रेवांचल टाईम्स - मंडला, आदिवासी जिले में भ्रस्ट और भ्रष्टाचार की बाढ़ सी आ चुकी है आज मंडला जिले की एक भी ऐसी ग्राम पंचायत नही बची हुई जो कि भ्रस्टो की नजर न पड़ पाई हो आज जिले की हर ग्राम पंचायत में सरकारी निर्माण कार्यों में खुलकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है और फर्जी बिलो कि भरमार सरकार के पंचायत दर्पण में देखे जा सकते है किराने की दुकान से लोहा सीमेंट गिट्टी ली जा रही है और जिले में बहुत ऐसी भी फर्म ऐजेन्सी है जो जिले में या जमी में है ही नही है और उन्हें आज तक किसी ने देखा ही नही है पर उनके बिल पंचायत दर्पण में बड़े आसानी से देखें जा सकते है बावजूद इसके कार्यवाही न होने से भ्रस्टो के हौसले बुलंद है। जबकि सरकार ने पंचायतो में चल रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता को लेकर सब ऑनलाइन तो कर दिया है और लग रहे बिलो की समीक्षा करने या फिर उन निर्माण कार्यो पर नजर के लिए कोई जांच ऐजेन्सी नही है शायद इसी कारण आज सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, और उपयंत्री, की साठगांठ कर सरकारी योजनाओं में सरकारी धन की खुल कर होली खेल रहे है।
वही त्रिस्तरीय पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों और वित्तीय आहरण के अधिकारों की किस प्रकार यहां पर खुली धज्जियां उड़ाई जा रही है,वहीं अपने निजी आर्थिक स्वार्थ और रातों रात लखपति से करोड़पति बनने की लालसा लिये शासन एवं प्रशासन के ऐसे तमाम नियम निर्देशों को परे रखकर शासन के विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के नामों से स्वीकृत निर्माण कार्यों, योजनाओं एवं स्थानीय स्त्रोतों से ग्राम पंचायत को प्राप्त भारी भरकम शासकीय राशियों मैं डाका डालने के लिए फर्जी बिल बाऊचरो, बगैर जीएसटी नंबर के भुगतान पत्रक तैयार कर मनमाफिक राशि आहरण करने के पैंतरे आजमाया जाता हैं यह तो कभी कभार शासकीय तंत्र के इमानदार अधिकारियों की इच्छा शक्ति के चलते ऐसे भ्रष्टाचारियों की कलाई खुल जाती है पर अधिकांश पंचायतों में कार्यवाही केवल लीपा पोती कर फाइल में धूल खाते रहती है ।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसा ही एक गम्भीर मामला मंडला जिले के विकास खण्ड नैनपुर के अधीनस्थ ग्राम पंचायत पिण्डरई मैं देखने और सुनने के साथ सुर्खियों में बनी हुई है। जहां पुलिस थाना नैनपुर, की चौंकी पिण्डरई मैं दर्ज एफ आई आर अपराध क्रमांक धारा 409,420, 467,468,471,34 भारतीय दण्ड संहिता के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया है, ग्राम पंचायत पिण्डरई मैं ऐसे सभी नियम निर्देशों और शासकीय दायरे को परे रख केवल और केवल अपनी डफ़ली अपना राग के चलते यहां पर शासकीय राशि में भारी भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा कर अपने चहेतों, रिस्तेदारो, अपने खुद को आर्थिक लाभ प्राप्त करने की मन्सा लिए शासकीय राशि की खुली होली खेली गई है। जनपद पंचायत नैनपुर मैं पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनोद कुमार मरावी को प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करने एक टीम का गठन कर मौका मुआयना, स्थल निरीक्षण के साथ ऐसे सभी संदिग्ध भुगतान, बिल बाऊचरो, कैसबुक पंजी, एवं संधारित दस्तावेजों को खंगाला गया जिसमें व्यापक रूप से शासकीय धन का भारी फर्जी वाडा उजागर हुआ जिसमें पूर्ण रूप से यहां के सरपंच, उपसरपंच, सचिव, लेखा पाल की काली करतूतें उजागर हुई है,यहां पूरा मामला वर्ष 2010-11 से लेकर वर्ष 2014-15 तक ऐसे तमाम भुगतान बिल बाऊचरो, कैसबुक पंजी, बैंक स्टेटमेंट की जांच की गई जहां पर 22 लाख 50 हजार रूपये के लगभग फर्जी वाडा उजागर हुआ है। स्थानीय जन प्रतिनिधियों का कहना है कि अगर इसकी सीबीआई एवं ईओडब्ल्यू से जांच करवाई जाये तो यहां पर करोड़ों रुपयों का भारी भन्डा भोड होगा क्योंकि ग्राम पंचायत मैं आज भी ऐसे अनेकों संदिग्ध दस्तावेजों को नहीं खंगाला गया है वहीं शासकीय अभिलेख गायब होने की जानकारी प्राप्त हो रही है। पुलिस चौकी पिण्डरई मैं पदस्थ प्रभारी ने गत दिनों मीडिया को बताया कि यहां पर हुई लाखों रूपयों के गबन के आरोपियों की तलाश लगातार संघनता के साथ की जा रही है,इन आरोपियों के पता बताने वाले को पुलिस अधीक्षक मण्डला के द्वारा ईनाम राशि 2000 (दो -दो हजार रुपये पुरुस्कार देने की घोषणा की गई है। अगर कहीं पर भी आरोपी दिखाई देते हैं तो तत्काल पुलिस थाना नैनपुर, पुलिस चौकी पिण्डरई को देने का आग्रह किया गया है।
बहरहाल स्थानीय पुलिस प्रशासन एक टीम का गठन कर सभी स्थानों पर संघनता के साथ इन आरोपियों को गिरफ्तार करने भरसक प्रयास कर रही है। इन सभी आरोपियों के गिरफ्तार होने के पश्चात अनेक चौंकाने वाले परिणाम सामने आयेंगे।
अब देंखन बाकी है कि आखिरकार जिला प्रशासन इन भ्रस्टो को कहा तक कार्यवाही करने में सफल हो पाती है या फिर पिछली पंचवार्षिय में पंचायतों में सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, और उपयंत्री, इनके द्वारा किये गए सरकारी राशि मे किये ग़बन,भ्रष्टाचार पर सरपंचों पर केवल रिकवरी निकाल कर अपना पडला झाड़ती नजर आ रही है और आज तक जिला प्रशासन के द्वारा जारी सूची में एक भी सरपंचों से आज तक रिकवरी वसूल नही किये जाने की जानकारी मिल रहे है और वह फाईल भी जिला पंचायत में रखे रखे धूल ख़ा रही हैं।



No comments:
Post a Comment