दैनिक रेवांचल टाइम्स - आदिवासी बाहुल्य जिले में ग़रीब पढे लिखे सीधे साधे बच्चों के साथ किया जा रहा खिलवाड़ और जिला प्रशासन और जिम्मेदार बैठें हुए है आँखों मे पट्टी बांध कर
वही जानकारी के अनुसार डिडोरी पुलिस की लापरवाही का आलम दिनों बजाग थाना क्षेत्र में हो रही घटनाओं को देखकर लगाया जा सकता है, क्षेत्र में अनेक ऐसी घटनाएं सामने आ रही है जिसमें पुलिस प्रशासन चुनावी गतिविधियों का बहाना बनाकर कार्यवाही की लीपापोती कर रहे हैं। बजाग थाना क्षेत्र में अनेक मामले पर मीडिया कर्मियों के दखलंदाजी के बाद जांच होती है। विगत दिनों एक हफ्ते पूर्व हुए रेप मामले में पुलिस मूकदर्शक बनी रही वहीं जिला प्रशासन और महिला थाना में पहुंचने के बाद एफ आई आर दर्ज की गई वहीं 15 नवम्बर की घटना में एक आरोपी को 22 नवंबर को कोर्ट में पेश किया गया। इसके अलावा तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्तारी मीडिया की खबर के बाद हुई। इस तरह की लापरवाही और संलिप्तता के चलते विभागीय पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगना लाजमी है।
बजाग थाना क्षेत्र अंतर्गत एक और मामला सामने आया है जिसमें चार लड़कियों ने तामेश्वर मरावी पर यूको बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देकर लाखों रूपए वसूल करने का आवेदन दिया है। ज्ञात हो कि एक बालिका ने एक माह पूर्व ही तामेश्वर मरावी पर यूको बैंक में नौकरी लगाने के नाम पर झांसा देकर रूपए वसूलने का आरोप लगाया है। वही एक अन्य युवती ने 75000 रूपए नौकरी लगाने के नाम पर झांसा देकर वसूली करने का आरोप लगाया है। इसके अलावा दो अन्य युवतियों ने यूको बैंक में नौकरी लगाने के नाम पर 30000 और 10000 रूपए देने का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया है।
क्षेत्र में इस तरह के अनेक मामले है जहां पुलिस प्रशासन आरोपी को बचाने के प्रयास में मूकदर्शक बनी रहती है तथा अनेक बार आवेदक को डराने धमकाने का प्रयास किया जाता है। बहरहाल देखना यह है कि इस तरह से नौकरी के नाम पर झांसा देकर लाखों की वसूली करने वाले पर पुलिस प्रशासन क्या कार्यवाही करता है या इस तरह के कार्यों पर पुलिस मूकदर्शक बनकर तमाशबीन बनी रहेगी।


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