रेवांचल टाईम्स - मंडला जिले के पक्षिम सामान्य वन मंडल मंडला के अंतर्गत आने वाले वनपरिक्षेत्र बरेला में बीते दिनों हुई पेड़ो की अवैध कटाई का मामला अभी शांत नही हुआ था उससे पहले वन परिक्षेत्र बरेला के जंगलों में एक बार फिर सागौन के झाड़ो की अवैध कटाई का मामला सामने आरहा है। जिससें आप अंदाजा लगा सक्ते है वनपरिक्षेत्र बरेला के कर्मचारी व अधिकारी अपने कार्य के प्रति कितने सजग है।
बरेला वनपरिक्षेत्र में एक बार फिर हुआ व्रक्षो का कत्लेआम

हमें सूत्रों से जानकारी मिली कि बरेला वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे से करीब 500 मीटर दूर सागौन के पेड़ों की बिना अनुमति कटाई हो रही है। जब हमने वहाँ जाके देखा तो वहाँ मौजूद लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया मोगिया बाई नामक महिला के खेत से सागौन के पेड़ राजस्व की अनुमति व वन विभाग की निगरानी में काटे जाने है लेकिन उक्त ठेकेदार ने राजस्व भूमि व मुगिया बाई के खेत के अलावा वन विभाग की भूमि से कई झाड़ काट लिए है। जिसकी जानकारी हमनें संबंधित विभाग के अधिकारियों तक पहुँचाई लेकिन कोई भी अधिकारी कर्मचारी कटे हुए सागौन के पेड़ों का सत्यापन कराने घटना स्थल पर नही पहुँचा। जब हमने इस विषय पर राजस्व हल्का पटवारी से संपर्क किया तो उनका कहना था जितने झाड़ो की अनुमति काश्तकार को मिली थी उतने झाड़ो का हमने सीमांकन कर चूना डाल दिया था। उसके बाद हमें नही पता कि वहाँ पर कितने झाड़ कटे है। हल्का पटवारी से बात करने के कुछ घण्टो बाद किसी वन कर्मचारी कमर खान का फोन आया कि और पूछने लगा कि कहाँ पर झाड़ कटे है जब हमने झाड़ कटने का स्थान बताया तो कमर खान नामक कर्मचारी ने बताया कि में इस बीट का नही हूँ आपको बीट अधिकारी से बात करके बताता हूँ। लेकिन करीब एक घण्टे बाद पुनः कमर खान का फोन आता है और कहते जिस स्थान पर सागौन के पेड़ काटे जारहें है बो मुगिया बाई का खेत है जो गुरसानी बीट के कुरकुटी में पड़ता में पड़ता है वहाँ पर सब कुछ नियमानुसार हो रहा है। जब हमने कमर खान से कुछ सवाल पूछे कि 1- आपके विभाग ने कितने पेड़ो को काटने की अनुमति दी है 2- अभी तक मूंगिया बाई खेत से कितने झाड़ कटे है 3- क्या वन विभाग के मुनारे के अंदर से झाड़ कट सक्ते है 4- क्या वन भूमि के 100 मीटर के अंतर्गत पेड़ो की कटाई हो सक्ति है 5- क्या मूंगिया बाई को मिली अनुमति हमें दिखा सक्ते है तो कमर खान नामक वनकर्मी किसी भी सवाल का जबाब नही दे पाए और कहने लगे ये परिक्षेत्र मेरा नही है में इस क्षेत्र के बीट गार्ड और डिप्टी रेंजर से बात करके बताता हूँ। लेकिन अब सवाल यह उठता की जब कमर खान का क्षेत्र नही है तो साहब ये इतनी दिलचस्पी क्यो दिखा रहे है। जिन अधिकारी कर्मचारियों के क्षेत्र में सागौन की कटाई हो रही है बो लोग अपने क्षेत्र का पक्ष क्यो नही रख रहें। आखिर ऐसी क्या वजह की संबंधित बीट गार्ड व बीट अधिकारी उक्त मामले पर अपना पक्ष नही रख रहे। जबकि सच्चाई ये है इन्ही वनकर्मी की मिलीभगत से वन परिक्षेत्र की सीमा के अंदर से सागौन के झाड़ काटे गये।
वही जब वनपरिक्षेत्र अधिकारी बरेला को फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन नही उठाया, जिसके बाद पक्षिम सामान्य वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) मंडला को फोन लगया तो उनका कहना था में अभी रास्ते में हूँ थोड़ी देर बाद फोन करता हूँ। जब हमने थोड़ी देर बाद फोन लगाया तो उनका नम्बर भी कवरेज के बाहर बताने लगा।
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