रेवांचल टाईम्स - मंडला जिला प्रशासन और कृषि विभाग मंडला के अधिकारी नैनपुर नगर के खाद व्यापारी पर किसानों को अधिक दाम में खाद बैचने वाले पर कार्यवाही नही करना प्रशासन पर संदेह पैदा कर रहा है। वही खाद व्यापारी शिकायतकर्ता पर मानसिक दबाब बना रहा है। मगर जिला प्रशासन का खाद व्यापारी पर कार्यवाही नही करना अनेकों सवाल खड़ा कर रहा है। वही सरकार जिस किसी की भी आए चाहे फिर या वो राज्य मे हो या केंद्र में सभी के लिऐ कार्य का हमेशा एक मुख्य बिंदु होता है किसानों की समस्या यहां पर हर बार सरकार बिना बोले किसानो की समस्याओं को सुलझाने में लगी रहती है वही किसानो के बताए जाने पर भी जिले के अफसरों द्वारा किसानो की ना तो समस्यायों को सुना जाता है ना ही कोई कार्यवाही की जाती है।
खाद व्यापारी पर विभाग के द्वारा कार्यवाही नही करना संदेह
अभी हाल ही में ऐसा एक मामला नैनपुर नगर मे देखने को मिला जब गौरा छापर निवासी संजय कुमार ओर सतीश कुमार पंड्रो अपने खेत के लिए खाद खरीदने के लिए खाद व्यापारी सौरभ श्रीवास्तव के पास गए यहां पर व्यापारी द्वारा प्रति बैग यूरिया का मूल्य 350 रुपए बताया गया जबकि शासन द्वारा निर्धारित मूल्य 267.50 रुपए है जिसकी शिकायत संजय कुमरे द्वारा तुरंत जिला कृषि अधिकारी अली मैडम से की गई जिनके निर्देश पर नैनपुर एस ए डी ओ के द्वारा लिखित शिकायत को आधार बनाकर पंचनामा तैयार किया गया इस दौरान व्यापारी को यहां तक भी समझाया गया की किसानो को शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही यूरिया का विक्रय कर दे फिर भी व्यापारी सौरभ ने अपनी धोस बताते हुए कृषि अधिकारी के सामने ही खाद देने से मना कर दिया अब ऐसी स्थिति मंडला जिले के किसानो का भला कैसे हो सकता है जहा पर गलत काम करने के बाद भी ऐसे व्यापारियों के हौंसले बुलंद है।और अधिकारी कर्मचारी बेबस है अब देखना ये है की पूरा जिला प्रशासन बेबस है या सिर्फ कृषि विभाग क्योंकि कृषक से बात करने पर कृषक ने कहा की यदि विभाग द्वारा कार्यवाही नही होती है तो इस सुस्त रवैए की शिकायत जिला कलेक्टर से की जाएगी की जब एक जागरूक कृषक के साथ इस प्रकार का रवैया खाद व्यापारी द्वारा किया जाता है ओर विभाग मौन धारण किए हुए रहता है तो इस आदिवासी बहुल इलाके मे साधारण किसानो का क्या हाल होगा इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।

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