जन जागरूकता महासंघ ने की लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग।
रेवांचल टाईम्स–सैकड़ों एकड खेतों में घुसा पानी, लाखों की गेहूं फसल व मछली बही, किसानों को नहीं मिलेगा पानी।
किसानों के साथ जन जागरूकता महासंघ का जल संसाधन विभाग के अधिकारियों पर फूटा गुस्सा, तत्काल निलंबन की उठाई मांग।
कार्यपालन यंत्री महाजन ,एसडीओ शर्मा और उपयंत्री सतनामी की लापरवाही उजागर किसानों के बार बार स्थिति से अवगत कराने पर भी अपसरी ठसक में नही सुनी बात और किसानों का किया लाखों का नुकसान।
मेंटेनेंस के नाम पर की जाने वाली खानापूर्ति व क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण उत्पन्न हुई स्थिति
कान्हीवाड़ा-केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही चरम पर है। पिछले दिनों सिंचाई के लिए पानी न मिलने से परेशान टेल क्षेत्र के किसानों ने केवलारी तहसील मुख्यालय में आंदोलन किया था किंतु जल संसाधन विभाग के संबंधित अधिकारियों की लापरवाही लगातार जारी है जिसका खामियाजा किसान भुगतने को मजबूर है।
जल संसाधन विभाग भीमगढ़ दांयी तट नहर उप-संभाग क्रमांक-3 कान्हीवाड़ा अंतर्गत मुख्य नहर मोहगांव (छुई) के समीप लगभग 20 फिट टूट गई। जिससे सैकड़ों एकड़ खेतों में पानी घुस गया खेतों में लगी गेहूं की खड़ी फसल को भारी नुकसान हुआ है। तो वही नहर बंद होने से क्षेत्र के अन्य किसान सिंचाई से कई दिनों तक वंचित रहेंगे जिससे समय पर पानी ना मिलने से फसलें सूखने की संभावना जताई जा रही है।
दरअसल जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और मेंटेनेंस के नाम पर की जाने वाली खानापूर्ति और भ्रष्टाचार के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है। कार्यपालन यंत्री प्रवीण महाजन, केवलारी और कान्हीवाड़ा के प्रभारी एसडीओ रामशरण शर्मा व उपयंत्री आर. के. सतनामी की लापरवाही साफ उजागर हो गई है।
टेल क्षेत्रों के किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा था लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा 10 दिन लेट पानी छोड़ा गया।
कान्हीवाड़ा के समीप मैन कैनाल पर 1284 कैन पर गेज बना हुआ है जिससे 90-95 सेंटीमीटर ही पानी छोड़ा जाना सुनिश्चित है लेकिन एसडीओ शर्मा द्वारा क्षमता से 3 फिट अधिक पानी छोड़ा जा रहा था। इसके अलावा एसडीओ शर्मा द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर खानापूर्ति करते हुए मेल कैनाल की मेड के पास से ही पोकलैंड मशीन से खुदाई करा नहर की मैढ.के ऊपर मिट्टी डलवाई जा रही थी। इन सब भारी लापरवाही के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई।
राधेश्याम ठाकुर
अध्यक्ष
जन जागरूकता महासंघ
हम किसानों की हर मदद करेंगे मेंटेनेंस के नाम पर की जाने वाली खानापूर्ति व क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है तो जांच कराकर जिम्मेदार को सजा दिलाने का प्रयास करेंगे।
राजकुमार ठाकुर
किसान
हमने कई बार इंजीनियर साहब को बताया मगर उनके अनसुना करने से हमारी फसल बर्बाद हुई।
राहुल राजपूत
किसान
मेरी 25 एकड़ में लगी गेहूं डूब गई यदि पहले नहर की सफाई हो गई होती तो शायद ऐसा नहीं होता।
संतोष ठाकुर
किसान
निर्धारित लेबल से पानी छोड़ा जाता तो नहर नहीं टूटती और हम किसान बर्बाद नही होते।
सुभान अली
मछली पालन
मैने मछली पालन का ठेका लिया हु पिछले साल कोरोना के चलते मछली नही निकाल पाया था इस साल निकालना था मछली भी बड़ी हो गई थी मेरा भी लाखों का नुकसान हो गया है।
राकेश पाल
विधायक केवलारी
लोग बता रहे है की नहर टूटी नहीं है तोड़ी गई हैं इसमें साजिश नजर आती हैं। हम किसानों की हर संभव मदद करेंगे अभी तहसीलदार व जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से भी बात करके किसानों को सहायता दिलाने की कोशिश की जा रही हैं।
रेवांचल टाईम्स के साथ विनोद दुबे की रिपोर्ट
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