बेल के पेड़ को बहुत पवित्र माना जाता है। बेल के फल का जूस बनाकर पीते हैं। वहीं इसकी पत्तियों को भी बहुत पवित्र माना जाता है। पूजा पाठ में बेल पत्रों का उपयोग होता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव को बेल पत्र बहुत प्रिय हैं। ऐसे में भक्त शिवलिंग पर बेल पत्र चढ़ाते हैं। सावन के महीने में भगवान शिव की आराधाना के दौरान बेलपत्र चढ़ाए जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि बेल पत्र में औषधिय गुण भी पाए जाते हैं। इसके सेवन से कई तरह की बीमारियों से छुटकारा मिलता है। हम आपको बेल के पत्ते और बेल के फल के फायदों के बारे में बता रहे हैं।
दिल के रोगियों के लिए भी फायदेमंद
अगर किसी को दिल की बीमारी है तो बेलपत्र का काढ़ा बनाकर उसका रोजाना सेवन करें। ऐसा कहा जाता है कि बेलपत्र का काढ़ा बनाकर पीने से दिल की कार्यक्षमता बढ़ती है और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। बेलपत्र का नियमित सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है।
बवासीर में भी आराम
बवासीर से पीड़ित मरीजों को भी बेलपत्र का सेवन आराम दिलाता है। अगर आप खूनी बवासीर से पीड़ित हैं तो बेल की जड़ का गूदा पीसकर उसमें बराबर मात्रा में मिश्री मिला लें और इसका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण का सेवन रोजाना सुबह और शाम ठंडे पानी के साथ करें साथ ही ज्यादा मसालेदार चीजें ना खाएं। कुछ ही दिनों में आपको बवासीर से राहत मिल जाएगा।
छालों से निजात
बेलपत्र का सेवन मुंह के छालों से भी राहत दिलाता है। गर्मी के दिनों में मुंह में छालों की समस्या अधिक होती है, जिसकी वजह से कुछ भी खाने में मुंह में जलन होने लगती है। इन छालों से आराम पाने के लिए बेल की पत्तियों को धोकर उन्हें चबाकर खाने से छाले जल्द ठीक हो जाते हैं।
पेट के कीड़ों को करता है खत्म
बेलपत्र का सेवन पेट के कीड़ों को भी खत्म करता है। वैसे आमतौर पर बच्चे पेट में कीड़े पड़ने की समस्या अधिक होती है, जिसकी वजह से उन्हें दस्त की समस्या भी हो जाती है। ऐसे में बेल पत्र का रस पीना बहुत फायदेमंद होता है। इससे पेट के कीड़े जल्दी मर जाते हैं और दस्त से भी आराम मिलता है। आयुर्वेद के मुताबिक बेलपत्र का सेवन इसके अलावा भी कई बीमारियों में राहत देता है।
बुखार में फायदा
प्राचीन काल से ही बेल का सेवन औषधीय रूप में किया जाता रहा है। आयुर्वेद के अनुसार बेल की पत्तियों का सेवन बुखार से राहत दिलाता है। खासतौर पर सर्दी-जुकाम होने पर जब बुखार आता है। उस दौरान बेल की पत्तियों का काढ़ा बुखार को कम करने में बहुत उपयोगी साबित होता है।

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