निजी वाहन में टैक्सी परमिट का बोर्ड लगाकर किया गया खुला भ्रष्टाचार
रेवांचल टाईम्स - मंडला, आदिवासी जिला भ्रस्ट अधिकारियों का चारागाह साबित हो रहा है लाख जिला प्रशासन की मुखिया कलेक्टर रोक लगा दे पर भ्रस्टो ने भी कसम ख़ा रखी है की हम नही सुधरेंगे कलेक्टर हो सरकार आखिर क्या करेंगी नोटिश या फिर स्पस्टीकरण का जबाब माँगा जायेगा देगे जांच है जो चलते रहेगी पर हमें तो अपना काम करना है सरकारी धन को कैसे लूट ले बस ये सोचना है।
जिले में पदस्थ कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग के जांच आज लोकायुक्त जैसी जाँच एजेंसियों में पेंडिंग है बावजूद इसके इनके द्वारा सरकारी धन में भ्रष्टाचार करने में कोई कमी नही की जा रही है आज भी जिले में बन सड़को से लेकर अनेक कार्यो में भ्रष्टाचार में लिप्त नजर आ रही है।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री शारदा सिंह द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत जिले में किए गए निर्माण कार्यों का जवाब देने से बचने के लिए कुछ दिनों पहले कोरोना में याददाश्त कमजोर होने का बहाना बनाकर जिले की निवास विकासखण्ड की मनेरी-निवास मार्ग,बहंगा मार्ग, जन्तीपुर मार्ग जैसे सुर्खियों में चल रहे निर्माण कार्यों एवं किए गए लापरवाहियों से बचने को लेकर याददाश्त का बहाना बनाकर अपनी करतूतों पर पर्दा डालने का पुरजोर प्रयास किया गया, परन्तु सच्चाई छुपाने से नहीं छुपती नतीजा जिम्मेदारों द्वारा किए गए लापरवाही एवं भ्रष्टाचार खुलकर सामने आ ही गया।
वही कुछ दिनों पहले लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री शारदा सिंह द्वारा उपयोग किए जाने वाले शासकीय अधिग्रहण वाहन के भुगतान तथा उसके सभी अनिवार्य दस्तावेजों को लेकर विभाग के लेखा अधिकारी से वाहन से संबंधित जानकारी मांगी गई जिसमें लोक निर्माण विभाग के सहायक ग्रेड 03 कर्मचारी शरद सोनी द्वारा जानकारी दी गई कि लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन यंत्री के फील्ड वर्क हेतु शासनादेश अंतर्गत वाहन अधिग्रहण किया गया है जो मध्यप्रदेश शासन की नियमावली अंतर्गत सभी शर्तों के अनुसार निविदा आमंत्रित कर वाहन अधिग्रहण किया गया है, जिसमें वाहन 03 वर्ष से अधिक पुराना नहीं है,वाहन टैक्सी परमिट कोटे की है,वाहन अधिग्रहण के पूर्व विभाग के नाम पर अनिवार्य अमानत राशि जमा करा ली गई है, परन्तु विभाग द्वारा दी गई समस्त जानकारी फर्जी पाई गई नतीजा विभाग द्वारा जिस वाहन के नाम पर बिल-बाऊचर का भुगतान किया गया उक्त वाहन शासकीय नियमावली के विरुद्ध पाई गई और उक्त समस्त शासकीय शर्तों का उलंघन कर अपने चहेतों-रिश्तेदारों के नाम पर वाहन के एवज में शासकीय भुगतान किया गया है।
शासन की नियमावली की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई
लोक निर्माण विभाग द्वारा यह कोई पहली घटना नहीं है जब सरकार द्वारा तय नियमावली की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हो, इसके पहले भी शासन-प्रशासन के आला-अधिकारियो,जिले के सांसद-विधायकों, नेता-मंत्रियों द्वारा इस बात को लेकर चर्चा किया गया जिसमें लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन यंत्री शारदा सिंह ने जब यह कहा कि कोरोना के कारण मेरी याददाश्त कमजोर हो गई है और वहीं जिले से लेकर प्रदेश सरकार के जिम्मेदारों एवं आला-अधिकारियो द्वारा मामले को नजरंदाज किया गया और एक कमजोर याददाश्त रखने वाले अधिकारी को जिले की लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई नतीजा मनेरी-निवास मार्ग, बहंगा मार्ग, जन्तीपुर मार्ग में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा किए गए लापरवाही की सच्चाई स्पष्ट हुई और लोगों ने देखा कि सांसद के ग्रह क्षेत्र में जो दुर्दशा हुई वह किसी से छुपी नहीं।
वही जानकारों की माने तो पीडब्ल्यूडी विभाग में वाहन अधिग्रहण के एवज में जो बिल-बाऊचर द्वारा वाहन के नाम पर भुगतान किया गया है वह वाहन MP 28 BD 3297 इनोवा क्रिस्टा जो निजी उपयोग अंतर्गत पंजीकृत वाहन है और विभाग के भ्रष्टाचारी जिम्मेदारों द्वारा टैक्सी परमिट पंजीयन का फर्जी बोर्ड लगाकर खुलेआम भ्रष्टाचार किया गया है। वही जहां जिले की कलेक्टर महोदय द्वारा किए जाने वाले भ्रष्टाचारीयों के खिलाफ कार्यवाही को जिले की जनता बहुत खुश नजर आ रही है जिससे जिले की जनता को उम्मीद जागी है कि अब भ्रष्टाचारीयों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही किया जावेगा, परन्तु अभी तक लोक निर्माण विभाग के द्वारा किए जा रहे लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला जिला कलेक्टर महोदय की नजरों से कैसे बचा हुआ है। इसके पहले भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की करतूतों का चिठ्ठा-पर्चा जिला कलेक्टर महोदय के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है बावजूद इसके भ्रष्टाचारीयों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई जिससे लापरवाहियों एवं भ्रष्टाचारीयों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।



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