रेवांचल टाईम्स - मंडला, जिले की नैनपुर से सिवनी को जोड़ने वाले पुराने पुल की हालत जर्जर, बाहर निकली सरिया से हादसे का खतरा
नैनपुर से सिवनी जिले को जोड़ने वाला थांवर नदी का सेतु अपनी दुर्दशा पर आंसू बड़ा रहा है। है। पिछले दो वर्षाकाल की मार के बाद अब यह पूर्णतः जर्जर हो चुका है। अग्रेजों के जमाने पर बना चावर नदी का पुल वर्तमान में नव निर्मित पुल के कारण दिनों दिन जीर्ण शीर्ण होते जा रहा है। क्षतिग्रस्त यह पुल इस वर्ष भी वर्षा काल में न केवल आवागमन को प्रभावित करेगा अपितु जर्जर हालत में दुर्घटनाओं को निमंत्रित भी करेगा।
यदि समय रहते इस बाबद कोई ठोस पहल नहीं की गई तो आने वाले समय में यहां लंबे समय तक आवागमन बाधित रह सकता है। जाहिर है कि प्रति वर्ष बरसात के मौसम में आई बाढ़ के चलते थावर नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो रहा है। मरम्मत के नाम पर लाखों रुपयों को होली खेलकर इस पुल को आवागमन के लायक बना दिया जाता है। लेकिन हर वर्ष पहली ही बरसात की बाढ़ में मरम्मत की हकीकत उजागर हो जाती है। वर्तमान में पुराने इस पुल में गहरे गड्ढे हो चुके है। इसके अलावा पुल के दोनों ओर के सरिया बाहर निकली हुई है। इसमें रेलिंग का सर्वथा अभाव
है। जिससे यहां आवागमन दिनों दिन भयावह होता जा रहा है। पुराने पुल के ठीक चगल से यहां निर्माण किया जा रहा है। इसके कारण भी अब पुराना दिनों दिन क्षतिग्रस्त हो रहा है। पुराने पुल के पास जमा हो जिससे पानी का बहाव भी बाधित हो रहा है। वर्तमान में हो रहे निर्माण की मंथर गति को देखकर लग रहा है कि इस वर्ष भी वर्षाकाल के पहले यह पूरा नहीं किया जा सकता। लिहाजा इस समस्या से इस वर्ष भी क्षेत्र के रहवासियों को दो चार होना पड़ेगा। पुराने पुल को हालत देखकर इनको स्थायी दुरुस्तगी करने की जन मांग उठ रही है। समय रहते विभाग पुल की मरम्मत नहीं करता है।


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