● पिछले लॉकडाउन से उभरे नही, व्यापारियों पर फिर से लॉकडाउन की मार
● इस लॉकडाउन लागू करने में व्यापारियों की अनदेखी की गई?
रेवांचल टाइम्स। मध्यप्रदेश में कोरोना ने अपना केहर बरसा रहा है लगातार कोरोना से संक्रमित लोगो की संख्या बढ़ती जा रही है। बढ़ते कोरोना को देख मध्यप्रदेश सरकार ने सबसे पहले महानगरों में कोरोना नाईट कर्फ्यू लगाना शुरू किया इस नाईट कर्फ्यू से हालातों में कुछ सुधार नही हुआ लगातार कोरोना संक्रांति लोगो की संख्या बढ़ती गई जिसे देखकर सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में एक फिर से लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया और 9 अप्रैल 2021 दिन शुक्रवार शाम 6 बजे से लेकर 12 अप्रैल 2021दिन सोमवार सुबह 6 बजे तक प्रदेश सरकार द्वारा लॉकडाउन का गाइड लाइन जारी कर लॉकडाउन लगा दिया गया। जब प्रदेश में लॉकडाउन खबर व्यपारियो को लगी तो चारो तरफ हलचल सी मच गई। व्यपारियो ने सोशल मीडिया के मध्यम से सरकार और जिला प्रशासन गुस्सा भी दिखाए लेकिन अन्तः कुछ नही हुआ वही इस लॉकडाउन को लेकर जिले के व्यपारियो का कहना है कि कोरोना से लड़ने के लिए लॉकडाउन लगाना ठीक भी है हम समर्थन भी करते हैं पर सरकार द्वारा व्यापारियों साथ दुश्मन की तरह दुर्व्यवहार करना कहा तक उचित है व्यापारी वर्ग लिए भी कोई गाइडलाइन जारी की जाए ताकि हमारा भी जीवन चल सके। हम सरकार के साथ है सरकार के हर गाइडलाइन मानने को तैयार है सरकार जैसे कहेगी वैसा दुकान चलाने को तैयार है पर हमे अपने पृष्ठान खोलने को छूट दी जाए। लॉकडाउन से सारा व्यापार ठप हो चुका है पेट भरना मुश्किल हो रहा है।
जिला प्रशासन की अनदेखी, व्यापारियों का व्यापार हुआ ठप, हालात गम्भीर
आपको बता दे कि व्यापारी और मध्यवर्ग परिवार आज भी पिछले लॉकडाउन का मार झेल रहे है और यह लॉकडाउन व्यापारियों के लिए अनेक प्रकार के संकट पैदा कर चुकी है दुकाने बंद है आय कही से हो नही रही है एक व्यापारी के लिए आय का स्त्रोत सिर्फ उसका व्यापार ही होता है इसके अलावा और कुछ नही होता। साथ ही एक व्यापारी ने अत्यंत दुःखित होकर कहा कि ये समय मध्यवर्ग परिवार, व्यापारी और दिहाड़ी मजदूरो के लिए के लिए बेहद कठिन समय है और बहुत पीड़ादायक है हम सभी व्यापारी वर्ग सरकार और जिला प्रशासन से निवेदन करते है की व्यापारियों के साथ ऐसी बेरहमी न दिखाई जाए कोरोना गाइडलाइन और समय पाबन्दी के साथ हमे कुछ समय के लिए अपने पृष्ठान खोलने के लिए छूट दी जाए। ताकि हम जीविका चला सके। जिला प्रशासन के द्वारा दो-दो दिन करके लॉक डाउन को बढ़ाया जा रहा है अगर यह लॉकडाउन लंबा लग गया तो हमारा और हमारे परिवार के सदस्यों का जीवन बहुत मुश्किल में पड़ जायेगा क्योंकि पिछले लॉकडाउन ने हमे बर्बादी के कगार पर लाकर छोड़ दिया था इससे उभरने के लिए यहाँ-वहाँ से लाखों रुपये कर्ज लेकर बाजार में धीरे-धीरे उठने के कोशिश कर रहे थे। उसी वक़्त यह लॉकडाउन की मार अंदर तक झिझोड़ दिया। अब एक बार फिर से हमारा सारा व्यपार ठप हो गया है सरकार व्यापारियों को अनदेखी कर इस तरह के कदम उठाती है। जिसका खामियाजा एक व्यापारी के साथ-साथ उसके परिवार के सभी सदस्यों को सालो तक भुगतना पड़ता है। आगे बुजुर्ग व्यापारी ने कहा कि देश मे किसी भी प्रकार के आपदा हो, इस स्थिति में व्यापारी वर्ग और दिहाड़ी मजदूर चुप चाप सहन कर लेता है। साथ ही सबसे ज्यादा परेशानियो का सामना मध्यवर्ग व्यापारी, मध्यवर्ग परिवार, दिहाड़ी मजदूर को ही करना पड़ता है साथ ही अभी वर्तमान में देखा जा सकता है कि मध्यवर्ग परिवार, मध्यवर्ग व्यापारी और दिहाड़ी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित और परेशान है इसके लिए धीरे धीरे संकट बढ़ता जा रहा है।


No comments:
Post a Comment