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जिले के शिक्षा विभाग में हो रही अनियमितताओं के विरोध में गोंडवाना स्टूडेन्ट्स यूनियन मण्डला के छात्रों ने सौंपा ज्ञापन, - revanchal times new

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निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

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Friday, July 28, 2023

जिले के शिक्षा विभाग में हो रही अनियमितताओं के विरोध में गोंडवाना स्टूडेन्ट्स यूनियन मण्डला के छात्रों ने सौंपा ज्ञापन,



अधिकारियों के नाम ले लेकर कि नारेबाजी बंजर चौक पर किया गया पुतला दहन...


रेवांचल टाईम्स - मंडला, आदिवासी बाहुल्य जिले में शिक्षा विभाग में व्यापक भ्रष्टाचार चल रहा है और स्कूलों की खरीदी से लेकर भवन की मरम्मत कार्य स्थान्तरण अन्य कार्यों में भारी अनिमित्ताये की जा रही है जिसको लेकर गोंडवाना स्टूडेन्ट्स यूनियन मण्डला के तत्वाधान में दिनांक 28/07/2023 को जिला मुख्यालय मण्डला में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है जिसमें गोंडवाना स्टूडेन्ट्स यूनियन की प्रमुखता से माँग है कि जिले में शिक्षा विभाग में हो रही अनियमितताओं को संज्ञान में लेते हुए जाँच की कार्यवाही करने की गुहार लगाई है। 

     वही समग्र शिक्षा अभियान में पदस्थ एपीसी / एडीपीसी मुकेश पाण्डे 2012 में मात्र दो वर्षों की प्रतिनियुक्ति में आये थे किन्तु विभागीय अधिकारियों से साठगांठ करके अभी तक 12 वर्षों से पद पर बने हुए हैं। और इनके द्वारा खरीदी से लेकर निर्माण कार्यों अन्य में भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा हैं, इनके द्वारा मॉडल स्कूल छात्रावास सामग्री खरीदी, अधीक्षकों से मासिक वसूली जेम पोर्टल से खरीदी में कमीशन बाजी, निर्माण, मरम्मत, सुदृढीकरण, खेलकूल, ओजस, कौशल विकास, बालिका शिक्षा, आईसीटी शिक्षक प्रशिक्षण, ऑडिट विभिन्न कंपोनेंट्स में भारी भ्रष्टाचार किया जाता है। इनके आतंक और भय से कोई भी शिक्षक इनके विरुध्द आवाज नहीं उठा सकता है। ज्ञातव्य है कि इनके विरूध्द मंत्री, विधायक द्वारा शिकायत, तीन बार विधानसभा प्रश्न लग चुकी है जिसके कारण मार्च 2022 एवं मार्च 2023 को लोक शिक्षण भोपाल से तत्काल हटाने के आदेश होने के बाद भी इन्हें अब तक नहीं हटाया गया है। समाचार पत्रों में इनके कार्यगुजारियों के बारे में अनेकों बार छापा किन्तु साँठगाँठ के कारण इन्हें कोई नहीं हटा सका। पाण्डे गणित विषय के शिक्षक है, इनके कारण इनकी मूल संस्था शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हिरदेनगर में गणित संकाय बन्द हो चुका है जिससे ग्रामीण आदिवासी अंचल के सैकड़ों बच्चे विगत 12 वर्षों से गणित की शिक्षा से वंचित हो गये हैं।

        वही जिले में संचालित सर्व शिक्षा अभियान में पदस्थ एपीसी / एडीपीसी हीरेन्द्र कुमार वर्मा दो वर्षों की प्रतिनियुक्ति पर 2012 में आये थे पर अभी तक साँठगाँठ कर जमे हुए हैं। इनके द्वारा 2019-2020 में रंगाई-पुताई के नाम पर करोड़ों की बंदरबांट कर भ्रष्टाचार किया गया है। कस्तूरबा गाँधी बालिका छात्रावासों में खरीदी मासिक वसूली कर भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। मरम्मत, निर्माण कार्य में सहायक यंत्री सुरेन्द्र यादव के साथ मिलकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। 

         वही सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग मण्डला में पदस्थ संयोजक रंजीत गुप्ता जो कि विगत 15 वर्षों से मण्डला जिला सहायक आयुक्त कार्यालय में जमे हुए शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नही की जा रही हैं तथा इनके द्वारा जिले में संचालित आदिवासी छात्रावासों से खुली मासिक वसूली और खरीदी, मरम्मत के नाम पर भारी भ्रष्टाचार कर आदिवासी बालक/ बालिकाओं का शोषण कर रहे हैं एवं आदिवासी अधीक्षक/ अधीक्षिकाओं को हटाने रखने के नाम पर लाखों की वसूली कर शोषण कर रहे हैं। जबकि इनका पद राजपत्रित नहीं है फिर भी साँठगाँठ कर सहायक परियोजना प्रशासक बनकर परियोजना कार्यालय में आदिम जनजातियों के फण्ड का बन्दबॉट कर रहे हैं। अपेक्षा है कि इनके कार्यकाल की समस्त बजट खरीदी की जाँच की जाये जिससे जिले के वंचित, शोषित दलित वर्गों के हितों का संरक्षण हो सके। जिले के सभी विकासखण्डों के प्राथमिक, माध्यमिक, हाई, स्कूल हॉयर सेकेण्डरी स्कूलों में विषयवार सरकारी शिक्षकों की भर्ती की जाये। जिले में बहुताय शासकीय स्कूलों का भवन जर्जर हो चुके हैं ऐसी जगहों में नवीन भवन जल्द निर्माण किया जाये। तीन वर्ष के प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त हुए सभी सरकारी शिक्षकों, कर्मचारियों का स्थानान्तरण किया जायें। रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय मण्डला में बालिका छात्रावास को तत्काल किया जावे तथा अधीक्षिका एवं कर्मचारियों की भर्ती की जाये। जिले के निम्न तहसील नारायणगंज, बीजाडाण्डी, मोहगांव, घुघरी में शासकीय महाविद्यालय की स्थापना की जाये। जिले के प्रभारी प्राचार्यों को हटाकर यूडीटी विभाग को प्राचार्य पद का फुलफ्रेश नियुक्त किया जावे। शिक्षण संस्थानों में छात्र एवं शिक्षा विकास के लिए आबंटित राशि एवं सामग्री का निरीक्षण व सोशल ऑडिट होना चाहिए तथा प्रभारियों का स्थानान्तरण किया जाये। जिले के सभी बी.ई.ओ. कार्यालय में सालों से पदस्थ बाबुओं का स्थानान्तरण किया जाये। 

         साथ ही यह भी कहा है कि निम्न माँगों को 15 दिवस के भीतर कार्यवाही कर गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन को सूचित करें। कार्यवाही नहीं होने पर संगठन द्वारा उग्र आन्दोलन किया जायेगा। जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

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