रेवांचल टाइम्स :- केंद्र सरकार द्वारा सभी नागरिकों को स्वयं का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना संचालित की जा रही है, लेकिन आज भी इसका लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है। योजना शुरू हुए 10 साल बीत गए है, लेकिन मंडला जिले के नैनपुर में अभी भी अनेक ऐसे नागरिक हैं जो कच्चे मकानों में टूटी-फूटी छतों के सहारे अपना जीवन व्यतीत करने पर मजबूर है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में इस महत्वाकांक्षी कार्य को क्रियान्वित करने के लिए नगर पालिका में एजेंसी बनाई गयी है, वहीं ग्रामीण अंचलों में योजना का लाभ दिलाने के लिए पंचायतों को अधिकृत किया गया है, लेकिन आज भी नैनपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर 1 में कुछ गरीब परिवार अच्छे मकान के नीचे जीवन व्यतीत करने पर मजबूर है, जिनके पास स्वयं का पक्का मकान उपलब्ध नहीं है।
वार्ड नंबर 1 में हितग्राही रामस्वरूप जोकि शारीरिक रूप से लकवे का शिकार है एवं जिसकी पत्नी का स्वास्थ्य भी हमेशा खराब रहता है। इनका जीवन यापन करने का भी कोई सहारा नहीं है। पहले रामस्वरूप स्वयं कबाड़ी का कार्य कर अपने परिवार का जीवन यापन करता था। लेकिन लकवा लग जाने के बाद वह लाचार हो गया है, और अब किसी प्रकार की आवक इस परिवार के लिए नहीं बची है। एक पुत्री है जिसकी शादी हो चुकी है।
रामस्वरूप एवं उसका परिवार लगभग 3 साल से इस योजना का लाभ लेने के लिए तरस रहे हैं। इनके द्वारा सभी सरकारी दस्तावेज नगर पालिका में जमा कर दिए गए लेकिन आज दिनांक तक किसी प्रकार की भी कार्रवाई नगर पालिका द्वारा नहीं की गई है। जिसकी वजह से मजबूरन इस परिवार को कच्चे मकान में जीवन यापन करना पड़ रहा है। मकान की स्थिति यह है कि,
तेज बरसात में कब टूट कर गिर जाए इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। मकान की स्थिति काफी जर्जर हालत में है। इससे पहले तेज बरसात में मकान की दीवारें भी गिर चुकी है। तब स्वयं नगर पालिका द्वारा इस परिवार को किराए का मकान दिलवाकर रहने की व्यवस्था की गई थी। लगभग 4 महीने किराया नगर पालिका द्वारा दिया गया उसके बाद रामस्वरूप एवं उसके परिवार को इसी जर्जर मकान में भिजवा दिया गया एवं आश्वासन दिया गया कि बहुत जल्द मकान की किस्त आपके खाते में आ जाएगी।
लेकिन आज दिन तक किसी प्रकार की किस्त हितग्राही के खाते में नहीं आई है। जिससे काफी दिक्कतों का सामना हितग्राही को करना पड़ रहा है। जर्जर मकान की दीवार खतरे का सबब बनी हुई है।
यदि तेज बारिश के चलते मकान धारा शाही होता है तो, हितग्राही को जान का खतरा भी हो सकता है क्या इसकी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
वार्ड पार्षद का कहना है कि,
"मेरे द्वारा कई बार नगर पालिका को सूचना दी जा चुकी है। लेकिन आज दिनांक तक रामस्वरूप एवं उसके परिवार को आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मेरे द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं नगर पालिका अध्यक्ष को सूचना दी जा चुकी है। लेकिन आज दिनांक तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई। रामस्वरूप के घर की स्थिति अधिक जर्जर हालत में है। जो कि तेज बरसात में इस घर की दीवारें कभी भी गिर सकती हैं।जिसकी जिम्मेदारी स्वयं नगर पालिका प्रशासन की होगी।"
देवकी नंदा,
पार्षद वार्ड नंबर 1
नैनपुर रेवांचल टाइम्स से शालू अली की रिपोर्ट

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