रेवांचल टाईम्स - नगर पालिका परिषद के द्वारा संचालित कचरा गाड़ियां व ट्रैक्टर बिना फिटनेस बिना बीमा व बिना प्रदूषण की दौड़ नहीं खुलेआम अधिकारी को इनके बारे में भड़न तक नहीं है
बिना आरटीओ, फिटनेस, इंश्योरेंस के दौड रही कंडम कचरा गाडियां
नगर पालिका की लापरवाही : ट्रैक्टर-ट्रालियों में रजिस्ट्रेशन नंबर ही दर्ज नहीं, चालकों के पास लाइसेंस तक नहीं
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के काम में लगी नगर पालिका सिहोरा की कचरा गाडियां बिना आरटीओ, फिटनेस और इंश्योरेंस के सडकों पर फर्राटा भर रहीं है। इतना ही नहीं जो चालक इन गाडियों को चला रहे हैं, उनके पास लाइसेंस तक नहीं है। सडको पर दौडने वाले अधिकतर वाहन कंडम तक हो गए हैं, इसके फिटनेस तक का अता-पता नहीं है। नगर पालिका के पास कचरा गाडियां के अलावा खुद के ट्रैक्टर सहित एक दर्जन से अधिक वाहन हैं, लेकिन अधिकतर वाहनांे का यहीं हाल है।
नगर पालिका के पास करीब एक दर्जन के लगभग खुद के कचरा वाहन, ट्रैक्टर, पानी के टेंकर सहित दूसरे वाहन हैं, लेकिन अधिकतर वाहन कंडम हो चुके हैं। अधिकतर वाहनों के इंश्योरेंस, फिटनेस खत्म को गए हैं, लेकिन पुलिस और आरटीओं के अधिकारियांे ने इन वाहनांे पर कभी नजर नहीं पडती है। बिना आरटीओ, इंश्योरेंस के दौड रहे वाहनांे से यदि कोई हादसा हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
ट्रैक्टर से नंबर लापता, भर रहे फर्राटा
नगर पालिका के पास चार ट्रैक्टर हैं, जिनका उपयोग कचरा उठाने,पेड पौधों की कटाई छंटाई होनेे पर निकलने वाले कचरे की ढुलाई, मृत पशुओं को उठाने और निजी तथा सरकारी अस्पताल से बायो मेडिकल वेस्ट संग्रहित करने में उपयोग करती है। इनके अलावा ज्यादातर ट्रैक्टर पानी के टैंकरों की सप्लाई में काम लिए जाते हैं। जिनमें नंबर नहीं हैं। ट्रैक्टरों के साथ उपयोग होने वाली कई ट्रॉलियों में भी रजिस्ट्रेशन नंबर गायब हैं।
केस-1
नंबर तो है , लेकिन फिटनेस-इंश्योरेंस खत्म
सिहोरा में 18 वार्ड हैं। इनसे रोज करीब 20 टन से ज्यादा सूखा गीला कचरा निकलता है। नपा इसे डोर टू डोर कलेक्शन करती है। कचरा कलेक्शन के काम में लगी गाडी एमपी 20 एलबी 1487
में नंबर तो डला है, लेकिन इसका फिटनेस और इंश्योरेंस खत्म हो गया है। इस गाडी को नंबर पालिका ने साल 2019 में खरीदा था, जो मुख्य नगर पालिका अधिकारी के नाम पर दर्ज है।
केस-2
बिना नंबर की दौड रही कचरा गाडी
वार्ड नंबर 12 में कचरा कलेक्शन कर रही कचरा गाडी में नंबर ही नहीं पडा था। मतलब साफ है कि इस कचरा गाडी को आरटीओ से नंबर तो आया, लेकिन इसमें नंबर ही नहीं डाला गया। वहीं गाडी का इंश्योरेंस और फिटनेस भी खत्म हो गया है। मतलब साफ है कि बीते पांच सालों से न तो कचरा गाडियां का फिटनेस कराया गया और न इंश्योरेंस।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
जिन भी कचरा गाड़ियों और ट्रैक्टर ऑन के नंबर आरटीओ इंश्योरेंस फिटनेस और पॉल्यूशन नहीं है, उसे जल्द से जल्द करवाया जाएगा। साथी जो वहां कंडम हो चुके हैं, उन्हें अलग कर दिया जाएगा।
डॉ लक्ष्मण सिंग सारस,
मुख्य नगर पालिका अधिकारी


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