दैनिक रेवांचल टाइम्स - नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत अवैध निर्माण कार्यों की बाढ़ सी आ गई है आलम जहां है कि अवैध कब्जा धारी ने जहां कहीं भी शासकीय भूमि देखी नहीं की नियम निर्देश को ताक में रखकर ठोक दिया पक्का निर्माण लेकिन शासकीय भूमि का निर्माण कर तो चलो अलग बात है लेकिन हमारे डिंडोरी जिले में लगातार परमिशन लेने के बावजूद भी स्वीकृत से अधिक अवैध निक रूप से भवन का निर्माण कार्य किया जाता है जो प्रवधान। के विरुद्ध ऐसा ही कुछ मामला डिंडोरी नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 13 का मकान निर्माण कार्य कराया जा रहा है जिसका संरचना ड्राइंग में पांच मंजिला दर्शित है परंतु ऑनलाइन स्वीकृत चार मंजिला ग्राउंड फ्लोर में 72.36 वर्ग मीटर.. 781. 49 वर्ग फुट 1,2,3, फ्लोर पर 77 . 67 वर्ग मीटर 836 वर्ग फुट प्राप्त की गई है परंतु आपके द्वारा 20X83, 1660 वर्ग फुट में ताल घर अंडर ग्राउंड ,भू तल ग्राउंड फ्लोर प्रथम तल 1stफलोर 2ndफलोर एंव तृतीय तल 3rdफलोर कुल 05 मंजिला में स्वीकृति से अधिक अवैध निक रूप से भवन का निर्माण कार्य किया गया है जो प्रावधान के विरुद्ध है जिसको लेकर नगर परिषद द्वारा स्वीकृति से अधिक निर्माण को तीन दिवस के अंदर हटाया जाने का नोटिस भी संबंध को भिजवाया गया जिसमें नगर परिषद मध्य प्रदेश अधिनियम 1961 की धारा 187 एवं 223 के तहत उक्त अतिरिक्त निर्माण कार्य को ढहाया , हटाया जाकर सामग्री राजसात कर ली जावेगी तथा उक्त कार्यवाही में होने वाले वय आपसे वसूल किया जावेगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी आपकी स्वयं होगी इसके बावजूद भी निर्माण विभाग जारी है और परिषद में बैठे जिम्मेदार खामोशी से तमाशाबीन बन देख रहे हैं ऐसा क्यों ... आखिरकार क्या करें गांधी जी के आगे तो सभी नतमस्तक हैं जानते समझते अवैध निर्माण के कारोबार में संलिप्त है और हो सकता है सब जानने के बाद आपके पैरों तले जमीन खिसक जाए बरहाल देखना दिलचस्प होगा कि आखिर नगर परिषद नगर में हो रहे अवैध निर्माण कार्यों को किस नजरिए से देखती है और क्या कार्यवाही करती है नगर परिषद में राजस्व की एक पूरी टीम गठित है जिसमें एक राजस्व निरीक्षक के साथ 15 वार्डों के लिए 5सह निरीक्षक बनाकर जिम्मेदारी सौंपी गई है तो क्या राजस्व निरीक्षक के साथ इन सह निरीक्षकों को नगर में हो रहे अवैध अतिक्रमण दिखाई नहीं देते या फिर माजरा कुछ और ही है जो अपना जमीर बेच यहां भूमाफियाओं पर मेहरबा बने हुए हैं नगर में राजस्व विभाग की नजर अंदाजगी और नगर परिषद की बेरुखी के चलते कब्जाधारियों से लेकर अवैध अतिक्रमण एवं बड़े-बड़े भवन निर्माण कार्य बिना परमिशन कॉलोनी नाइजर धड़ल्ले से जिले में जारी है एवं अतिक्रमण का दायरा लगातार बढ़ा रहे हैं जिसमें जिम्मेदारों की संलिप्तता को नजरअंदाज करना भी उचित नहीं होगा इसी तरह जिले में वार्ड नंबर 1 से लेकर वार्ड क्रमांक 15 तक ने आज तलक करोड़ों की शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा धारियों ने पक्के निर्माण कार्य कर रखे हैं जिसको लेकर प्रशासन सुस्त रवैया अपनाए रखा है जिसके चलते लोगों के हौसले दिन-ब-दिन बुलंद होते नजर आ रहे हैं... आखिर यहां कब तक चलता रहेगा
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