रेवाचंल टाइम्स - मंडला आदिवासी बाहुल्य जिला होने के कारण इस जिले में ग़रीबो असहाय लोगो को जिम्मेजारो ने लूट का अड्डा बना लिए है और आये दिन यहाँ शिक्षा स्वास्थ्य को लेकर छात्र छात्राओं लूट रहे है वही मंडला जिले में बालाघाट एवं अन्य जिलो से आकर पूंजीपतियों द्वारा मंडला में आकर आई: टी आई. नर्सिंग जी एन एम. संस्थाए खोलकर भोले भाले छात्र एवं छात्राओं को बड़े-बड़े सपने दिखाये जाते हैं और उन्हें भविष्य के सवारने को लेकर लुभाने वाले वादे में फसकर छात्र छात्राएँ एडमीशन तो ले लेते हैं। और बाद में पता चलता है कि इन इंस्टीट्यूटों में पर्याप्त मात्रा में टीचर का अभाव व संसाधन की सामग्री के अभाव के कारण इन छात्र-छात्राओं का उज्जवल भविष्य अंधेरे में नजर आता है। यदि इन इंस्टी- ट्यूटों की शिकायत की जाती है तो पूंजीपतियो के प्रभाव के कारण कोई कार्यवाही नहीं की जाती जिसका प्रभाव छात्र छात्राओं पर पड़ता है। और इस जिले के पिछड़े छात्र छात्रायें आये दिन लूट रहे है।
वही जानकारी के अनुसार ऐसा ही एक मामना सामने आया है जहाँ मंडला मुख्यालय में संचालित सहस्त्र धारा आई टी आई का आया है जो कि जिला मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर की दूरी में संचालित है जिसमें अध्ययनरत छात्रों ने जन सुनवाई में पहुंचकर आई टी आई मैनेजमेंट पर आरोप लगाते हुए कलेक्टर मंडना को अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। छात्रों का कहना है कि आई टी आई में प्रशिक्षित टीचर नहीं है और ना ही प्रयोगशाला में प्रयोग किये जाने वाले संसाधन भी नहीं है और मनमाने तरीके से फीस वसूली जाती है कुछ छात्रों से 30 हजार तो कुछ छात्रों से 32 हजार इस तरह से छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
वही जब छात्रों के द्वारा नोडल आई.टी. आई: गवरमेंट से की तो उन्होंने छात्रों के साथ अभद्रता की और वहाँ से भगा दिया गया और भविष्य खराब करने का कहकर धमकाया गया ऐसा कहना छात्रों का है पूर्व में छात्रों ने सी.एम. हेल्पलाइन पर भी शिकायत की थी पर प्रिंसिपल के द्वारा डरा धमका कर शिकायत बापस करवा ली गई इस संस्थान का भवन की दीवारों पर मोटी-मोटी दरारें आ गई है पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं है आने जाने का मार्ग भी जर्जर है लेब की मशीनें भी बंद पड़ी है। इंस्टीट्यूट मैं 30 छात्र प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष में 7 छात्र अध्ययनरत है फास्टेड बॉक्स की सुविधा उपलब्ध नहीं है और अग्निशमन यंत्र भी नहीं है आई टी आई में अध्ययनरत छात्र अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे है। एव देखना है कि जहाँ अपने अधिकार के लिए ओर अपने हक के लिए छात्रों ने जिला के मुखिया को शिकयते की उसमे क्या रसूखदारों पर कार्यवाही होती है।



No comments:
Post a Comment