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निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

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Thursday, July 20, 2023

रिश्वत तेरे कैसे कैसे रूप....सरकारी कार्यालय में योजनाओं का लाभ देने के नाम पर रिश्वत मांगने का अनोखा तरीका...




रेवांचल टाईम्स - मंडला आदिवासी बाहुल्य जिले में लगातार भ्रष्टाचार और भ्रस्टो अधिकारियों और कर्मचारियों पर लोकायुक्त और आर्थिक अपराध अन्वेषण व्यूरो के द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है इसके बाद भी सरकारी दफ्तरों में बैठे जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी सुधारने का नाम नही ले रहे है और न ऊपर बैठें भगवान का डर भी इन्हें नजर नही आ रहा है। 

           वही मंडला के मोहगांव जनपद पंचायत में एक अनोखा मामला रिश्वत मांगने का सामने आया है जहाँ पर सरकार के द्वारा चलाई जा रही जनहितैषी योजनाओ का क्रियान्वयन की जा रही हैं ताकि ग्रामीण और आमजन तक योजनाओ का लाभ मिल सके और असहाय ग्रामीण लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सके इन योजनाओं में जैसे विधवा पेंशन योजना, विकलांग पेंशन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना एवं वृद्धावस्था पेंशन योजना जिसमें वृद्ध लोगों को केंद्र‌ एवं राज्य सरकार के द्वारा 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने के लिये सरकार प्रतिबद्ध है वृद्ध लोगों को इस पेंशन से काफी मदद (आर्थिक) हो जाती है या कहें उनके बुढ़ापे में इतने कम पैसे में भी अपना गुजर बसर कर लेते हैं। ये सारी योजनाएं ग्राम पंचायत से लेकर जनपद जिला पंचायत से संचालित की जाती है पंचायत और पर यह दुर्भाग्य कहा जाय कि योजनाओ की पात्रता रखते वाले ऐसे हितग्राहियों से अगर आवेदन लेने या स्वीकार करने के लिये रिश्वत की मांग कर्मचारियों के द्वारा की जाय तो यह कितना लाज़िमी होगा। भ्रष्टाचार इतना चरम सीमा में पहुंच गया है कि लोग मानवीय संवेदनाओं को पूर्ण रूप से भूल चुके हैं महज 600 रुपया प्रतिमाह मिलने वाली वृद्धापेंशन पाने के एवज में अगर रिश्वत की हितग्राही से मांग की जाये तो यह बड़ी शर्म की बात होगी जहाँ समाज इक्कीसवीं सदी से भी आगे बढ़ रहा है वहीं आज भी ऐसी कुंठित मानसिकता रखने वाले कर्मचारी समाज के लिये अभिशाप हैं।


      वही हम आपको बता दे यह पूरा वख्या मंडला जिले की जनपद पंचायत मोहगांव की ग्राम पंचायत धनगांव का सामने आया जहाँ पर धनगांव में रहने वाले एक बुजुर्ग नेव पेंशन पाने के लिये अपना आवेदन जनपद पंचायत में दिया है जिसको जनपद पंचायत की एक महिला कर्मचारी के द्वारा निरस्त कर दिया गया है। आवेदक आदिवासी ग्रामीण प्रेमलाल उवैती का आवेदन इस लिये निरस्त कर दिया गया है कि जनपद में पदस्थ महिला कर्मचारी के द्वारा इस वृद्ध आदिवासी से काम करने के बदले में 2 किलो घी की मांग की। गई थी प्रेमलाल उवैती के द्वारा 2 किलो घी महिला कर्मचारी को उपलब्ध नहीं कराया जा सका जिसके कारण आवेदन निरस्त कर दिया गया अब बुजुर्ग प्रेमलाल उर्वती जनपद से निराश होने के बाद जिला मुख्यालय पहुँचकर अपनी आप बीती बताने के लिये मंगलवार को लिखित रूप से जन सुनवाई में आवेदन प्रस्तुत कर जिला प्रशासन के सामने उपस्थित होकर वृक्षा पेंशन मुझे दिखाया जाने की गुहार योजना भवन में लगाई और अपनी आप बीती जिला प्रशासन को बताई जिसको पढ़कर प्रशासनिक अधिकारी भी हतप्रभ रह गये कि कैसे गरीबौ को शोषण किया जाता है और रिश्वत न मिलने के कारण से योजनाओं से वंचित रखा जाता है और पात्र होते हुए भी ऐसे गरीब बेसहारा ग्रामीणों को लाभ से दूर रखा जाता है।

          आदिवासी मंडला जिले में रिश्वत के नाम पर कभी मुर्गा दारू मांगा जाता है कभी रुपयों की मांग की तो कभी 2 किलो घी की माँग जाती है जो कि उन ग्रामीण आदिवासियों को कहीं त 'कहीं शोषित और शोषण करना आम बात हो गई है। मंडला जिला वासियों के लिये बहुत ही शोचनीय विषय है जहाँ पर पंच से लेकर सांसद विधायक और मंत्री तक सब के सब आरक्षण के चलते आदिवासी हैं जो आदिवासियों के हितों की बातें कम करते हैं सिर्फ मंचों में दिखावा व अपने स्वार्थ सिद्ध करते हैं। और इन भोले भाले आदिवासियों को अपने मीठे मीठे बातों में फसा कर केवल चुनाव जीतते है और चुनावों के समय पर अपने आदिवासी समाज के भाई भतीजे दिखाई देते हैं बाकी समय उन आदिवासियों के तरफ मुड़ के भी नहीं देखते है सिर्फ चुनाव के समय ये ग्रामीण आदिवासीयो की याद आती हैं। अब सवाल यह उठता है कि ऐसे कर्मचारियों अधिकारियों के ऊपर क्या जिला प्रशासन कार्यवाही करेगा या फिर कार्यवाही के नाम पर बस खाना पूर्ति की जायेगी और क्या ऐसे भ्रस्ट और रिश्वतखोर कर्मचारियों पर जिला प्रशासन शिकंजा कश पायेगा और उस गरीब वृद्ध को शासन की योजना का लाभ बिना रिश्वत दिये मिला पाएगा यह विचारणीय विषय है।

इनका कहना है....

मामला मेरे संज्ञान में आया था पर रिश्वत मांगने की जानकारी नही लग पाई है और ऐसा कुछ नही ये सब झूठ है, जिनका काम नही हो पाता है वह तो आरोप ही लगाएगा फिर दिखावा लेता हूँ।

                                   रघुवीर कुशवाहा

                        मुख्य कार्यपालन अधिकारी

                                  मोहगांव मंडला

आवेदन आया था पर उसमे समग्र आईडी नही थी और आधार कार्ड भी अपडेट नही था जिसको लेकर हमने उनको बतला दिया था पर मैने कोई रिश्वत के तौर पर घी नही मांगा है।

                                        नीलूफर खान

                               लिपिक जनपद मोहगांव

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