रेवांचल टाईम्स - मंडला, जिले के विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ रहे शैलेन्द्र मालवीय की करतूतों से कोई अनभिज्ञ नहीं है।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मण्डला विकासखण्ड में बीईओ के पद पर कार्यरत रहे शैलेन्द्र कुमार मालवीय के द्वारा किए गए भ्रष्टाचार जिले से लेकर प्रदेश तक सुर्खियों में रही।जिसकी पोल पहले भी मीडिया के द्वारा खोली गई है। श्री मालवीय द्वारा अपने बेटे को मानसिक विक्षिप्त बताकर अपनी बहू के साथ किए गए प्रताड़ना, शिक्षकों को उनकी सुविधानुसार मनमानी स्थानों पर अटैच करके लाखों रुपए बसूली, मानसिक विकलांग बताए जाने वाले पुत्र के नाम पर अतिथि शिक्षक की फर्जी तरीके से शासकीय राशि का आहरण, अपने निजी घर के निर्माण कार्यों का भुगतान शासकीय बिल-बाऊचर द्वारा करने जैसे अनेकों मामलों का खुलासा मीडिया और समाचार पत्र के द्वारा किया गया और मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले से प्रदेश स्तरीय अधिकारियों के संज्ञान में मामले पर कार्यवाही करने हेतु प्रयास किया गया, जिस पर मण्डला कलेक्टर द्वारा मामले पर दोषी पाए जाने पर तत्काल कार्यवाही कर मण्डला बीईओ शैलेन्द्र कुमार मालवीय को तत्काल प्रभार से हटाकर पद से निलंबित किया गया, बावजूद इसके शैलेन्द्र मालवीय का फर्जीवाड़ा एवं राशि गबन-घोटाला,लोगों को फर्जी चेक देकर उधार पैसा लेकर फरार होना जैसे अनेकों अपराध होने सिलसिला जारी है। जहां इसके पहले फर्जीवाड़ा, शासकीय राशि गबन-घोटाला और भ्रष्टाचार के मामले में पति शैलेन्द्र मालवीय को दोषी करार देते हुए निलंबित किया गया है वहीं उनकी पत्नी संध्या मालवीय जो बालक प्राथमिक शाला महाराजपुर में प्रधानाध्यापक के पद पर पदस्थ हैं उनके द्वारा शासकीय राशि का फर्जीवाड़ा, मासूम बच्चों को सरकार द्वारा मिलने वाले छात्रवृत्ति का गबन-घोटाला करने मामला सामने आया है पति के करतूतों को पत्नी ने रास्ता देने का काम किया है।
छात्रवृत्ति की राशि शिक्षक ने अपने खाते में की आहरित
बालक प्राथमिक शाला महाराजपुर में अध्ययनरत छात्र यशवंत चौधरी एवं राहुल चौधरी पिता अजय चौधरी निवासी महाराजपुर को सफाई एवं जोखिम पूर्ण कार्य छात्रवृत्ति (अस्वच्छ धंधा छात्रवृत्ति) योजनांतर्गत कक्षा एक से कक्षा चार तक दोनो छात्रों को प्रतिकक्षावार 3000-3000 रुपये अभी तक कुल 24000/- चौबीस हजार रूपए दोनों छात्रों के खाते में जमा किया जाना था जिसे बालक प्राथमिक शाला महाराजपुर में पदस्थ प्रधानाध्यापिका संध्या मालवीय पति शैलेन्द्र मालवीय द्वारा बच्चों से धोखेबाजी से हस्ताक्षर करवाकर अपने निजी खाते में छात्रवृत्ति की राशि आहरण कर लिया गया।जहां स्वयं पति विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी हो वहां प्रधानाध्यापक के पद पर पदस्थ पत्नी को डर काहे का यह तो वही बात हुई कि "बलमा थानेदार तो डर काहे का" पीड़ित छात्रों एवं उनके पालकों ने बताया कि विगत चार वर्षों से अभी तक हमारे खाते में छात्रवृत्ति की राशि नहीं आई है, फिर हमारे जीजाजी के सलाह अनुसार हमारे द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई जो एल-03 पर शिकायत दर्ज है। वहीं पीड़ित अजय चौधरी द्वारा सीएम हेल्पलाइन एवं आला-अधिकारियो के पास शिकायत किए जाने पर प्रधानाध्यापिका संध्या मालवीय द्वारा पीड़ित अजय चौधरी को फोन काॅल द्वारा फर्जी महिला अपराध में फंसाने की धमकी दी गई है जिसकी तत्काल शिकायत पीड़ित द्वारा की गई है, वहीं मामले में फर्जीवाड़ा कर मासूम छात्रों को मिलने वाले छात्रवृत्ति को फर्जी तरीके से अपने निजी बैंक खाते में आहरण करने वाले मुख्य किरदार शैलेन्द्र मालवीय एवं संध्या मालवीय मौका देखकर बगैर किसी आवेदन एवं सीएल लीविंग अवकाश के जिले से फरार हो गए हैं।
इनका कहना है----
01-मेरे दोनों बच्चों से धोखेबाजी से हस्ताक्षर करवाकर संध्या मालवीय मेडम बच्चों की छात्रवृत्ति की राशि अपने निजी खाते में जमा कर ली है।
अजय चौधरी
पीड़ित पालक
02-शैलेंद्र मालवीय विगत तीन दिनों से बगैर कोई अवकाश के गायब है हमारे द्वारा उनकी अनुपस्थिति दर्ज की गई है।
श्रीमती जे.एल.सोनी
प्रभारी प्राचार्य
रानी अवंती बाई विद्या.मण्डला।


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