रेवांचल टाईम्स - मण्डला गुरूवार को एक शाम खाटू वाले के नाम श्री श्याम जी संकीर्तन कार्यक्रम का आयोजन श्री श्याम मित्र मंडल मण्डला द्वारा किया गया। खाटू जी महाराज के जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विदिशा से प्रतिमा बुलाई गई वहीं पुष्प साज-सज्जा के लिए दिल्ली से कलाकार आए हुए थे जिन्होंने आकर्षक सजावट कर सब का मन मोह लिया वहीं भजन गायक हर्ष शर्मा और उनके सहयोगियों ने संकीर्तन की ऐसी समा बांधी की भक्तगण मोहित हो गए। मण्डला में खाटू जी महाराज के लगभग एक सैकड़ा भक्त बताए जाते हैं जो समय-समय पर उनके दर्शन के लिए राजस्थान के सीकर जिला जाया करते हैं जहां पर विराजमान खाटू महाराज के दर्शन करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दरबार से कभी कोई निराश नही लौंटा है। यहां लगाई गई अर्जी कभी खाली नही जाती है। अब यहां की मित्र मंडली मण्डला में भी मंदिर स्थापना में प्रयासरत बताई जा रही है। समाजिक कार्यकर्ता अभिषेक बिलैया ने बताया कि एकादशी ग्यारस के दिन खाटू जी महाराज का जन्मउत्सव मनाया जाता है बिना किसी तैयारी के अचानक कार्यक्रम की रूपरेखा बनीं और सहयोगियो ने बाबा के आर्शीवाद से भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। मंडल ने चौपार्टी के सामने श्री श्याम बाबा के जन्मदिन के अवसर पर केक काटकर आतिशबाजी की तथा एक-दूसरे को बधाईयां दी। जहां खाटू श्याम के भजनों पर श्रृद्धालु जमकर झूमते दिखाई दिए। इस मौके पर भक्तों ने कार्यक्रम स्थल को रंगीन गुब्बारों के साथ मोर पंख, कृष्णा कटआउट, मटकी, बांसुरी आदि से सजाया हुआ था। जागरण स्थल की भव्य सजावट सबका मनमोह रही थी। यहां पूरे समय तक श्याम प्रेमियों में जन्मदिन खाटू वाले के साथ सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। श्री श्याम वंदना सज धज कर बैठयो, सांवरिये यो बैठो मुस्कावे से शुभारंभ किया। वहीं यहां हारे का सहारा खाटू श्याम हमारा, ऐसा जादू सांवरिया है तेरे प्यार में दीवाना, होकर नांचू तेरे दरबार में, एक बार तो हामी भर दे हम जान लुटा देंगे, बाबा खाटू श्याम के जन्मदिन पर विशेष भजन संदेशा खुशियों का लाया, जन्मदिन बाबा का आया, हैप्पी बर्थडे टू यू बाबा श्याम, कण कण में बास है जिसका, तिहूंलोक पे राज है उसका श्याम प्रभु को कोई अपना बनाकर देखो, कितना प्यार लुटाया प्रेम बढ़ाकर देखो, भजन कलाकार हर्ष शर्मा ने जब से देखा तुझे जाने किया हो गया, खाटू वाले श्याम मैं तेरा हो गया, खाटू वाले बाबा श्याम पर, भगत के वश में है भगवान, कर दे बैठा पार श्याम जैसे एक से बढक़र एक भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस दौरान विनय वरदानी, सृजल तिवारी, विन्नू तलरेजा, दिनेश पटैल, सुरजीत चौरसिया, सन्नी माखीजा, रोहित क्षत्री, अजय पमनानी, जितेन्द्र वर्बे, सन्नी कोष्ठा, बाबा चौरसिया, वैभव रहदवानी, यश, राजेश चौकसे, गोलू पोयाम, रोमिल सुखवानी, तनवीर खान, हिमांशु मालवानी, गिरीश अग्रवाल, शनि रेहदवानी, यश सिंगरौरे, प्रार्थ पाठक, आकाश क्षत्री, चंदू बिरयानी, पार्श जैन, राजू कोष्ठा, मानस गोयल, हेमंत, श्रीकांत, आयुष, पवन सोनी, राजेश अग्रवाल, मधुर अग्रवाल, राजा चौरसिया, शेकी साहू, हितेन्द्र चौरसिया, हर्षित शर्मा, महेश यादव, विक्की चंद्रौल, आशु सुखवानी सहित नगर के व्यापारियों ने कार्यक्रम पर सहयोग किया है। गणमान्य नागरिक पहुंचे। जिन्होंने पूजन अर्चन करते हुए बाबा के जयकारे लगाए। वहीं शैलेष दुबे द्वारा उपस्थित भक्तगणों को मोली बांधकर हवन कराया गया। बता दें कि बाबा खाटू श्याम का संबंध महाभारत काल से माना जाता है। यह पांडुपुत्र भीम के पौत्र थे। पौराणिक कथा के अनुसार खाटू श्याम की अपार शक्ति और क्षमता से प्रभावित होकर श्रीकृष्ण ने इन्हें कलियुग में अपने नाम से पूजे जाने का वरदान दिया था। वनवास के दौरान जब पांडव अपनी जान बचाते हुए भटक रहे थे तब भीम का सामना हिडिम्बा से हुआ था।
रेवांचल टाईम्स - मण्डला गुरूवार को एक शाम खाटू वाले के नाम श्री श्याम जी संकीर्तन कार्यक्रम का आयोजन श्री श्याम मित्र मंडल मण्डला द्वारा किया गया। खाटू जी महाराज के जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विदिशा से प्रतिमा बुलाई गई वहीं पुष्प साज-सज्जा के लिए दिल्ली से कलाकार आए हुए थे जिन्होंने आकर्षक सजावट कर सब का मन मोह लिया वहीं भजन गायक हर्ष शर्मा और उनके सहयोगियों ने संकीर्तन की ऐसी समा बांधी की भक्तगण मोहित हो गए। मण्डला में खाटू जी महाराज के लगभग एक सैकड़ा भक्त बताए जाते हैं जो समय-समय पर उनके दर्शन के लिए राजस्थान के सीकर जिला जाया करते हैं जहां पर विराजमान खाटू महाराज के दर्शन करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दरबार से कभी कोई निराश नही लौंटा है। यहां लगाई गई अर्जी कभी खाली नही जाती है। अब यहां की मित्र मंडली मण्डला में भी मंदिर स्थापना में प्रयासरत बताई जा रही है। समाजिक कार्यकर्ता अभिषेक बिलैया ने बताया कि एकादशी ग्यारस के दिन खाटू जी महाराज का जन्मउत्सव मनाया जाता है बिना किसी तैयारी के अचानक कार्यक्रम की रूपरेखा बनीं और सहयोगियो ने बाबा के आर्शीवाद से भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। मंडल ने चौपार्टी के सामने श्री श्याम बाबा के जन्मदिन के अवसर पर केक काटकर आतिशबाजी की तथा एक-दूसरे को बधाईयां दी। जहां खाटू श्याम के भजनों पर श्रृद्धालु जमकर झूमते दिखाई दिए। इस मौके पर भक्तों ने कार्यक्रम स्थल को रंगीन गुब्बारों के साथ मोर पंख, कृष्णा कटआउट, मटकी, बांसुरी आदि से सजाया हुआ था। जागरण स्थल की भव्य सजावट सबका मनमोह रही थी। यहां पूरे समय तक श्याम प्रेमियों में जन्मदिन खाटू वाले के साथ सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। श्री श्याम वंदना सज धज कर बैठयो, सांवरिये यो बैठो मुस्कावे से शुभारंभ किया। वहीं यहां हारे का सहारा खाटू श्याम हमारा, ऐसा जादू सांवरिया है तेरे प्यार में दीवाना, होकर नांचू तेरे दरबार में, एक बार तो हामी भर दे हम जान लुटा देंगे, बाबा खाटू श्याम के जन्मदिन पर विशेष भजन संदेशा खुशियों का लाया, जन्मदिन बाबा का आया, हैप्पी बर्थडे टू यू बाबा श्याम, कण कण में बास है जिसका, तिहूंलोक पे राज है उसका श्याम प्रभु को कोई अपना बनाकर देखो, कितना प्यार लुटाया प्रेम बढ़ाकर देखो, भजन कलाकार हर्ष शर्मा ने जब से देखा तुझे जाने किया हो गया, खाटू वाले श्याम मैं तेरा हो गया, खाटू वाले बाबा श्याम पर, भगत के वश में है भगवान, कर दे बैठा पार श्याम जैसे एक से बढक़र एक भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस दौरान विनय वरदानी, सृजल तिवारी, विन्नू तलरेजा, दिनेश पटैल, सुरजीत चौरसिया, सन्नी माखीजा, रोहित क्षत्री, अजय पमनानी, जितेन्द्र वर्बे, सन्नी कोष्ठा, बाबा चौरसिया, वैभव रहदवानी, यश, राजेश चौकसे, गोलू पोयाम, रोमिल सुखवानी, तनवीर खान, हिमांशु मालवानी, गिरीश अग्रवाल, शनि रेहदवानी, यश सिंगरौरे, प्रार्थ पाठक, आकाश क्षत्री, चंदू बिरयानी, पार्श जैन, राजू कोष्ठा, मानस गोयल, हेमंत, श्रीकांत, आयुष, पवन सोनी, राजेश अग्रवाल, मधुर अग्रवाल, राजा चौरसिया, शेकी साहू, हितेन्द्र चौरसिया, हर्षित शर्मा, महेश यादव, विक्की चंद्रौल, आशु सुखवानी सहित नगर के व्यापारियों ने कार्यक्रम पर सहयोग किया है। गणमान्य नागरिक पहुंचे। जिन्होंने पूजन अर्चन करते हुए बाबा के जयकारे लगाए। वहीं शैलेष दुबे द्वारा उपस्थित भक्तगणों को मोली बांधकर हवन कराया गया। बता दें कि बाबा खाटू श्याम का संबंध महाभारत काल से माना जाता है। यह पांडुपुत्र भीम के पौत्र थे। पौराणिक कथा के अनुसार खाटू श्याम की अपार शक्ति और क्षमता से प्रभावित होकर श्रीकृष्ण ने इन्हें कलियुग में अपने नाम से पूजे जाने का वरदान दिया था। वनवास के दौरान जब पांडव अपनी जान बचाते हुए भटक रहे थे तब भीम का सामना हिडिम्बा से हुआ था।

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