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Sunday, August 6, 2023

सरकारी वाहन को निजी उपयोग करने पर आबकारी अधिकारी हुई निलंबित, गंभीर आरोप पर हुई कार्यवाही..





रेवांचल टाईम्स - मंडला आदिवासी बाहुल्य जिले में सरकारी संपत्ति को अधिकारी-कर्मचारी अपने निजी कार्य के लिए उपयोग में कर रहे हैं। जिले के ऐसे कई शासकीय वाहनों का उपयोग यहां के अधिकारी और कर्मचारी बेधड़क, बिना अनुमति के ऐसे उपयोग करते हैं कि यह उनकी निजी संपत्ति हो। लेकिन वे स्वयं जिले के अधिकारी हैं, उन्हें किसका भय। इनके भी वरिष्ठ अधिकारी आंखें बंद कर सब कुछ देखते है। एक ऐसा ही मामला मंडला जिला मुख्यालय में विगत दिवस सामने आया था, जिसकी खबर को प्रमुखता से दैनिक रेवांचल समाचार पत्र में प्रकाशित कर इस मामले को शासन, प्रशासन के संज्ञान में दिया गया। जिसका असर भी हुआ। सरकारी तंत्र में बैठे आला अधिकारियों ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए इस पूरे मामले की बारीकि से जांच की। जिसमें मंडला जिला आबकारी अधिकारी की लापरवाही एवं अनुशासनहीनता सामने आई। मामले के सभी पहलुओं की जांच के बाद जिला आबकारी अधिकारी सीमा कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


जानकारी अनुसार मंडला जिला में पदस्थ आबकारी अधिकारी अपने कार्य दिवसों में बिना सूचना दिए मुख्यालय से अक्सर अनुपस्थित रही है। ये आए दिन अपने गृह ग्राम छत्तीसगढ़ आवागमन करती है। जिसमें इनके द्वारा शासकीय वाहन का उपयोग अपने निजी कार्य के लिए किया जाता रहा है। आबकारी अधिकारी शासकीय वाहन से जिले से बाहर दूसरे प्रदेश जाया करती थी। जिसकी शिकायत मंडला कलेक्टर से की गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंडला कलेक्टर ने जांच कार्रवाई की। जिसमें कलेक्टर डॉ. सलोनी सिडाना द्वारा आबकारी अधिकारी श्रीमति सीमा कश्यप धुर्वे द्वारा की जा रही अनियमित्ताओं के संबंध में शासन को अवगत कराया गया।


बिना सूचना के मुख्यालय से थी गायब 

 

बताया गया कि श्रीमती सीमा कश्यप धुर्वे जिला आबकारी अधिकारी द्वारा 24 जुलाई 2023, दिनांक 03 जुलाई 2023 से 07 जुलाई 2023 तक एवं दिनांक 03 अगस्त 2023 से 04 अगस्त 2023 को अवकाश नस्ती में कलेक्टर द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया। लेकिन श्रीमति सीमा कश्यप धुर्वे द्वारा आवकाश स्वीकृत नहीं होने के बाद भी स्वेच्छाचारिता प्रदर्शित करते हुए अवकाश पर चली गई। श्रीमती कश्यप द्वारा ऐसे अनेक कार्य दिवसों में भी मुख्यालय से बिना सूचना के अनुपस्थित रही हैं एवं आए दिन छत्तीसगढ़ स्थित अपने गृह ग्राम में आवागमन करती है।


लापरवाही से शासन को पहुँचाई जा रही थी अर्थिक क्षति : 

 

वही बता दे कि वर्तमान में विधानसभा निर्वाचन 2023 की तैयारियों से संबंधित जानकारी एवं सूचनाएं निर्वाचन आयोग को समय सीमा में प्रेषित की जानी होती हैं, लेकिन इनके द्वारा अधिकांश समय अवकाश पर रहने और मुख्यालय से बिना सूचना के गायब रहने के कारण आबकारी विभाग से संबंधित साप्ताहिक एलओआर (कानून व्यवस्था) से संबंधित जानकारी समय पर प्रस्तुत नहीं की जाती है, जिससे निर्वाचन आयोग को भेजी जाने वाली जानकारी में अनावश्यक विलंब होता है। श्रीमती सीमा कश्यप धुर्वे द्वारा आबकारी अधिनियम 1915 एवं संशोधन अधिनियम 2000 की धारा अधिनियम 1915 एवं संशोधन अधिनियम 2000 की धारा 47 क की उपधारा के अन्तर्गत जब्तशुदा वाहन एवं मदिरा के प्रकरणों को जान बूझकर विलंब से प्रस्तुत किया जाता है। जिससे सीजेएम न्यायालय में जानकारी प्रस्तुत होने के अभाव में न्यायालय द्वारा दोषीयों के पक्ष में निर्णय लेते हुए जब्तशुदा सामग्री, वाहन सपुर्दगी कर दी जाती है, जिससे शासन को क्षति होती है।


तत्काल प्रभाव से किया गया निलंबित 


वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीमती सीमा कश्यप धुर्वे के उपरोक्त कृत्य शासकीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के घोतक है। जिसके कारण राज्य शासन द्वारा प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी मंडला श्रीमती सीमा कश्यप धुर्वे को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी संभागीय उडऩदस्ता जबलपुर रहेगा। श्रीमती सीमा कश्यप धुर्वे को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता होगी।



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