रेवांचल टाईम्स - मण्डला श्रीअष्ट लक्ष्मी महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत महापुराण का संगीतमय आयोजन 17 दिसंबर से 25 दिसंबर तक मेहर बाबा कुटी मैदान मण्डला में किया जा रहा है। भागवत रसिक कथावाचक पंडित रामगोपाल शास्त्री नीलू महाराज ने महापुराण के द्वितीय दिवस भक्तों को बताया कि एकादश स्कन्ध में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा उद्धव को दिया गया उपदेश, वर्णाश्रम धर्म, सांख्य-ज्ञान, भक्तियोग, संत-लक्षण इत्यादि विषयों का पूर्ण और श्रेष्ठ विवेचन है। यद्यपि श्रीमद्भागवत की सभी कथाएं भक्तियोग का उत्तम उपदेश देनेवाली एवं श्रद्धा बढ़ाने वाली हैं तथापि भगवान कपिल का माता देवहूति को उपदेश, जड़भरत, अजामिल, प्रह्लाद-चरित्र, वामनावतार एवं महाराजा बलि की कथाओं ने मेरे हृदय को विशेषतया आकृष्ट किया है। हमारे यहां प्राचीन काल में ग्रन्यों में रचनाकाल या संवत् देने की प्रथा नहीं थी। फलस्वरूप यह ठीक-ठीक पता नहीं चलता कि श्रीमद्भागवत कब लिखा गया। मूल कथ की रचना के विषय में इतना तो अवश्य ही कहा जा सकता है कि यह भगवान बुद्ध के अवतार-ग्रहण के पहले ही अपना रूप प्राप्त कर चुका होगा गंथ में उल्लिखित अवतारों में भगवान बुद्ध और कल्कि का नाम हमें भविष्य में होनेवाले अवतारों में मिलता है। ग्रन्थ में अन्यत्र उनका उल्लेख नहीं मिलताय पर द्वादश स्कन्ध में नन्द, चन्द्रगुप्त और अशोक-वर्धन आदि राजाओं के नामों का प्रवेश होने से यह शंका पुष्ट होती है कि यह भाग और इसी तरह के कई अन्य भाग मूल मथ में बाद में जोड़े गये है। इस आयोजन में 108 महात्माओं का संत सम्मेलन सवा लाख दीपदान, 251 ब्राम्हणों का भोजन एवं गीता जयंती महोत्सव एवं श्लोक प्रतियोगिता के साथ विराट सुहागले कार्यक्रम किया जा रहा है वरदान आश्रम सेवा समिति के साथ ही नगर के धर्मप्रेमी और गणमान्य नागरिक इस पुनीत कार्य में अपनी सेवा दे रहे हैं।
Tuesday, December 19, 2023
श्रीमद्भागवत कथाएं भक्तियोग का उत्तम उपदेश...
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