रेवांचल टाईम्स - मंडला, 6 दिसम्बर को संविधान के जनक आदरणीय बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की पुण्यतिथि के अवसर पर शासकीय जिला पुस्तकालय मण्डला में परिचर्चा का आयोजन किया गया । इस अवसर पर उपस्थित छात्र/ छात्राओ एवं उपस्थिति वरिष्ठ नागरिको ने अपने विचार रखे प्रभारी ग्रंथपाल डा0 मुकेश कुमार लाल ने कहा कि सविधान निर्माता सर्व श्री भीमराव अम्बेडकर बडे समाज सुधारक और विद्धान थे उन्हाने अपना पूरा जीवन जातिवाद को खत्म करने एवं गरीव दलितो ,पिछडे वर्गो के उत्थान के लिए अर्पित किया । अम्बेडकर ने 1956 में बौद्ध धर्म अपनाया था। परिनिर्वाण बौद्ध घर्म के प्रमुख सिद्धातो और लक्ष्यो मे से एक है । इसका अर्थ यह कि मौत के बाद निर्वाण होता है । इस अवसर पर उपस्थित जनो ने अपने विचार रखते हुये कहा कि संविधान किसी भी राष्ट््र का आधार होता हे जिसके द्धारा राज्य अपने नागरिको की स्वतंत्रता , आपसी भाई चारा एवं न्याय की अपेक्षाओ की पूर्ति करता है इस पुण्यतिथि मे हमे श्री अम्बेडकर जी के द्धारा किये गये त्याग और तपस्या का सदैव याद रखना चाहिए । इस अवसर पर निम्नाकिंत पुस्तकालय के सदस्यगण उपस्थित थे जिनक नाम निम्नानुसार है, चन्द्र प्रकाश दुबे, सचिन सैयाम, सतीश धुर्वे, दुर्गा तिवारी ,श्याम कुमारी तेकाम दीपक मानेश्वर, नवीन मरावी नमिता सिंह, तारेन्द्र शाह धूमकेती, विजय कुमार मरावी, रितेश झारिया, देवेन्द्र सिंह मसराम, दिलीप मरावी, राजेश झारिया, अंकुश राय, सुरेन्द्र सिंह , आषीष यादव, संदीप कुमार, मंजुलता मसराम, सौरभ बर्मन, आकाश तेकाम पारस साहू, मानसी राय, प्रिया कुशवाहा, शिल्पा वर्वे , घमेन्द्र धुव्रे, देवदत्त गुप्ता, रोहित यादव, सुनील यादव सुरेन्द्र यादव, दीलेन्द्र पुशाम, राजेन्द्र यादव, अरूण मरावी , पवन कांन्ड््रा, प्रवीन भानवरे , रामकुमार मरावी , रागनी साहू, राजप्रताप ठाकुर, मयूर साहू, लीना यादव, तसलीमा बी, भानू सैयाम ,
Wednesday, December 6, 2023
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महापरिनिर्वाण दिवस पर बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर पर ग्रंथालय मे परिचर्चा...
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