रेवांचल टाईम्स - प्रस्तावित दुकानों के आसपास स्थित है कई शासकीय संस्थान विभिन्न कार्यालय के कर्मचारियों ने रोक लगाने प्रशासन को दिया आवेदन
खुले में मांस मछली के विक्रय में रोक लगाने हेतु प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध हैं नए मुखिया के सख्त निर्देश के बाद नगर के बाजार में संचालित मांस मछली की दुकानों को हटाने की कार्यवाही शुरू कर दी गई हैं उक्ताश्य के आदेश प्राप्त होने पर प्रशासन ने पूर्व में स्थित इन दुकानों को हटाकर किसी दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के लिए स्थानीय ग्राम पंचायत को मांस बिक्रेताओं की दुकानों के विस्थापन की जवाबदारी सौपी हैं जिसको लेकर ग्राम पंचायत के द्वारा बिजोरा रोड के समीप स्थित नए लोक सेवा केन्द्र के सामने की भूमि पर दुकानदारों को अस्थाई दुकानें आवंटित करने के लिए इस स्थान की साफ सफाई कराने का कार्य किया जा रहा हैं ग्राम पंचायत द्वारा मांस विक्रेता दुकानदारों के इस स्थान पर स्थापन को लेकर लोकसेवा केंद्र,आगनवाड़ी केंद्र रैयत और तेजस्वनी महासंघ में कार्यरत कर्मियों और आसपास निवास कर रहे परिवारों ने आपत्ति जताते हुए ग्राम पंचायत द्वारा उक्त दुकानदारों को बसाने के लिए उक्त भूमि पर कराए जा रहे साफ सफाई के कार्य को रोकने हेतु अनुविभागीय अधिकारी,तहसीलदार व थाना प्रभारी बजाग को आवेदन पत्र दिया है गौरतलब है की जिस जगह पर मांस विक्रेता दुकानदारों हेतु ग्राम पंचायत जमीन तलाश रही हैं वह स्थान कई दृष्टिकोण से उपयुक्त नहीं है वजह यह है की यहां कई शासकीय भवन संचालित हो रहे है प्रस्तावित दुकानों के आसपास सबसे नजदीक लोक सेवा केन्द्र,तो दूसरी तरफ नौनिहाल बच्चो का आंगनवाड़ी केंद्र और फिर एक ओर मंगलभवन में स्वसहायता समूह तेजस्वनी विकास समिति महासंघ द्वारा कुटीर उद्योग का संचालन किया जा रहा है लोकसेवा केंद्र में प्रतिदिन शासकीय कार्य हेतु आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने हर वर्ग के लोगो का आना जाना बना रहता हैं वही आंगनवाड़ी में छोटे बच्चो का स्कूल लगता है इन्ही आंगनबाड़ी के नौनिहालों के लिए बगल में स्थित कुटीर उद्योग में कोदो कुटकी से निर्मित पोषण उक्त बर्फी का निर्माण किया जाता हैं दिए गए आवेदन में उल्लेखित किया गया है की शासकीय एवं अर्धशासकीय संस्थानों के नजदीक मांस की दुकान खोले जाने से यहां पर आने वाले आमजनो पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। तथा कार्यालय के कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं इन्ही बिंदुओं को ध्यान को में रखते हुए आवेदनकर्ताओ ने प्रशासन से मांग की है की मांस विक्रताओ को किसी और स्थान पर भूमि दी जाए।


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