रेवांचल टाईम्स - मंडला आदिवासी बाहुल्य जिले में जनप्रतिनिधि तो निष्क्रिय है ही पर अब लगता है कि जिला प्रशासन में बैठें हुए जिम्मेदार अधिकारी भी मिली शिकायतें में कोई कार्यवाही न करना बल्कि उन्हें अपने निजी स्वार्थों के चलते गलत कार्य और कुटरचित दस्तावेज़ो में नोकरी कर कर्मचारियों के ख़िलाफ़ कार्यवाही न होने से उनके हौसला बुलंद है और जो ग़रीब पढ़ लिख कर अच्छे अंकों से पास हुआ पर उसके पास पैसा न होना कर न ही शोर्ष होने के कारण से शिक्षा के आधार पर नोकरी नही मिल रही और जो बिना पढ़े सेटिंग से दस्तवेज तैयार करवा और साठगांठ कर आज नोकरी कर रहे है और अच्छे पद में जो खुद ही शासन के साथ धोखा धड़ी करने नोकरी पाई है वह बच्चों क्या अच्छी शिक्षा दे पाऐगे इसकी क्या गारंटी है पर मंडला जिले में ये आम बात है इस जिले में फर्जी और गलत कार्य करने वाले दोनों हाथों से मलाई छान रहे है और जो पात्र है वह दर बदर भटक रहे है।
वही जानकारी के अनुसार एक मामला प्रकाश में आया है जहाँ विकास खण्ड भुआ बिछिया के उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल में वर्ग 2 में जनशिक्षक के पद में पदस्थ है और इनके द्वारा नोकरी पाने के लिए अपने शैक्षिणिक योग्यता और सरकारी पद पाने के लिए जो योग्यता होनी चाहिए उन दस्तावेजों को कूटरचित तरीके से तैयार कर विभाग के समक्ष देकर आज नोकरी कर रहे और शासन को आर्थिक छती पहुँचाई जा रही हैं। जिसकी शिकायत RTI कार्यकर्ता ने मंडला जिला पंचायत से सूचना अधिकार के आवेदन लगा कर समल सिंह सैयाम के शैक्षणिक दस्तवेजो कि माँग की और विभाग से प्राप्त दस्तावेज़ो को जाँच और उनकी सत्यता जानने हेतु वरिष्ट कार्यालय भेजा गया जहाँ उन दस्तावेजों का सत्यापन करते हुए उन्हें
सूचना अधिकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार समल सिंह सैयाम पिता जोनू सिंह सैयाम निवासी ग्राम जैरासी विकासखण्ड बैहर जिला बालाघाट के द्वारा कूटरचित (फर्जी) शैक्षणिक दस्तावेज के आधार पर संविदा शाला शिक्षक श्रेणी दो की नियुक्ति प्राप्त कर शासन के साथ धोखाधड़ी एवं शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने की जांच कर पद से पृथक करते हुये अपराधिक प्रकरण दर्ज करने को लेकर
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में समल सिंह पिता श्री जोनू सिंह सैयाम के ऊपर गंभीर आरोप लागते हुए समल सिंह सैयाम के द्वारा शैक्षणिक योग्यता के दास्तावेजों के साथ छेडछाड करते हुये शासन के साथ धड़ी की है एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शासकीय सेवा लाभ लेने संबंधी विवरण निम्नानुसार आवेदन में लिखा है और बिंदुओं में लिखा है कि
यह कि श्री समल सिंह सैयाम पिता श्री जोनू सिंह सैयाम निवासी ग्राम जैरासी विकासखण्ड बैहर जिला बालाघाट के मूल निवासी है। इनके द्वारा शासकीय सेवा का लाभ लेने हेतु कूटरचरित शैक्षणिक दस्तावेज लगाकर आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित शैक्षणिक संस्था में संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 2 के पद प्राप्त कर प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु कूटरचित व्यापम पात्रता परीक्षा की अंकसूची (फर्जी) का प्रयोग कर शासकीय सेवा का लाभ ले रहे हैं साथ ही शासन के द्वारा धोखाधड़ी करते हुये शासन को आर्थिक क्षति पहुंचा रहे हैं।
यह कि समल सिंह सैयाम पिता जोनू सिंह सैयाम निवासी ग्राम जैरासी विकासखण्ड बैहर जिला बालाघाट के द्वारा कार्यालय जिला पंचायत मण्डला के पत्र क्रमांक /जि.पं./स्था. /2009/ 2024 मण्डला दिनांक 13.11.2009 में जारी आदेश मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के पत्र क्रमांक एफ-1-32/2008/20-1 दिनांक 09.07.2008 मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल दिनांक 06.05.2005 में प्रकाशित म.प्र. पंचायत संविदा शाला शिक्षक (नियोजन एवं सांख्यिकीय) की शर्ते व नियम 2005 संशोधित नियम 2008 एवं शासन द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में जिला पंचायत मण्डला द्वारा आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित शैक्षणिक संस्था में संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 2 (सामाजिक विज्ञान विषय समूह) के पद में 3 वर्ष की कालावधि के लिये अंकित शर्तों के अधीन माध्यमिक शाला भिलवानी विकासखण्ड भुआ बिछिया मण्डला जिला मण्डला में चयनित करते हुये पदस्त किया गया वर्तमान में ये विकासखण्ड भुआ बिछिया के अंतर्गत संकुल केन्द्र किसली भिलवानी में जनशिक्षक के पद पर कार्यरत हैं।
यह कि प्राप्त जानकारी के अनुसार समल सिंह सैयाम के द्वारा मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा (व्यापम) से प्राप्त अंक सूची दस्तावेज में कूटरचित तरीके से तैयार की गई एवं अंक सूची को फर्जी तैयार की गई व्यापम पात्रता परीक्षा की प्रमाण पत्र सह अंकसूची के आधार पर इन्हें मध्यप्रदेश संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 2 का पद प्राप्त हुआ है जो कि सूक्ष्मता से जांच करने पर कूटरचित तरीके से तैयार की गई (फर्जी) बनाई गई अंकसूची की मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल भोपाल से जांच कराने पर वास्तविकता स्वयं ही सामने आ जावेगी। यह कि सूचना अधिकार के आवेदन से प्राप्त जानकारी के अनुसार समल सिंह सैयाम के द्वारा विभाग के समक्ष अपनी शैक्षणिक योग्यता संबंधित दस्तावेज माध्यमिक शिक्षा मण्डल म.प्र. भोपाल से जारी डिप्लोमा इन एजूकेशन द्विवर्षीय पाठ्यक्रम 2006 जिसका केन्द्र / संस्था क्रमांक 7101 एवं नामांकन क्र. 0643634 हैं एवं रोल नंबर 547230 नियमित / स्वाध्यायी CORR. COURSE इस अंकसूची के आधार पर प्रथम श्रेणी हैं जो शासकीय जिला ऐजूकेशन ट्रेनिंग स्कूल जबलपुर (म.प्र.) से प्राप्त की गई जिसमें प्राचार्य के सील अंकित है।
यह कि समल सिंह सैयाम के द्वारा विभाग के समक्ष प्रस्तुत डिप्लोमा इन एजूकेशन द्विवर्षीय पाठ्यक्रम 2006 की अंकसूची का कोई रिकार्ड जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जबलपुर में होना नहीं पाया गया है। श्री समल सिंह सैयाम जी के द्वारा विभाग समक्ष प्रस्तुत अंकसूची में जो रोल नंबर अंकित है 5472630 यह रोल नंबर न ही नियमित छात्र और न ही स्वाध्यायी छात्र को जारी किया गया है। प्राचार्य प्रशिक्षण संस्था जबलपुर द्वारा बताया गया एवं लिखित में भी दिया गया है कि वेरिफिकेशन के दौरान अंकसूची में अंकित रोल नंबर कार्यालय में उपलब्ध ही नहीं हैं एवं इस रोल नंबर की कोई भी अंकसूची जारी नहीं की गई है एवं इस रोल नंबर का कार्यालय में कोई भी रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। समल सिंह सैयाम जी के द्वारा विभाग को दी गई अंकसूची संदेह के घेर में है और जांच योग्य भी है।
वही समल सिंह सैयाम पुत्र पुत्र जोनू सिंह सैयाम के द्वारा उक्त अंकसूची का प्रयोग कर नियम विरूद्ध अपराधिक कृत्य किऐ गये तथा कूटरचित दस्तावेजो के आधार पर शासकीय सेवा में नियुक्ति पाकर शासन से धोखाधड़ी व शासन को लगातार आर्थिक क्षति पहुँचाई जा रही है।
जिसकी शिकायतकर्ता के द्वारा जिले के कलेक्टर मंडला, पुलिस अधीक्षक मंडला सहायक आयुक जनजाति कार्य विकास विभाग मंडला, और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मंडला सहित सभी जिम्मेदार अधिकारियों को लिखित आवेदन दिया है, पर आज महीनों बीत गए पर कोई जाँच नही हुई हैं ।
इनका कहना है....
मंडला जिले में जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन निष्क्रिय हो चुके है इस जिले में जांच के लिए शिकायत दी जाती है तो उनमें कभी भी जांच नही कि जाति बल्कि ऐसा प्रतीत होता है कि हम शिकायतें दे कर अधिकारियों को पका पकाया निवाला दे दिया है शायद इसी कारण इस जिले का विकास आज तक नही हुआ इस जिले सभी निष्क्रिय हैं पर मेरे द्वारा जल्द ही न्याय पाने माननीय उच्च न्यायालय की शरण ली जायेगी।
शिकायतकर्ता
राजेन्द्र वर्मा
आपके माध्यम से मुझे जानकारी प्राप्त हुई इस प्रकरण को तत्काल संज्ञान में लेकर अनुसाशनत्मक कार्यवाही की जावेगा आप निश्चिंत रहे।
कुलदीप कठहल
खण्ड शिक्षा अधिकारी बिछिया


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