ग्राम पंचायत कटंगा माल के टकटौआ में रोका गया बाल विवाह, समझाईश पर परिजनों ने मानी सलाह
मण्डला 29 अप्रैल 2021
जिले का महिला बाल विकास विभाग ने शासकीय गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य एवं उनके सशक्तिकरण के लिए विशेष कार्य कर रहा है। सेम-फ्री मंडला अभियान के तहत् कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उन्हें कुपोषण से बाहर किया जा रहा है। साथ ही निरक्षरता से आजादी अभियान के तहत् गांव की साक्षर महिला द्वारा निरक्षर महिलाओं को अक्षरज्ञान एवं सामान्य बैंकिंग गतिविधियों से परिचित कराया जा रहा है। विगत् दिनों से महिला बाल विकास विभाग बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के विरूद्ध भी प्रभावी कार्य कर रहा है। इसी तारतम्य में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्वेता तड़वे ने बताया कि बिछिया परियोजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत कटंगा माल के ग्राम टकटौआ में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से बाल विवाह कराये जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलने पर तत्काल विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। बालिका दस्तावेज के आधार पर आयु मिलान करने के पश्चात् संबंधित अमले ने परिजनों से चर्चा की एवं बाल विवाह से होने वाले नुकसान के बारे में समझाईश दी। महिला बाल विकास विभाग एवं पुलिस विभाग ने परिजनों को बाल विवाह कराने पर कानूनी प्रावधानों के बारे में भी बताया। नाबालिक बालिका का लगन तय हो चुका था किन्तु महिला बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयास से परिजनों ने अपनी बेटी का बाल विवाह नहीं करने की समझाईश को मान लिया। इस दौरान पुलिस, पर्यवेक्षक संध्या मरकाम एवं कार्यकर्ता उपस्थित रही।


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