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निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

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Sunday, December 3, 2023

मुसीबत का केंद्र बने बैंक ग्रामीण व सेंट्रल बैंक नैनपुर चर्चा में...


रेवांचल टाईम्स - मंडला मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में बैंकों की मनमानी चरम सीमा पर पहुंच गई है। बैंकों में जरूरतमंदों को सेवाएं देने के लिए इस जिले में कोई खास ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पासबुकों में एंट्री नहीं हो रही है। पासबुक की एंट्री मशीन हमेशा खराब रहती है। शिकायत करने पर सर्वर न होने का बहाना बना दिया जाता है। लोगों के काम आसानी से पूरे नहीं हो रहे हैं। कई बार बैंकों के चक्कर लोगों को लगाने पड़ रहे हैं। मंडला एवं नैनपुर सहित सभी विकासखंडों में संचालित सभी बैंकों में इस तरह की मनमानी चल रही है। एक ऐसा ही मामला सामने आया है जो अत्यंत गंभीर है। मंडला जिले की तहसील मुख्यालय नैनपुर में संचालित सभी बैंकों की शिकायतें मिलने लगी हैं। यहां पर संचालित ग्रामीण बैंक मैनेजर से मिलना बड़ा मुश्किल काम लगता है। यहां पर इनका कैबिन ऐसा बनाया गया है कि कोई इनसे आसानी से जाकर नहीं मिल पाता है। बताया जा रहा है कि इन्होंने जानबूझकर ऐसा केबिन बनाया है कि किसी को जरूरी काम होने पर भी इनसे न मिल सके। मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक, नैनपुर में लोगों को परेशान करने और आसानी से काम नहीं करने की चर्चा ज्यादा चल रही है। इस बैंक की चर्चा यह चल रही है कि यहां पर पदस्थ कैशियर लोगों के काम लटकाने में माहिर हैं। बताया जा रहा है कि बैंकिंग संबंधी कोई मदद इसके द्वारा नहीं की जाती है। इनका व्यवहार लोगों के साथ सही नहीं रहता है। बैंकिंग संबंधी त्रुटि बताकर लोगों के काम लटका देता है। बताया यह भी जा रहा है कि यहां पर खासकर कैशियर को हटाना अत्यंत जरूरी हो गया है। इसको लेकर लोगों में भारी नाराजगी पनप रही है। लोगों की मांग है कि इसे दूसरे शाखा या जिले में ट्रांसफर किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। इसी तरह सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया की शाखा नैनपुर भी काफी चर्चा में है। यहां पर मैनेजर से लेकर चपरासी तक को हटाने की जरूरत है। यहां पर भी बैंकिंग कार्यों से संबंधित कोई मदद सही तरीके से नहीं की जाती है। बताया यह भी जा रहा है कि कोई यहां पर सीधे मुह बात नहीं करता है। जरूरतमंद नागरिक यहां पर किसी कार्य से पहुंचते हैं तो इनके बात करने का तरीका सही नहीं रहता है। लोगों ये गुर्राकर देखते हैं या कोई बात पूछने पर ये चिढ़ जाते हैं। इस तरह से नागरिक इनके व्यवहार से अत्यंत नाराज हैं और इन सबको हटाने की मांग कर रहे हैं। बैंकों की सेवाएं लोगों को आसानी से सुलभ हो सके इस बात को दृष्टिगत रखते हुए शासन प्रशासन द्वारा परिणामगत कार्यवाही करते हुए मैनेजर व सभी बैंक कर्मचारियों को व्यवहार सहज व सरल किया जावे ऐसी जनापेक्षा है।

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