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प्रतिबन्ध के बाद भी खुलमम खुल्ला हो रहा है मत्स्य का क्रय विक्रय और परिवहन... - revanchal times new

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निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

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Sunday, July 9, 2023

प्रतिबन्ध के बाद भी खुलमम खुल्ला हो रहा है मत्स्य का क्रय विक्रय और परिवहन...



रेवांचल टाईम्स - नदी नालों में मछली को लेकर प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी जिला प्रशासन के प्रतिबंध के बाद भी हर तरफ मछली बिक्री का कारोबार तेज इस समय नहीं हो रहा बंद ,


 आज गली गली और बाजारो में नही हो रहा है कलेक्टर महोदया के आदेश का पालन,शहर नगर आसपास कस्बों में जारी है अवैध रूप में मत्स्य का परिवहन और क्रय विक्रय,

प्रदेश में 16 जून से 15 अगस्त 2023 तक मत्स्याखेट प्रतिबंधित लगाया गया है। 

इस अवधि में जलाशय,तालाब,नदी,नालों में मत्स्याखेट पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा और इस अवधि में मत्स्य का क्रय विक्रय एवं परिवहन पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने मत्स्य प्रजनन काल को देखते हुए मध्यप्रदेश के नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के प्रावधानों के तहत अधिसूचना जारी की है।अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि छोटे तालाब अथवा अन्य स्त्रोत जिनका कोई संबंध किसी नदी से नहीं है और जिन्हें निर्दिष्ट जल की परिभाषा में नहीं लिया गया है, उन पर मत्स्याखेट निषेध का यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

 अधिसूचना में कहा गया है कि प्रतिबंध की अवधि में जिले में अवैधानिक मत्स्याखेट/ परिवहन/ क्रय- विक्रय आदि कार्य करते पाये जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध मप्र मत्स्योद्योग अधिनियम 1981 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जावेगी। 

लेकिन भारी मात्रा में हर तरफ बाजार में बिकने के लिए देखी जा सकती है।

शासन के निर्देशों और निर्धारित नियमों का उलंघन करने वाले व्यक्ति की दोष सिद्धि पर उसे एक वर्ष तक के कारावास या 5 हजार रूपये तक के जुर्माना से दंडित किया जा जाएगा।

लेकिन शासन प्रशासन के सख्त आदेश के बाद भी जिले में मत्स्य का परिवहन और क्रय विक्रय बेख़ौफ़ हर तरफ जारी है।

परिवहन करने वाले और क्रय विक्रय करने वाले व्यापारियों पर शासन प्रशासन के आदेश का कोई डर नही है।

नरसिंहपुर जिले से शहर शहर गांव गांव हर जगह बाजारों में मछली बाजार लगे हुए हैं और  मछली का विक्रय किया जा रहा है।

इसके अलावा आसपास की छोटी बड़ी नदियों से मछली पकड़ कर चौराहा पर मछली विक्रेता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

वही व्यापारी द्वारा  मछलियां क्रय कर गाडरवारा साईखेडा सालीचौका चीचली में लाकर अन्य व्यापारियों को विक्रय की जा रहीं हैं।

जब मत्स्य विभाग ही नींद में है। जानकारी होते हुए भी कुछ नहीं करते। शायद ऐसे लोगो पर आजतक विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्या ऐसे लोगों से हफ्ता लिया जाता है।

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