रेवांचल टाइम्स :- मध्यप्रदेश शासन द्वारा बालाघाट जिले के समस्त पंचायतों में रोजगार सहायकों की नियुक्ति की गई है इस पर पुनर्विचार कर शासन के द्वारा समस्त रोजगार सहायकों का आपसी स्थानांतरण किया जावे सूत्र बताते हैं कि रोजगार सहायकों के द्वारा महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत कराए गए समस्त कार्यों में भारी हेराफेरी किया जा रहा है और शासन के राशियों का अफरा-तफरी कर बंदरबांट किया जा रहा ह
इसका मुख्य कारण है कि रोजगार सहायकों को उसी के गांव के पंचायत में नियुक्त किया गया है जिसके कारण अपनी मनमानी करते हुए भाई भतीजावाद एवं अपनी दबंगई दिखाते हुए शासन की योजनाओं का सही क्रियान्वयन ना करते हुए अपनी ग्राम पंचायत में अंधेरे साही कर रहे हैं बालाघाट जिले में ऐसे कई पंचायत है जो रोजगार सहायकों के द्वारा फर्जी मस्टररोल भरकर शासन की राशि का अफरा तफरी किया जा रहा है
ऐसी स्थिति में शासन के द्वारा बालाघाट जिले के समस्त रोजगार सहायकों का आपसी स्थानांतरण हो रहे शासन की राशि का अफरा तफरी पर प्रतिबंध लग सकता है
लोगों का मानना है कि रोजगार सहायक उसी ग्राम के निवासी होने के कारण अपने कारनामों से बाज नहीं आ रहे अगर रोजगार सहायकों को दूसरे पंचायत में नियुक्त किया जाता है तब उनको अपने दायित्व निर्वहन करने पर मजबूर हो जाएंगे और शासन के योजनाओं का सही तरीके से निर्माण कर सकेंगे बालाघाट जिले में ऐसे कई पंचायत है जहां पर पिताजी सरपंच है तो बेटा रोजगार सहायक के पद पर कार्य कर रहे हैं ऐसी स्थिति में गांव का विकास नहीं हो पाएगा जिसकी खामियांजा उस पंचायत के जनता को भुगतना पड़ सकता है और भुगत रहे हैं ऐसे कई पंचायत है जहां पर ग्रामीण जनता को योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं रहती और सरपंच रोजगार सहायक सचिव के द्वारा अपने सगे संबंधियों को नियुक्त कर दिया जाता है जो असंवैधानिक है
रेवांचल टाइम्स बालाघाट से खेमराज सिंह बनाफरे

No comments:
Post a Comment