BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
नगर का व्यस्तम एक मात्र चौराहा चिलमन चौक में लगे सिग्नल बने शो पीस अराजगता फ़ैला यातायात.. - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

Wednesday, December 6, 2023

नगर का व्यस्तम एक मात्र चौराहा चिलमन चौक में लगे सिग्नल बने शो पीस अराजगता फ़ैला यातायात..



रेवांचल टाईम्स - मंडला नगर में यातायात व्यवस्थित करने और दुर्घटनाओं से लोगो को बचाने को लेकर नगर के ह्रदय स्थल चिलमन चौक में सिग्लन लगाये गए है जिसकी रेख देख नगर पालिका परिषद मंडला के द्वारा की जाती है पर अब ये केवल शो पीस बन कर रह गए है।

      वही शासन एवं प्र‌शासन के‌ द्वारा यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने हेतु कई प्रकार की योजनाएं संचालित की जाती है ताकि यातायात व्यवस्था सही ढंग से-चलाई जा सके। गली चौराहों में बढ़ते यातायात के कारण आये दिन लोगों को जाम में फंसना पड़ता है और बिगड़ी यातायात व्यवस्था के कारण से परेशानियों का सामना करना पड़ता है नगर में बढ़ते बेतर तीब वाहन दिन ब दिन तीन पहिया वाहन और ऑटो का जगह जगह अस्थायी स्टैंड से लोगो को काफी परेशानियों से गुजरना पड़ता है वही वाहनों की संख्या और दो पहिया वाहन चौपहिया वाहनों का दिनों दिन बढ़ते जाना शहर के यातायात व्यवस्था के लिये परेशानी का कारण बनते जा रहा है नगर में लोग अपने वाहनों को कहीं भी सड़को में खड़ा कर देते हैं कहीं भी बीच सड़क में ही वाहनों को रोक दिया जाता है इन वाहनों को खड़ा करने के लिए कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं बनाया गया है। जिसके कारण से ये वाहन मनमाने ढंग से पूरे शहर में इधर उधर घू‌मते हुए नजर आते है साथ ही दो पहिया वाहन चालकों के द्वारा भी नगर में धमाचौकड़ी मचाई जाती है और इन् दो पहिया वाहनों के द्वारा विभिन्न प्रकार के तेज साइलेंसरों से निकलते वाली आवाज और इन आवाज  से होने वाले ध्वनि प्रदूषण होना आम बात हो  

गई है। हम बात कर रहे है नगर के बीचो बीच स्थित चिलमन चौक में लगे इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलों की जो यातायात को कंट्रोल करने के लिये एवं सुरक्षित यातायात से लोग सड़क पार कर सकें और आना जाना कर सकें जिसके लिये लगाये गये है "पर लोगों को इन सिग्नलों के बारे में भी जानकारी नही दी गई है लोगों को इन सिग्नलों के जलने और बुझने से कोई फर्क नहीं पड़ता सिग्नल जलते बुझते रहते है और लोग आते जाते रहते हैं किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता जबकि इ‌न सिग्नलों पाइंट पर यातायात विभाग की तरफ से यातायात पुलिस की भी डियूटी लगाई जाती है ताकि यातायात व्यवस्था को कंट्रोल किया जा सके पर ऐसा नहीं होता है। बीच चौराहे में ही ऑटो स्टैंड भी बना हुआ है और डिंडौरी की और जाने वाली बसे भी बीच सड़क में खड़े कर सवारी का इंतजार करती है इस अव्यवस्थित यातायात के कारण कभी भी बड़ी घटना दुघर्टना घट सकती है, वही यातायात बिभाग के पुलिस का कहना कोई भी नहीं मानते हैं और ना ही नियम कानून का पालत करते हैं। और मंडला की जनता को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यहाँ पर सिग्नल के अनुरूप सड़क को पार करना है या नही वह तो अपने ही मनमाने ढंग से चलती लोग चौराहे पर आवागमन करते हैं जिससे यातायात बहुत बिगड़ चुका है एवं आये दिन जाम की स्थिति बनी रहती है अब सवाल यह उठता है कि यातायात विभाग के द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिये एवं यातायात नियमों के पालन करने के लिये जागरुकता अभियान चलाने के लिये लोगों को प्रेरित करना अनिवार्य होता है और यह उनकी जिम्मेदारी भी होती है। पर कुछ होता है फिर वही हालत हो जाते है अगर स्थानीय लोगों की माने तो नगर के अंदर ऑटो का मनमाना रवैया और अस्थायी स्टैंड के कारण यातायात में अराजकता फैली हुई है और चौराहे में यातायात पुलिस कभी कभार होती भी है तो उनसे अब कोई भी ऑटो चालक को फर्क नही पड़ता है।




No comments:

Post a Comment