वही जानकारी के अनुसार मंडला मुख्यालय सहित विकास खण्ड घुघरी में भी माफियाओं के राज चल रहा है इसे आप स्थानीय प्रशासन की अनदेखी कहे या फिर राजनीति संरक्षण कहे और जनता को लगने लगा है कि इन माफियाओं पर अब लगाम कोई नही लगा सकता क्योंकि सब को ज्यादा रुपये कमाने की चाहत दिन व दिन बढ़ रही है भले ही प्रकृति संपदा का बंदरबांट हो जाये किसी को कोई फर्क पड़ने वाला नही है।
वही घुघरी में भी अवैध उत्खनन और भंडारण भी रुकने का नाम नहीं ले रहा है वहीं देखा जाये तो नगर के आसपास संचालित स्टोन क्रेशर का संचालन करने वाले को प्रकृति ने खुली छूट दे दी है जहाँ मन लगे खोद ले और उसे अपने उपयोग में ले ले ये सब तो प्रकृति ने दी है अब अनुमानित की क्या आवश्कता है तो इन खनन माफियाओं के द्वारा बिना परमिशन के और सरकारी भूमि हो या गैर सरकारी भूमि सभी जमीनों को ब्लासटिंग करने में किसी भी तरह से कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं
घुघरी जनपद में खनिज विभाग की उदासीनता के कारण खनिज माफियाओं का आतंक दिन पर दिन बढ़ते नजर आ रहा है वन विभाग की जमीन हो या राजस्व की भूमि हो खनिज माफिया सड़क बनाकर रेत चोरी करने में जरा भी नहीं कतरा रहे हैं,
रात हो या दिन रेत का खनन और परिवहन तेजी से फल फूल रहा है वही जिन वाहनों से परिवहन किया जा रहा इन वाहनों के अधिकतर वाहनों में नंबर भी नही होते है और बात करे ट्रैक्टर ट्राली की तो वह तो कृषि उपयोग हेतु लिया गया है और रात दिन बिना कामर्शियल टेक्स दीए रात दिन अबैध कार्यो में लिप्त कर दिए है और ये सब जिला परिवहन विभाग को पता है वावजूद इसके इन अबैध ट्रैक्टरो पर कोई कार्यवाही न होना ये बाद ही दुर्भाग्य है शायद इस लिए दिन व दिन बिना नंबरों के ट्रेक्टर रात दिन धड़ल्ले से कही भी बेलगाम देखे जा सकते हैं इसमें कहीं न कहीं परिवहन विभाग की भी मिलीभगत देखने को मिल रही है जिनकी लापरवाही का खामियाजा जिला मुख्यालय से लेकर गांव गांव की जनता झेल रही है
वही बिना नंबरों के वाहन धड़ल्ले से अवैध परिवहन करते देखे जा सकते हैं चाहे रेत हो या मुर्रम हो या फिर अवैध तरीके से चल रहे क्रेशर किसी भी तरह से इन पर लगाम नहीं लग पा रही है.
वहीं सूत्र बताते हैं कि घुघरी में अधिकतर क्रेशरो जो अवैध उत्खनन और ब्लासटिंग कर रहे है उनकी शिकायत स्थानीय ग्रामीण कर चुके हैं लेकिन उनकी शिकायत में आज तक किसी भी प्रकार से कोई कार्रवाई नहीं हुई है जिससे ग्रामीणों में रोष देखने मिल रहा है, और खनिज विभाग का उदासीन रवैया और अवैध उत्खनन पर कार्रवाई न होना बल्कि इन अबैध कारोबार में लिप्त माफियाओं को कही न कही संरक्षण की ओर इशारा करता है, पर बेचारे ग्रामीण करे भी तो क्या आख़िर शिकायत के अलावा कर भी क्या सकते हैं।
इनका कहना है -
मुझे अगस्त से इस बीट का अतिरिक्त प्रभार मिला है, और नदी किनारे सड़क तो बनी है रेत निकासी होती है लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार से कारवाई नहीं हो पायी है, जब पूछा गया कि आपकी सहमति है क्या, तो मना कर दिये और आपके द्वारा डिप्टी रेंजर को जानकारी दी गई है तो आप डिप्टी रेंजर से बात कर लीजिए वही आपको सही बता पाऐगे।
मन्नू तेकाम
बीट गार्ड ऐरी
ऐरी से रेत निकासी हो रही है मुझे जानकारी में है लेकिन इसके विषय में रेंजर साहब से बात करें आप..
डिप्टी रेंजर घुघरी...
रेत निकासी तो पहले भी होती थी और अभी भी हो रही है और बर्राटोला में कोई खदान है नहीं स्वीकृत लेकिन अभी निकाल रहे हैं तो मेरी जानकारी में नहीं है...
दुर्गा प्रसाद मरावी
पटवारी घुघरी.



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