रेवांचल टाईम्स - जबलपुर शहर की वायु गुणवत्ता सुधार हेतु नगर निगम जबलपुर द्वारा निगमायुक्त स्वप्निल वानखड़े के निर्देशानुसार व्यापक एवं सार्थक प्रयास किया गया, और निगम का यह प्रयास आगे भी जारी है, ताकि शहर के नागरिक स्वच्छ वायु में अपने जीवन का आनंद ले सकें। अभी दो दिन से हो रही बारिश के कारण भी शहर की वायु गुणवत्ता में व्यापक सुधार आया है। इस संबंध में निगमायुक्त स्वप्निल वानखड़े ने बताया कि मौसम के कारण तथा निगम प्रशासन के प्रयासों के परिणाम स्वरूप ही नगर निगम जबलपुर त्यौहारों के समय शहर को स्वच्छ वायु गुणवत्ता कायम रखने में सफल हुआ है, प्रदेश के दूसरे शहरों की अपेक्षा जबलपुर की स्वच्छ वायु गुणवत्ता नागरिकों के लिए उत्कृष्ट है। इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 29 नवम्बर 2023 की अधतन स्थिति में जबलपुर - 45, भोपाल - 154, ग्वालियर - 322, इंदौर - 156, स्वच्छ वायु गुणवत्ता मापदण्डों पर हैं। इस प्रकार जबलपुर शहर की वायु गुणवत्ता भोपाल, इन्दौर, और ग्वालियर से बेहतर है।
सहायक आयुक्त संभव अयाची ने बताया कि पिछले दो दिवस में हुई बारिश से शहर के वातावरण में उपस्थित दूषित हवा साफ हो गई है जिससे शहर की वायु गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है आगे भी शहर की वायु गुणवत्ता इसी प्रकार बनाए रखने हेतु आम जनमानस से अपील है कि किसी भी प्रकार के कचरे को ना जलाएं, निर्माण कार्य के दौरान ग्रीन नेट का उपयोग करें एवं निर्माण में उत्पन्न होने वाली सामग्री पर पानी का छिड़काव करें, जिससे आपके आस-पास की वायु स्वच्छ बनी रहे। मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरो में भी बारिश उपरांत ऐसी स्थिति बनी थी किंतु विशेष पाबंदियां न होने के कारण फिर से वायु गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। पूर्व में जबलपुर निगम द्वारा कचरा जलाने, ग्रीन नेट का उपयोग न करने एवं मलमा सड़क पर पड़े होने पर चालानी कार्रवाई की गई है जो की पालन न होने पर यथावत जारी रहेगी।

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