रेवांचल टाईम्स - मंडला, जिले में रेत खदानों को अक्टूबर माह से नये ठेकेदार के हेण्डओवर कर दिया गया है। बावजूद इसके बाद भी खुलेआम बेधड़क नगर से लेकर गांव गांव तक दौड़ रहे कुछ में रॉयल्टी होती है तो बहुत से वाहनों में बिना रायल्टी और बिना परमिट के दौड़ रहे ट्रेक्टर, जिले की कन्हान नदी जो इंद्री ग्राम के पास है उसका अस्तित्व अब खतरे में नजर आ रहा क्योंकि उस नदी में रेत चोरों की नज़र पड़ गई और इस नदी में सरकार ने कभी खदान स्वीकृत की ही नही क्योंकि ये नदी जंगलों से होकर निकलती है।
वही जानकारी के अनुसार मंडला जिले में लगभग 26 रेत खदानें स्वीकृत है और जो खदान स्वीकृत नही वावजूद उससे रेत माफियाओं के द्वारा उसे नही बक्शा जा रही है जो खदानें स्वीकृत है उनमें 24 घण्टे खुदाई कर उन्हें खोखला कर दिए है। अब उन नदी नालों में माफियाओं की नजर है जो जंगल विभाग या राजस्व की अभिरक्षा में उन्हें भी बाहुबलीयो ने अपनी नोटों की ताकत और राजनीति संरक्षण के चलते उन्हें भी खोखला करने में लग गए है।
वही जानकारी के अनुसार नैनपुर तहसील के अंर्तगत आने वाले ग्राम इंद्री में पहले यह ही रेत खदान हुआ करती थी और खनिज विभाग की मेहरबानी के चलते बेनामी अनेक खदानें संचालित हो रही है और जिले के खनिज विभाग अधिकारी जनता को बेतुका जबाब देते है। अगर स्थानीय लोग खनिज अधिकारी से जानना चाहते ही जिले में कितने खदानें है और कितनी चल रही है कितनी बन्द है तो खनिज अधिकारी राहुल जी का जबाब होता है मुझे पता नही पता करके बताता हूँ । शायद खनिज अधिकारी इन रेत माफ़िया की ताकत के नतमस्तक है या फिर इनके बाहुबल के आगे डरा सहमे रहते है, वही जिले की बहुत सी खदानों से रेत निकाली जा रही है, लेकिन कुछ खदाने अभी भी अप्रारंभ हैं। क्योंकि जो खदाने बंद हैं उनकी अनुमति प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन उन खदानों में शाम होते ही रेत चोर अपने अपने ट्रेक्टर लेकर नदी नालों के किनारे आसानी से देखे जा रहे है पर जिन्हें चोरी रोकने का काम दिया गया है उन्हें ये रेत की चोरी और थानों के सामानों से रेत भर भर के निकल रहे डंफर, और ट्रेक्टर पर ये सब अपनी आँखों मे नोटों की पट्टी बांध कर धृष्टराज बन बैठे हुए है और देख कर भी अन देखा किया जा रहा है। स्थानीय जनता शिकायत कर कर के थक चुकी है पर ये विधायक, सांसद, और वरिष्ट जनप्रतिनिधियों की कृपा पात्र ये रेता चोरों के आगे जिम्मेदार विभाग भी नतमस्तक नजर आ रहे हैं जिले के मुखिया कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक आये दिन अपने अधीनस्थ कर्मचारी और अधिकारियों को अबैध कारोबार पर रोक लगाने के लिये आदेश निकाल रहे है पर ये अधिकारी कर्मचारी केवल उन आदेशों की फ़ाइल बना कर धूल खिला रहें हैं, वही रेत चोरी का सिलसिला जारी है।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कि कन्हान नदी में पहले कभी भी खदान स्वीकृत नही थी और बंजर नदी में अब रेत बहुत ही कम हो चुकी है और बंजर नदी की सभी स्वीकृत खदानों में रेत नही बचा है और कन्हान नदी में अचानक से पिछले वर्ष से खदान स्वीकृत कर दी गई कन्हान नदी में रेत पटा पड़ा था तो तो रेत माफ़िया के द्वारा उसे भी अपने कानूनी दाव पेच लगा कर रेत खदान स्वीकृत कर खोखला करना शुरू कर दिया है, वही कन्हान नदी सहित भुआ बिछिया, बम्हनी, भवरदा, हिरदेनगर, मुक़दरा, अंजनिया, टाटरी, मोहगांव चाबी, क्षेत्र में रेत का बेहिसाब अवैध उत्खनन हो रहा है।
वही शिकायतें होने पर प्रशासन द्वारा गिने चुने कुछ लोगों को पकड़ा जाता है, वहीं नाममात्र के लिए कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन अवैध उत्खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई न करने से अवैध उत्खनन करने वालों के हौसले बुलंद है और वह लगातार अवैध उत्खनन करने में जुटे हुए हैं । उत्खनन करने वालों की राजनीतिक व प्रशासनिक पकड़- खनिज माफियाओं की राजनीतिक व प्रशासनिक अच्छी पकड़ है। इस कारण क्षेत्र में अवैध उत्खनन कर राजस्व को चूना लगा रहे हैं, वहीं अधिकारी भी इसे नजरअंदाज कर अनुचित लाभ ले रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक अवैध उत्खनन करने वालों की अच्छी स पकड़ है। कोई जनप्रतिनिधि की बताता है, तो प्रशासनिक अधिकारियों की आड़ में उत्खनन करने में जुटे हुए हैं।
शाम होते ही शुरू होता है रेत का खेल मधुमक्खी की तरह देखे जा सकते है डंफर और ट्रैक्टर की झुंड
जिले की कुछ खदाने ऐसी जगह हैं जहां शाम होते ही सभी रेता चोर अपने अपने ट्रैक्टर और 407, डंफर लेकर जे सी बी और पोखलेन से पानी के अंदर से रेत निकाल निकाल कर पूरी रात के अंधेरे में माफियाओं के द्वारा अवैध तरीके से रेत निकालने का खेल किया जा रहा है। इस संबंध में क्षेत्र से जानकारी जुटाई तो पता चला कि राजनैतिक और पुलिस एवं फॉरेस्ट तथा राजस्व का अमला रेत माफियाओं को सहयोग देकर रेत का अवैध उत्खनन हल करवा रहा है। रेत के इस अवैध कारोबार को संरक्षण देने में जिम्मेदार भूमिका निभा रहे हैं जिसका फायदा अन्य जिले से आये लोगों द्वारा उठाया जा रहा है। रेत के अवैध कारोबार पर लगाम कौन लगायेगा क्योंकि जिम्मेदार लोग इन माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं।
बंजर, सर्पन, और हालोन नदी का सीना छलनी कर रहे रेत माफिया
वही बिछिया नैनपुर, का क्षेत्र बालाघाट जिले की सीमा से लगा हुआ है जहां महत्वपूर्ण नदी न हलोन का सीना इन दिनों रेत माफिया के द्वारा नदियों का सीना छलनी कर रेत निकाली जा रही है। हालोन और उसकी सहायक नदियों में रोजाना रेत का अवैध तरीके से खनन का खेल लगातार जारी है। नदियों में अवैध रूप से चल रहे रेत उत्खनन कार्य से जहां शासन को लाखों रुपए की रॉयल्टी का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। इसके साथ ही नदियों के अस्तित्व पर संकट भी गहराता जा रहा है साथ ही जलीय जीव-जंतुओं पर भी इसका असर दिखने लगा है।
अनेक बंद खदानों से, शाम से लेकर सुबह तक रोजाना निकाली जा रही रेत...
जिले की अनेक खदाने जिसकी अनुमति नहीं मिली है, लेकिन उन खदानों से रोजाना दर्जनों ट्रैकटर ट्राली, डंपर, 407 में रेत लोड कर परिवहन किया जा रहा है, वहीं बिछिया, घुघरी, मोहगांव, बम्हनी बंजर क्षेत्र की खदानों से रोजाना रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। खनिज विभाग के निरीक्षक और पूरे विभाग के उदासीन रवैये ने खनिज माफियाओं को सक्रिय कर दिया है। और रेत माफिया मौके का फायदा उठाते हुए रोजाना अवैध उत्खनन कर ट्रैक्टर ट्राली डंफर से रेत ले जाई जा रही है। और आसपास के जिलों में भी पहुँचाई जा रही हैं, इनके अवैध रेत के उत्खनन और परिवहन से राजस्व विभाग को लाखों नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
सूचना देने के बाद खनिज विभाग नहीं दे रहे ध्यान और न ही दबिश कभी भी मौके नही पहुँच रहे जिम्मेदार विभाग
वही इन अबैध उत्खनन माफियाओं से ग्राम इंद्री, जहरमऊ, बम्हनी, महाराजपुर और मंडला नगर से शाम होते ही डंफर भर भर के रेत की धुलाई करते नजर आ रहे है और स्थानीय लोग भी इन रेत चोरों की धमाचौकड़ी के चलते परेशान है और इनकी शिकायत न पुलिस विभाग सुन रहा है और न खनिज विभाग सुन रहा हैं, क्षेत्र के लोगों ने बताया कि नदी में पानी के अंदर से रेत खदानों से मशीनों के माध्यम से भारी मात्रा में रेत निकालकर ट्रेक्टर ट्रालियां और डम्फरों में लोड कर परिवहन किया जा रहा है। जबकि वर्तमान में जो रेत खदाने बंद है. वहीं से रेत निकाली जारही है। माफिया बेखौफ होकर रेत निकाल रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि जिम्मेदार अधिकारियों को रेत खदान से रेत निकाले जाने की जानकारी दी गई, लेकिन खनिज विभाग का कोई भी अमला कार्यवाही के लिए नहीं पहुंचा। खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई न करने से अवैध उत्खनन करने वालों के हौसले बुलंद है और वह लगातार अवैध उत्खनन करने में जुटे हुए हैं।
वही रेत चोर रेत नदी के किनारे और आसपास डंप कर फिर दिन भर रेत भर भर के नगरों के अंदर दौड़ रहे है और यातायात व्यवस्था भी चौपट कर रहे है और बेलाग़ाम सड़को में तेज रफ़्तार से दौड़ रहे ट्रेक्टर डंफर से आये दिन घटना दुर्घटना की ख़बरे सामने आ रही है और इन रेत का परिवहन कर रहे ट्रैक्टरों में और ट्राली में कोई नम्बर भी नही होता है और न ही कमर्शियल टेक्स पटा रहे है इसके बाद भी बेधड़क सड़को में दौड़ रहे है ये सब न जिला परिवहन अधिकारी को नजर आ रहा और न ही जिले के यातायात प्रभारी को नजर आ रहा हैं कार्यवाही न होने के कारण इन रेत माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे है।



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