सावन का महीना भगवान शिव की अराधना के साथ ही कई व्रत-त्योहारों के लिए भी काफी लोकप्रिय है. इस माह कई ऐसे त्योहार आते हैं जो कि जीवन में खुशियां को संकेत देते हैं और इनमें सबसे महत्वपूर्ण हरियाली तीज का पर्व है. जो कि विशेष तौर पर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस दौरान कई जगहों पर मेलों का आयोजन होता है और महिलाएं मिलकर खूब मस्ती करती हैं. हरियाली तीज के दिन महिलाएं अपने ससुराज से मायके जाकर सज-धज कर श्रृंगार कर झूला झूलती हैं और खूब मस्ती करती हैं. इसके अलावा कई जगहों पर इस दिन सुहागिन महिलाएं व्रत करती हैं. कहते हैं कि हरियाली तीज का व्रत अखंड सौभाग्य की प्राप्ति और दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए रखा जाता है.
आमतौर पर हरियाीली तीज के दिन अधिकतर महिलाएं हरे रंग के कपड़े और चूड़ियां समेत 16 श्रृंगार करती हैं. इसे महिलाओं का दिन कहा जाता है और इस दिन भाई अपनी बहन के ससुराल उसका सिंधारा लेकर जाते हैं. फिर बहन को ससुराल से मायके लेकर आते हैं. इस दिन का इंतजार हर महिला पूरे साल करती हैं और सुहागिनें हरियाली तीज के लिए स्पेशल शॉपिंग करती हैं ताकि तैयार होकर और भी खूबसूरत नजर आएं. इस दिन सुहागिनों के लिए श्रृंगार का विशेष महत्व माना गया है.
कब है हरियाली तीज 2023?
हर साल श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन हरियाली तीज का पर्व बहुत ही धूमधाम से जाता है. इस साल यह पर्व 19 अगस्त 2023, शनिवाद के दिन मनाया जाएगा.
क्यों मनाते हैं हरियाली तीज का पर्व?
पौराणिक कथाओं के अनुसार हरियाली तीज का व्रत पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है. ऐसी मान्यता है कि कठोर तपस्या के बाद इसी दिन मां पार्वती का विवाह भगवान शंकर से हुआ था. मां पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शंकर ने श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मां पार्वती से विवाह किया.
इस दिन श्रृंगार का महत्व
हरियाली तीज के दिन महिलाएं सजती-सवंरती हैं और श्रृंगार करती हैं. इस दिन श्रृंगार का खास महत्व है. तीज के दिन सुहागनों को 16 श्रृंगार करने का विधान है. कहते हैं कि अगर 16 श्रृंगार करना संभव न हो तो कम से कम तीन श्रृंगार तो जरूर करें. इसमें मेहंदी, चूड़ी और बिंदी शामिल है. कहते हैं कि हरियाली तीज के दिन श्रृंगार करने से माता पार्वती प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर आशीर्वाद बरसाती हैं. हरियाली तीज के दिन महिलाएं मां पार्वती और भगवान शंकर की पूजा करती हैं और अपने पति के लंबी आयु की कामना करती हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं.दैनिक रेवांचल टाइम्स इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

No comments:
Post a Comment