रेवांचल टाईम्स - मंडला जिले के नैनपुर नगर के वार्ड क्रमांक 2 सिविल लाइन में स्थित शासकीय व निजी भूमि स्वामी की भूमि को लेकर अनेक दिनों से आपसी विवाद चलता आ रहा है जिसकी शिकवा शिकायतें राजस्व विभाग अधिकारियों के अलावा सीएम हेल्पलाइन में भी की गई। जिसका निराकरण करने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नैनपुर के द्वारा पत्र क्रमांक 222 दिनांक 6 जुलाई 2023 को तहसील परिसर व अन्य भूमि का सीमांकन करने आदेश जारी किया गया था। जिस पर भूमि स्वामी आशु उर्फ अनुपम जयसवाल, विवेक शर्मा, आलोक खंडेलवाल, सुलभ खंडेलवाल को 21जुलाई 2023 को सूचना जारी कर सीमांकन के दौरान उपस्थित रहने कहा गया था। आदेशानुसार राजस्व निरीक्षक एंव पटवारियों के द्वारा तहसील परिसर की भूमि का सीमांकन किया गया जो औचित्य हीन रहा। मौके पर तहसील परिसर व न्यायालय की दीवारो से दीवार को नाप कर चतुर्थसीमा बनाई गई जबकि नगर में आज भी चांदा मुनारा हैं चांदा मुनारा के अनुसार राजस्व निरीक्षक नैनपुर एवं पटवारियों को उपरोक्त सीमांकन किया जाना था। जो नही किया गया।
शासकीय दस्तावेज में गोलमाल और शासकीय भूमि में चढ़ा लोगों के नाम
वही नगर के वार्ड क्रमांक 2 में स्थित सिविल लाइन नैनपुर जिसका वर्ष 1927 के रिकॉर्ड में शासकीय भूमि जिसका क्रमांक खसरा no 161 रकबा 12.87 भूमि शासकीय दर्ज थी । मगर पटवारियों ने ऐसा खेल रचा की शासकिय भूमि लोगों के नाम पर दर्ज हो गई है। मगर तहसील परिसर को भी भू स्वामी के नाम पर दर्ज कर दिया गया है। वही एक मामला वार्ड no 02 का एक भू स्वामी को उसका भू खंड ही नही मिल रहा है। जबकि भू स्वामी सुलभ खंडेलवाल के नाम पर खसरा नंबर 168 रकवा 0.16 हेक्टेयर , विवेक शर्मा खसरा नंबर 163 /3/1 , रकबा 0.138 हेक्टेयर , तहसील भूमि खसरा नंबर 161/2 रकवा 2. 34 हेक्टेयर, चर्च की भूमि डी आर दिलराज के नाम पर खसरा नंबर 161/ 25 , रकबा 0.045 हेक्टेयर, शमशान भूमि एवं न्यायालय भूमि खसरा नंबर 162/1/2 काविज कास्त एंव सह अभियोजन अधिकारी के नाम पर दर्ज है। इसके अलावा नाले से लगी भूमि आशु जायसवाल खसरा नम्बर 160 रकबा 0.122 हेक्टेयर भूमि रिकार्ड पर दर्ज है। परंतु मौके पर सभी का गोलमाल है। जिसका सीमांकन मोटा-मोटी तौर पर किया गया सही सीमांकन किया जाना सम्भव नहीं हो पाया जिसका मुख्य कारण यह है कि सभी भूमि पर मकान दीवार बन गई है। टेप ओर जरीब से सीमांकन किया जाना सम्भव नहीं हो सका।
यह है पूरा मामला
डाक्टर रीतेश नवानी के द्वारा वर्ष 1 दिसम्बर 2021को सिविल लाइन वार्ड क्रमांक 2 में 2 प्लांट 3660 वर्ग फिट भूमि सुलभ खंडेलवाल व अन्य परिजनो से खरीदा था। रीतेश नवानी के द्वारा रजिस्ट्री कराकर अपना निर्माण कार्य प्रारंभ करने के पूर्व नाप कराया गया तब पता चला कि खरीदीं गई उक्त भूमि का कुछ हिस्सा शासकीय है जिसकी शिकायत 181 सीएम हेल्पलाईन पर की गई कि तहसील परिसर की भूमि सहित अन्य भूमि का सीमांकन किया जाये। जिसका निराकरण करने 22 जुलाई 2023 को राजस्व निरीक्षक व पटवारी के एक दल ने तहसील की भूमि, सहित अन्य शासकीय भूमि का नाप कर चतुर्थसीमा का विभाजन किया गया ओर पंच नामा बनाकर दल द्वारा निर्णय लिया गया कि आसपास अनेक भवन बने हुए हैं जिससे सीमांकन किया जाना संभव नहीं है सोमवार 24 जुलाई 2023 को सेटेलाइट डिजिटल मशीन के माध्यम से नाप किया जाना निर्धारित किया गया।मगर देखना है। की अब पुनः सीमांकन में शासकीय भूमि कैसे भू स्वामी के नाम पर आई एक बड़ा सवाल बनाता जा रहा है। क्या किसी पटवारी ने शासकीय अभिलेख से छेड़छाड़ की है। और शासकीय भूमि को बंदर वाट कर दी है।


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