खाना खाने के बाद जब वो वापस जाने लगे और सातरोड के पास पहुंचे तो किसी अज्ञान वाहन से उनकी टक्कर हो गयी और बाइक में आग लग गयी. इस घटना में तीनों युवक मारे गये. अब ये तो पोस्टमार्टम के बाद साफ होगा कि तीनों की मृत्यु जलने से हुई या फिर चोटों के कारण. घटना के बाद राहगिरों ने तीनों को सामान्य अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी. मामले की जानकारी मिलने पर डीआईजी व हिसार के पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा भी मौके पर सिविल अस्पताल पहुंचे. उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में ये मामला दुर्घटना का लगता है.
हालांकि, पुलिस की ओर से परिजनों की शिकायत के आधार पर हत्या के एंगल से भी जांच की जा रही है और जांच के लिए छह विशेष टीमें बना दी गयी हैं. घटना के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है. आर्यनगर निवासी निशांत के परिजनों ने शिकायत दी है कि निशांत को फोन पर जान से मारने की धमकी मिल रही थी. मृतकों में से एक अभिषेक के रिश्तेदार गुलाब ने बताया कि अभिषेक की कुछ माह पूर्व ही शादी हुई थी और उसके 2 माह का बेटा है, ये घटना सड़क दुर्घटना हो ही नहीं सकती, ये पूरा मामला हत्या का ही है क्योंकि सड़क दुर्घटना में बाइक व उसके सवार जलकर मर जाएं, ऐसा कभी नहीं सुना.
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