दैनिक रेवांचल टाइम्स - मंडला जिले का अति पिछड़ा इलाका विकास खण्ड आज भी उपेक्षा का दंश ही झेल रहा है | जहा 52 पंचायतों का मुख्यालय होने के बावजूद भी यहां पर कोई भी कार्य सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पाता । जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत से संबंधित कोई भी हितग्राही मूलक कार्य समय पर संपन्न नहीं होता । इन सब के पीछे आखिर कारण यह है कि मुख्यालय में स्थाई रूप से मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सी ई ओ) का स्थाई रूप से ना होना है | शासन और प्रशासन की उदासीनता के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है ? जिसके चलते आमजन को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है ।
जनपद पंचायत मवई के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी के तौर पर कपिल तिवारी जी को प्रशासनिक तौर पर शक्ति संपन्न तो बनाया गया 'लेकिन वित्तीय अधिकार इन्हें नहीं दिया गया |वित्तीय अधिकार राय सिंह कुशराम तहसीलदार बिछिया को वित्तीय अधिकार संपन्न बनाया गया ।ऐसे में राय सिंह कुशराम तहसीलदार बिछिया को बिछिया और मवई दोनों ही कार्य एक साथ संचालित करने की परेशानी है। दूसरी ओर प्रशासनिक पावर संपन्न कपिल तिवारी को मवई के साथ-साथ जिला पंचायत मंडला का सहायक परियोजना अधिकारी का भी दायित्व है |इस तरह से 3 दिन मंडला और 3 दिन मवई के दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं । इन सबके बावजूद वित्तीय पावर संपन्न राय सिंह कुशराम तहसीलदार बिछिया का स्थानांतरण 25 जुलाई 2023 को सतना के लिए हो गया है |अब ऐसे में वित्तीय अधिकार की जिम्मेदारी कौन संभाले 'अभी कुछ पता नहीं |
मंडला जिले के 9 जनपद मुख्यालयों मैं कुल 3 मुख्य कार्यपालन अधिकारी हैं ' जो 9 जनपद मुख्यालय का कार्य देख रहे हैं । ऐसे में किन्ही मुख्यालय में तहसीलदार तो किन्ही मुख्यालय में एसडीएम को अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है । मवई मुख्यालय में भी स्थाई रूप से मुख्य कार्यपालन अधिकारी नहीं है । शासन और प्रशासन से अनुरोध और जन अपेक्षा है की आदिवासी बाहुल्य और पिछड़ा इलाका मवई के जनपद मुख्यालय में स्थाई रूप से मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया जाए ।

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