रेवांचल टाईम्स - मंडला, कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कंपनी ने आए सभी 20 किसानों को एक दिन के प्रशिक्षण में मिलेट्स प्रोसेसिंग यूनिट का प्रेक्टिकल, मार्केट लिंकेजेस, एफ. पी. ओ. संचालन से संबंधित गुर सिखाए।
कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कंपनी के सी.ई.ओ. और ट्रेनर रंजीत कछवाहा ने बताया मार्केटिंग सेल्स का मेरा 18 वर्षों से भी ज्यादा का अनुभव ये कहता है कि, उत्पाद बनाने से ज्यादा कठिन होता है उसे बाजार में बेचना । जब भी मैं एफ. पी .ओ. की कोई ट्रेनिंग में अपने सुझाव देता हूं तो मेरा कहना होता है हर एफ.पी.ओ. को बीज, खाद विक्रय, ट्रेडिंग के साथ साथ प्राइमरी प्रोसेसिंग, शॉर्टिंग ग्रेडिंग के साथ वेल्यू एडिशन भी जरूर करना चाहिए। क्योंकि ज्यादा फायदा हम तभी किसानों को दे पाएंगे जब उनकी फसल से हम कोई ऐसा उत्पाद बनाएंगे जिससे कंपनी को ज्यादा फायदा हो और मेरा हमेशा से सुझाव रहता है एफ. पी. ओ. अपनी कम्पनी से जुड़े सभी किसानों को रसायन मुक्त खेती के लिए प्रोत्साहित करें । अब प्राकृतिक खेती की ओर रुझान किया जाना बहुत जरूरी है। सरकार भी इस दिशा में सहयोग कर रही है। जिससे हर फसल जैविक हो।हमारे मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो।
कोदो-कुटकी बेकरी यूनिट की सेल्स मैनेजर जमीला बेगम और मार्केटिंग मैनेजर यामोद जंघेला ने अपने अनुभव और बेकरी प्रोडक्ट के बारे में विस्तार से बताया और शुरुआत से वर्तमान तक सक्सेस स्टोरी सबसे साझा की । कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कम्पनी अध्यक्ष लक्ष्मी भांवरे ने कम्पनी के बारे में अपने खट्टे मीठे अनुभव साझा करते हुए कहा अपनी कम्पनी की ग्रोथ के लिए अलग अलग विषयों की ढेर सारी ट्रेनिंग लेना जरूरी होती है। अपने उत्पाद के लिए बाजार ढूंढने के लिए बहुत मेहनत करनी होती है और सबसे महत्वपूर्ण सभी बी.
ओ.डी. और सी.ई.ओ. मिलकर एक उद्देश्य के लिए हर दिन कार्य करें बहुत जरूरी है।


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