि को बंदर वाट कर दी है।और शासकीय भूमि को बेच दिया है। जिसके कारण एक नए विवाद का खुलसा हुआ है। 


मीडिया को दबाने की कोशिश जोरो पर 


नगर में जन चर्चा का विषय बना हुआ है कि भूमाफिया और तत्कालीन पटवारी प्रदीप उसराठे राजस्व निरीक्षक देवेंद्र नेताम ने नैनपुर नगर की मीडिया के लोगों को लक्ष्मी की दक्षिणा जमकर दी है।जिसके कारण कोई भी मीडिया कर्मी किसी खबर का प्रकाशन नहीं किया जा रहा है। जिससे साफ होता है कि भूमाफिया और पटवारी और राजस्व निरीक्षक के विरुद्ध कोई  कोई आवाज नहीं उठा सकता है। और शासकीय भूमि बेचने के मामले को दबाने के लिए भरकर प्रयास किया जा रहा हैं। 


इनका कहना है।


मेरे द्वारा सुलभ खंडेलवाल से प्लाट क्रय किया गया था। मगर उनके द्वारा मेरे साथ छल किया गया है। और मुझे निजी भूमि दिखाकर शासकीय भूमि बेच दी गई है। जिसकी शिकायत  जिला कलेक्टर से की गई है। सीमांकन होने पर जांच के दौरान भूमि शासकीय होने का खुलसा हुआ है।

                                     डॉक्टर रितेश नवानी    

                                पीड़ित भू स्वामी

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