रेवांचल टाईम्स - मंडला आदिवासी बाहुल्य जिले में वनांचल और ग्रामीण अंचलों में रह रहे लोगो को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके जिसको लेकर सरकार और सरकारी तंत्र काम कर रहा है पर क्या आज भी दूरस्थ के गांवों में निवासरत ग्रामीणों को समय मे स्वास्थ्य सुविधाएं मिला पा रही है नही सरकार के द्वारा गाँव गाँव मे सरकारी भवन बना है जिसमे डॉक्टर और नर्स की नियुक्ति होनी थी पर भवन तो बन गया है और जिम्मेदार अधिकारियों ने उस भवन में अधिकारी कर्मचारी भेजना भूल गए है जहाँ पर 20 वर्षों से जामगांव क्षैत्रवासियो को स्वास्थ्य सुविधाओं का नहीं मिल रहा लाभ, पुराने स्वास्थ्य भवन को तोड दिया गया है)
मुख्य सड़क मार्ग मण्डला-सिवनी पर बसा वर्षों से उपेक्षित ग्राम जामगांव जन पद पंचायत नैनपुर आज भी केन्द्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी, विकासोन्मुखी योजनाओं के लिए मुहताज दिखाई दे रहा है, जामगांव क्षैत्र वासियों को स्वस्थ जैसी मूलभूत जन हित कारी लोक कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रखा गया है इसके के लिए विगत 25 वर्षों से शासन और स्थानीय जिला प्रशासन के पास जा जाकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं की जरुरत को पूरा करने की लगातार जन हितैषी मांग की जा रही है किन्तु आज पर्यन्त यहां पर संबंधित विभाग और जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का बिल्कुल भी ध्यान नहीं जा रहा है। यहां से प्रतिदिन शासकीय अमला की गाड़ियां गुजरती है लेकिन ग्रामीण जन समुदाय की मूलभूत जन समस्याओं पर ऐसे जिम्मेदार शासकीय तंत्र का ध्यान आकर्षित नहीं होना बड़ा आश्चर्य माना जा रहा है। ग्राम के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं मीडिया के द्वारा अनेकों बार इस विकराल स्वास्थ्य जैसी गम्भीर समस्या को लेकर आवेदन पत्र एवं जन सुनवाई कार्यक्रम में बार बार लिखित आवेदन पत्र देकर यहां की आम जनसमुदाय से जुडी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ देने की लगातार जन मांग की जा रही है किन्तु वाहरे जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के जिम्मेदार शासकीय तंत्र, ग्रामीणों को आज भी अपनी छोटी छोटी बीमारियों के इलाज के लिए इन्हें जिला मुख्यालय और जन पद पंचायत नैनपुर के चक्कर काटना पड़ता है। जामगांव क्षैत्र वासियों को लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं से पूर्णतः वंचित एवं उपेक्षित रखने मैं माहिर विभाग के आला अधिकारी कुंभकर्णी नींद में मदमस्त है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार शासकीय अधिकारी आज भी जामगांव क्षैत्र वासियों को 25 वर्षों से स्वास्थ्य सुविधाओं और विभाग की विभिन्न योजनाओं से उपेक्षित रख हुये हैं। वहीं मध्यप्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ग्रामीणों के लिये आये दिन अनेकों लोक लुभावने यादें पर यादें करते थकती नहीं है यही ग्रामीणों को आज भी भरोसे के झुनझुना लिए अपनी जीवन से खिलवाड़ करना पड़ रहा है। यहां की इस गम्भीर स्वास्थ्य सुविधाओं की जन हितैषी मांग लगातार की जा रही है किन्तु कागजों में संचालित शासकीय उपस्वास्थ्य केंद्र की सुध लेने वाला कोई नहीं दिखाई दे रहा है। ऐसा नहीं कि इस गम्भीर स्वास्थ्य समस्या की समुचित जानकारी संबंधित स्वास्थ्य विभाग,जिला प्रशासन, क्षैत्रीय विधायक,सांसद को मालूम ना हो । सब कुछ जानने के वाबजूद संबंधित विभाग और जिला प्रशासन इस दिशा में कोई भी सकारात्मक कार्यवाही आज पर्यन्त नहीं कर रहा है जो क्षैत्र वासियों के लिए आक्रोश का विषय बना हुआ है।
स्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए यहां के ग्रामीणों को दर दर भटकना पड़ता है, गांव में अगर कोई भी व्यक्ति बीमार होता है तो उसे मौत और जिन्दगी से जूझकर अन्यत्र जाना पड़ता है, जिला मुख्यालय की दूरी यहां से 40 किलोमीटर है वहीं विकास खण्ड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए 15 किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ता जहां भी लोगों सही इलाज नही मिल पाता है। लगातार जन सुनवाई और जिला प्रशासन को आवेदन पर आवेदन देने के वाबजूद जामगांव क्षैत्र वासियों की समस्या का समाधान नहीं होने पर आखिर कर ग्रामीण जनता हार मानकर अपनी जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने विवश हैं। जिला कलेक्टर मण्डला से जिले की स्वैच्छिक समाज सेवी संस्था जागृति युवा संस्थान जामगांव मण्डला एवं यहां के सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा जन मांग की गई है कि वर्षों से स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मोहताज जामगांव क्षैत्र वासियों की मांग को देखते हुए यहां पर अतिशीघ्र शासकीय उपस्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कर जन समुदाय को शासन की स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित लाभ दिया जाये और इन्हें मौत के मुंह से बचाया जाये ,ऐसी जन हितैषी मांग की गई है।अगर समय रहते ग्राम जामगांव की स्वास्थ्य समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जागृति युवा संस्थान जामगांव और क्षैत्रीय ग्रामीण जनता जन आन्दोलन और चक्काजाम जैसे कृत्य करने को मजबूर होंगे।

No comments:
Post a Comment